रसिक की मौत पर प्रेमानंद महाराज के आश्रम से आया पहला बयान, जानें क्या कहा?

वृंदावन में प्रेमानंद महाराज से जुड़े साधक रसिक दुलारी शरण की मौत के मामले में 8 दिन बाद राधा केलि कुंज आश्रम की ओर से पहला लिखित बयान सामने आया है। श्री हित राधा केलि कुंज ट्रस्ट ने घटना पर दुख जताते हुए कहा है कि प्रेमानंद महाराज और उनका पूरा परिकर इस घटना से आहत है। ट्रस्ट ने रसिक दुलारी शरण के परिवार के प्रति संवेदना जताई है। साथ ही कहा है कि मामले की पुलिस जांच में आश्रम की ओर से पूरा सहयोग किया जा रहा है। ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं और आम लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने तक किसी भी अपुष्ट जानकारी, अफवाह या अनुमान पर भरोसा न करें।
8 दिन बाद आश्रम की ओर से आया बयान
श्री हित राधा केलि कुंज ट्रस्ट की ओर से जारी बयान में रसिक दुलारी शरण की मौत पर दुख जताया गया। ट्रस्ट ने कहा कि इस घटना से प्रेमानंद महाराज और आश्रम से जुड़े लोग काफी आहत हैं। बयान में रसिक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की गई है। ट्रस्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन मामले की जांच कर रहा है और आश्रम जांच में हर संभव सहयोग दे रहा है। आश्रम की ओर से कहा गया है कि जांच पूरी होने तक किसी भी तरह की अफवाह या अपुष्ट जानकारी को सच मानकर आगे न बढ़ाया जाए।
आश्रम ने लोगों से क्या अपील की?
ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं, साधकों और आम लोगों से संयम बनाए रखने की अपील की है। बयान में कहा गया कि मामले की सच्चाई पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी। ट्रस्ट ने यह भी अपील की कि बिना पूरी जानकारी के प्रेमानंद महाराज या आश्रम की छवि को लेकर कोई निष्कर्ष न निकाला जाए। आश्रम का कहना है कि उसे पुलिस प्रशासन की निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच पर भरोसा है। जांच के बाद घटना से जुड़े वास्तविक तथ्य सामने आने की उम्मीद जताई गई है।
अनिरुद्ध आचार्य ने किया प्रेमानंद महाराज का समर्थन
इस बीच चर्चित कथावाचक अनिरुद्ध आचार्य ने भी प्रेमानंद महाराज के समर्थन में बयान दिया है। अपनी कथा के दौरान उन्होंने इस मामले को लेकर सोशल मीडिया और मीडिया में चल रही चर्चाओं पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि किसी भी मामले की पूरी जानकारी जाने और समझे बिना लोगों को अपना फैसला नहीं सुनाना चाहिए। उन्होंने प्रेमानंद महाराज के प्रति सम्मान जताते हुए उनके आध्यात्मिक कार्यों का भी जिक्र किया। अनिरुद्ध आचार्य का यह बयान सोशल मीडिया पर चर्चा में है।
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बाल संरक्षण आयोग को पत्र भेजा गया
मामले के बीच मथुरा के श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने उत्तर प्रदेश बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष को पत्र भेजा है। पत्र में उन्होंने आश्रम से जुड़े नाबालिगों और उनकी सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ बच्चे आध्यात्मिक गतिविधियों से प्रभावित होकर आश्रम में रहने लगते हैं और कुछ मामलों में परिवारों की ओर से बच्चों की तलाश किए जाने की बात सामने आई है। दिनेश फलाहारी ने आयोग से ऐसे मामलों की जांच कराने और वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आश्रम परिसर में किसी नाबालिग से जुड़ी घटना होने पर उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले से जुड़े तथ्यों की जांच संबंधित अधिकारियों द्वारा की जानी है।
रसिक दुलारी शरण की मौत की जांच जारी
उधर, रसिक दुलारी शरण की मौत के मामले में पुलिस की जांच जारी है। पुलिस जांच में CCTV फुटेज और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों को देखा जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना से पहले रसिक की गतिविधियों को लेकर CCTV फुटेज की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले की परिस्थितियां क्या थीं और उस समय वहां मौजूद लोगों से जुड़ी जानकारी क्या है। घटना के समय रसिक का रूम पार्टनर जुगल शरण आश्रम परिसर के दूसरे हिस्से में गया हुआ था। पुलिस मामले से जुड़े लोगों से जानकारी जुटा रही है। फिलहाल इस पूरे मामले में कई सवालों के जवाब पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो सकेंगे। आश्रम ने भी लोगों से जांच पूरी होने तक किसी अफवाह या अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करने की अपील की है।



















