NEET UG 2026 Result Controversy :रिजल्ट पर फिर उठे सवाल, कहीं OMR शीट बदलने का आरोप तो कहीं आंसर-की से नहीं मिल रहे अंक

NEET UG 2026 री-एग्जाम का परिणाम घोषित होने के कुछ ही समय बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। देश के अलग-अलग हिस्सों से कई अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि उनके आधिकारिक स्कोरकार्ड में दर्ज अंक उनकी OMR शीट और फाइनल आंसर-की से मेल नहीं खाते। कुछ छात्रों ने OMR शीट बदलने तक का दावा किया है, जबकि कुछ का कहना है कि वेबसाइट पर दिखने वाले अंक कुछ घंटों के भीतर बदल गए। इन आरोपों के सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने के बाद NTA ने आधिकारिक बयान जारी कर सभी दावों को खारिज करते हुए कहा है कि एजेंसी के रिकॉर्ड पूरी तरह सही हैं और जिन मामलों को लेकर सवाल उठाए गए हैं, उनकी जांच पहले ही की जा चुकी है।
महाराष्ट्र की छात्रा ने OMR शीट बदलने का लगाया आरोप
विवाद का सबसे चर्चित मामला महाराष्ट्र के बीड जिले के वाडवणी की छात्रा ज्ञानेश्वरी पवार का है। छात्रा और उनके परिवार का आरोप है कि NTA की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई OMR शीट उनकी वास्तविक उत्तर-पत्रिका नहीं है। ज्ञानेश्वरी के पिता अनिल कुमार पवार का कहना है कि परीक्षा के दौरान मिला मूल प्रश्नपत्र अब भी उनके पास सुरक्षित है। उन्होंने उसी प्रश्नपत्र और NTA की आधिकारिक आंसर-की के आधार पर उत्तरों का मिलान किया, जिसके अनुसार उनकी बेटी के करीब 702 अंक बनने चाहिए थे। लेकिन जारी किए गए आधिकारिक स्कोरकार्ड में केवल 87 अंक दर्ज हैं। परिवार का कहना है कि इसी वजह से उन्हें OMR शीट में गड़बड़ी का संदेह है।
कानपुर की छात्रा बोलीं- दो घंटे में बदल गया स्कोर
उत्तर प्रदेश के कानपुर की छात्रा आर्या सिंह ने भी रिजल्ट प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि शुरुआत में उपलब्ध कराई गई OMR शीट में प्रश्नों का क्रम गलत था। शिकायत के बाद NTA ने संशोधित OMR उपलब्ध कराई, लेकिन स्कोर में कोई बदलाव नहीं किया गया। आर्या सिंह के अनुसार, 16 जुलाई की रात करीब 12 बजे वेबसाइट पर उनका स्कोर 540 अंक दिख रहा था। हालांकि लगभग दो घंटे बाद जब उन्होंने दोबारा परिणाम देखा तो वही स्कोर घटकर 167 अंक हो गया। फिलहाल वेबसाइट पर 167 अंक ही दर्ज हैं। आर्या ने पूरे मामले से जुड़े दस्तावेज NTA और केंद्रीय शिक्षा मंत्री को ईमेल के माध्यम से भेजकर जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वह अपनी शिकायत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगी।
NTA ने सभी आरोपों को बताया बेबुनियाद
बढ़ते विवाद के बीच NTA ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर जिन मामलों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, उनकी जांच की जा चुकी है। एजेंसी के अनुसार, OMR रिस्पॉन्स-की चैलेंज विंडो के दौरान संबंधित सभी उम्मीदवारों को उनकी मूल OMR शीट उनके रजिस्टर्ड ईमेल पर भेज दी गई थी। NTA का कहना है कि उसके आधिकारिक रिकॉर्ड में उपलब्ध OMR शीट सही हैं और घोषित परिणाम उन्हीं के आधार पर जारी किए गए हैं। एजेंसी ने यह भी दावा किया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही कुछ OMR शीट्स में डिजिटल छेड़छाड़ की गई है या उन्हें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से तैयार किया गया है।
एजेंसी ने तीन मामलों का भी दिया उदाहरण
NTA ने अपने स्पष्टीकरण में कुछ चर्चित मामलों का भी उल्लेख किया। एजेंसी के अनुसार, आर्या सिंह की वायरल OMR शीट में इनविजिलेटर के हस्ताक्षर का समय बदला गया था। वहीं लक्ष्य सिंह के मामले में डिजिटल तरीके से अतिरिक्त उत्तर जोड़े गए थे। अभय यादव से जुड़े दावों को भी एजेंसी ने अपने रिकॉर्ड से मेल नहीं खाने वाला बताया। NTA ने कहा कि आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार आर्या सिंह के 167, लक्ष्य सिंह के 116 और अभय यादव के 164 अंक सही हैं और इनमें किसी तरह की तकनीकी या मूल्यांकन संबंधी त्रुटि नहीं मिली है।
फर्जी OMR साझा करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
एजेंसी ने साफ किया है कि OMR शीट में छेड़छाड़ करना, फर्जी दस्तावेज तैयार करना या उन्हें सोशल मीडिया पर प्रसारित करना Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024 के तहत दंडनीय अपराध है। NTA ने कहा कि ऐसे मामलों में संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल छात्रों के आरोप और NTA की सफाई आमने-सामने हैं। ऐसे में यह मामला परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और अभ्यर्थियों के भरोसे से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है। यदि शिकायतों पर आगे कोई नई जांच या आधिकारिक फैसला आता है, तो लाखों अभ्यर्थियों की नजर उसी पर रहेगी।












