Manisha Dhanwani
31 Jan 2026
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30 Jan 2026
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Shivani Gupta
29 Jan 2026
वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि भारत अब ईरान से कच्चा तेल आयात करने के बजाय वेनेजुएला से तेल खरीदेगा। ट्रंप के मुताबिक, इस संबंध में भारत के साथ एक समझौता हो चुका है। वॉशिंगटन डीसी से एयर फोर्स वन में यात्रा के दौरान पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि भारत के साथ इस तेल सौदे का ढांचा पहले ही तय कर लिया गया है।
उन्होंने कहा, “हमने एक डील फाइनल कर ली है। भारत अब ईरान की जगह वेनेजुएला से तेल खरीदेगा।” हालांकि, इस दावे पर भारत सरकार की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ट्रम्प ने यह भी कहा कि अगर चीन चाहे तो वह भी वेनेजुएला से तेल खरीद सकता है। उनके मुताबिक, वेनेजुएला के साथ तेल कारोबार को लेकर अन्य देशों के लिए भी विकल्प खुले हुए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 जनवरी को वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज से टेलीफोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने भारत–वेनेजुएला द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर सहमति जताई। मोदी ने X पर पोस्ट कर कहा कि दोनों देशों ने साझेदारी को गहराने और आने वाले वर्षों में रिश्तों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के साझा विजन के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया है।
भारत ने 2019 के बाद वेनेजुएला से कच्चे तेल का आयात बंद कर दिया था। इसकी वजह अमेरिका द्वारा लगाए गए कड़े आर्थिक प्रतिबंध थे। अमेरिका ने वेनेजुएला पर सेकेंडरी सेंक्शंस भी लागू किए थे। सेकेंडरी सेंक्शंस के तहत जो भी देश या कंपनी वेनेजुएला से तेल खरीदती, उसे अमेरिकी बाजार में व्यापार, डॉलर ट्रांजैक्शन और बैंकिंग सुविधाओं से वंचित किया जा सकता था। इसी दबाव के चलते भारत समेत कई देशों ने वेनेजुएला से तेल खरीदना रोक दिया था।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की बड़ी निजी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने वेनेजुएला से फिर से कच्चा तेल खरीदने के लिए अमेरिका से मंजूरी लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पश्चिमी देश भारत पर रूस से तेल आयात कम करने का दबाव बना रहे हैं। ऐसे में रिलायंस इंडस्ट्रीज अपने लिए वैकल्पिक तेल सप्लाई को सुरक्षित करना चाहती है।
सूत्रों के अनुसार, इस मंजूरी को हासिल करने के लिए रिलायंस के प्रतिनिधि अमेरिका के यूएस स्टेट डिपार्टमेंट और यूएस ट्रेजरी डिपार्टमेंट के अधिकारियों से बातचीत कर रहे हैं। हालांकि, इस पूरे मामले पर रिलायंस इंडस्ट्रीज ने रॉयटर्स की ओर से भेजे गए ईमेल का तत्काल कोई जवाब नहीं दिया।