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निगम की भरी तिजोरी: एक ही दिन में ₹101 करोड़ से ज्यादा निगम के खाते में,वर्ष की अंतिम लोक अदालत में रिकॉर्ड वसूली,

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निगम की भरी तिजोरी: एक ही दिन में ₹101 करोड़ से ज्यादा निगम के खाते में,वर्ष की अंतिम लोक अदालत में रिकॉर्ड वसूली,
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    आर्थिक तंगी से जूझ रहे इंदौर नगर निगम के लिए वर्ष 2025 की अंतिम राष्ट्रीय लोक अदालत किसी संजीवनी से कम नहीं रही। शनिवार, 13 दिसंबर को आयोजित लोक अदालत में बकायादारों की ऐसी भीड़ उमड़ी कि निगम की तिजोरी छलक उठी। शहर के सभी 22 जोनल कार्यालयों में संपत्तिकर, जलकर और कचरा संग्रहण शुल्क जमा कराने वालों का रेला लगा रहा और देखते ही देखते एक ही दिन में ₹101 करोड़ से अधिक का रिकॉर्ड राजस्व निगम के खाते में पहुंच गया।

    जोन 22 रहा अव्वल, अकेले से आया करीब 14 करोड़ का राजस्व

    शनिवार की लोक अदालत में सबसे ज्यादा राजस्व जोन 22 से प्राप्त हुआ। यहां 1282 नागरिकों ने संपत्तिकर जमा कराया, जिससे निगम को संपत्तिकर के रूप में ₹13 करोड़ 63 लाख 41 हजार 452 रुपये मिले। इसके अलावा 116 लोगों ने जलकर के रूप में ₹8 लाख 10 हजार 567 रुपये और 29 लोगों ने कचरा संग्रहण शुल्क के रूप में ₹4 लाख 10 हजार 345 रुपये जमा कराए। इस तरह जोन 22 से कुल मिलाकर ₹13 करोड़ 75 लाख 62 हजार से अधिक का राजस्व निगम को प्राप्त हुआ।

    चार जोन से 10 करोड़ से ज्यादा की कमाई

    शहर के 22 जोनों में से चार जोन ऐसे रहे, जहां से निगम को 10 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व मिला। इनमें जोन 22 के साथ जोन 16, 17 और 21 शामिल हैं। वहीं, राजस्व संग्रहण के मामले में जोन 6 सबसे पीछे रहा, जहां से महज ₹45 लाख 20 हजार का ही राजस्व निगम के खाते में आ सका।

    राष्ट्रीय लोक अदालत: एक नजर में रिकॉर्ड आंकड़े

    शनिवार की लोक अदालत में आंकड़े खुद कहानी बयां कर रहे हैं।
    22 जोनों में कुल 19,952 लोगों ने बकाया संपत्तिकर जमा कराया, जिससे ₹99 करोड़ 7 लाख 97 हजार 657 रुपये निगम को मिले। वहीं 3,601 बकायादारों ने जलकर जमा कराया और ₹2 करोड़ 48 लाख 41 हजार 886 रुपये निगम खाते में पहुंचे। कचरा संग्रहण शुल्क के तहत 688 लोगों ने बकाया चुकाया, जिससे ₹22 लाख 24 हजार 377 रुपये जमा हुए। कुल मिलाकर 24,221 बकायादारों ने शुल्क जमा किया और एक ही दिन में ₹1 अरब 1 करोड़ 78 लाख 63 हजार 920 रुपये का राजस्व निगम को मिला।

    लगातार प्रयासों का नतीजा: राजस्व प्रभारी

    इंदौर नगर निगम के राजस्व प्रभारी निरंजन सिंह चौहान ने कहा कि राजस्व संग्रहण बढ़ाने के लिए लगातार और योजनाबद्ध प्रयास किए गए थे। उन्होंने बताया कि शनिवार की राष्ट्रीय लोक अदालत में ₹101 करोड़ से अधिक की वसूली होना इन्हीं सतत प्रयासों का परिणाम है। निगम आने वाले समय में भी इसी तरह सख्ती और सुविधा के साथ राजस्व संग्रहण अभियान जारी रखेगा।

    Hemant Nagle
    By Hemant Nagle

    हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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