Naresh Bhagoria
19 Jan 2026
इजराइल-ईरान में तनाव से भरे 12 दिनों के युद्ध के बाद आखिरकार मंगलवार को सीजफायर हो गया। दोनों देशों ने युद्ध विराम की पुष्टि करते हुए इसे अपनी जीत बताया है। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने जहां इसे ऐतिहासिक जीत बताया, वहीं ईरान ने अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम को जारी रखने का ऐलान किया है। इस बीच BRICS समूह ने अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरानी ठिकानों पर किए गए हमलों की निंदा की है और इन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सीजफायर की घोषणा के बाद एक प्रेस बयान में कहा कि हमने ईरान के खिलाफ ऐतिहासिक जीत हासिल की है, जिसे आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी। हम शेर की तरह उठे और हमारी दहाड़ ने तेहरान को हिला कर रख दिया। नेतन्याहू ने यह भी कहा कि इजराइल की सैन्य कार्रवाई सिर्फ आत्मरक्षा थी और इसका मकसद अपने नागरिकों को सुरक्षित रखना था।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सीजफायर की पुष्टि करते हुए कहा कि ईरान किसी भी दबाव में अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम को बंद नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि हमने इस तकनीक को हासिल करने के लिए बहुत मेहनत की है। हमारे वैज्ञानिकों ने इसके लिए बलिदान दिए हैं और यह हमारी संप्रभुता का प्रतीक है। मंगलवार को ईरान की राजधानी तेहरान में ‘विक्ट्री सेलिब्रेशन’ का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
इस युद्धविराम की जानकारी सबसे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड (संभावित तौर पर ट्रम्प या अन्य राष्ट्रपति, स्पष्ट नहीं) ने दी। उन्होंने मंगलवार तड़के 3:30 बजे एक सोशल मीडिया पोस्ट में दोनों देशों के बीच सीजफायर की घोषणा की। हालांकि अमेरिका ने इस बार युद्ध में सीधे हस्तक्षेप नहीं किया, लेकिन कूटनीतिक रूप से पीछे से वार्ताएं चलती रहीं।
सीजफायर के बाद BRICS देशों ने एक संयुक्त बयान जारी कर ईरान पर हुए अमेरिकी और इजराइली हमलों की कड़ी निंदा की है। BRICS ने कहा कि ईरान की न्यूक्लियर फैसिलिटीज पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और IAEA के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है। समूह ने सभी पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान खोजने की अपील की।