Budget 2026 :ग्रीन एनर्जी को बड़ा बूस्ट, बायोगैस-सीएनजी और लिथियम बैटरी को नई उड़ान
बजट 2026-27 में ग्रीन एनर्जी और क्लीन टेक्नोलॉजी को बड़ा बूस्ट मिला है। लिथियम आयन बैटरी, इलेक्ट्रिक वाहनों और बायोगैस मिक्स सीएनजी को राहत दी गई। बैटरी मैन्युफैक्चरिंग, सोलर ग्लास और क्रिटिकल मिनरल्स पर छूट से इंडस्ट्री को मजबूती मिलेगी। PLI योजना से देश में बैटरी उत्पादन और क्लीन एनर्जी इकोसिस्टम मजबूत होगा।

AI जनरेटेड सारांश
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज यूनियन बजट पेश करते हुए ग्रीन एनर्जी सेक्टर को मजबूत करने के लिए कई बड़े ऐलान किए। लिथियम आयन बैटरी, बायोगैस आधारित सीएनजी और इलेक्ट्रिक व्हीकल जैसे क्षेत्र अब सरकार की प्राथमिकता में हैं। इन फैसलों से बैटरी मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और क्लीन फ्यूल को फायदा मिलेगा।
बैटरी मैन्युफैक्चरिंग को राहत
- लिथियम आयन बैटरी बनाने में इस्तेमाल होने वाले कैपिटल गुड्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी छूट को अगले वित्त वर्ष तक बढ़ाया गया
- इससे बैटरी बनाने वाली कंपनियों की लागत घटेगी और नए निवेश को बढ़ावा मिलेगा
- इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी कुल लागत का लगभग 40% होती है, अब लागत कम होने से वाहनों की कीमत पर भी असर होगा
बायोगैस मिक्स सीएनजी को बढ़ावा
- बायोगैस ब्लेंडेड सीएनजी पर सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी में बायोगैस के प्राइस को बाहर रखा जाएगा
- इससे ग्रीन फ्यूल की कीमत कम होगी और इसका इस्तेमाल बढ़ेगा
- यह कदम देश में सस्ती और क्लीन ईंधन को बढ़ावा देगा
बैटरी मैन्युफैक्चरिंग का मजबूत इकोसिस्टम
- PLI (Production Linked Incentive) योजना के तहत एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल बैटरी का उत्पादन बढ़ेगा
- इससे देश में बैटरी और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का मजबूत इकोसिस्टम तैयार होगा
- भारत क्लीन एनर्जी और नई तकनीक के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ेगा
सोलर ग्लास और क्रिटिकल मिनरल्स पर फोकस
- सोलर ग्लास बनाने में इस्तेमाल होने वाले सोडियम एंटी मोनेट पर इंपोर्ट ड्यूटी से छूट
- क्रिटिकल मिनरल्स की प्रोसेसिंग के लिए जरूरी कैपिटल गुड्स का ड्यूटी फ्री इंपोर्ट
- इससे सोलर और बैटरी इंडस्ट्री को मजबूती मिलेगी











