MP Weather Update :प्रदेश में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, 24 अक्टूबर तक बारिश और गरज-चमक के आसार; कई जिलों में अलर्ट जारी

भोपाल। दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवातीय दबाव के असर से एक बार फिर मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदल गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले चार दिनों (21 से 24 अक्टूबर) तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश और गरज-चमक देखने को मिलेगी। खासकर भोपाल, इंदौर, जबलपुर, नर्मदापुरम और बालाघाट संभाग के जिलों में बारिश की संभावना ज्यादा जताई गई है।
इन जिलों में अलर्ट जारी
- मौसम विभाग ने 21 अक्टूबर को हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में बूंदाबांदी और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है।
- 22 अक्टूबर को सिस्टम के ज्यादा एक्टिव होने की संभावना है। इस दिन भोपाल, इंदौर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, सीहोर, विदिशा, रायसेन, सागर, दमोह, जबलपुर और अनूपपुर जैसे जिलों में भी बारिश और बादलों का असर रहेगा।
- 23 और 24 अक्टूबर को भी दक्षिणी हिस्से के जिलों धार, खरगोन, बुरहानपुर, बैतूल, बालाघाट, मंडला और छिंदवाड़ा में हल्की बारिश और बिजली गिरने की स्थिति बनी रह सकती है।
दिवाली पर भी मौसम में दिखा बदलाव
दिवाली के दिन भी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बादल छाए रहे। झाबुआ, अलीराजपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट और डिंडौरी में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर में अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली।
रात के तापमान में गिरावट दर्ज
मौसम बदलने से रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। भोपाल में न्यूनतम तापमान 17.2°C, इंदौर में 20.2°C, ग्वालियर में 20.5°C, और जबलपुर में 18°C दर्ज किया गया। वहीं छतरपुर के नौगांव में तापमान सबसे कम 16.3°C रहा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि, अक्टूबर में अब मिला-जुला मौसम रहेगा। रातें ठंडी और दिन में हल्की धूप रहेगी।
क्यों बदला प्रदेश का मौसम
मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, इस समय अरब सागर में लो-प्रेशर सिस्टम और अंडमान सागर में साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है। साथ ही एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय क्षेत्र पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश के ऊपर देखा गया है। इसी वजह से अगले तीन दिनों तक दक्षिण और मध्य जिलों में बारिश के आसार बने हुए हैं।
मानसून की विदाई के बाद भी बारिश का दौर जारी
हालांकि, मौसम विभाग पुष्टि कर चुका है कि पूरे प्रदेश से मानसून की विदाई हो चुकी है। इस साल मानसून 16 जून से 13 अक्टूबर तक एक्टिव रहा और प्रदेश में औसत से 15% ज्यादा बारिश दर्ज की गई। गुना, ग्वालियर और चंबल संभाग के जिलों में सबसे ज्यादा पानी गिरा, जबकि शाजापुर में सबसे कम बारिश दर्ज की गई।
नवंबर से पड़ेगी कड़ाके की सर्दी
मौसम विभाग के अनुसार, नवंबर के दूसरे सप्ताह से ठंड बढ़ने लगेगी। इस बार ठंड का असर फरवरी तक रहने की संभावना है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि, 2010 के बाद की सबसे ठंडी सर्दी इस बार महसूस की जा सकती है। साथ ही ला-नीना परिस्थितियों के चलते सर्दियों के दौरान सामान्य से ज्यादा बारिश भी देखने को मिल सकती है।
तापमान का ताजा हाल (20 अक्टूबर)
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शहर |
अधिकतम तापमान |
न्यूनतम तापमान |
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भोपाल |
30.9°C |
17.2°C |
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इंदौर |
31.6°C |
20.2°C |
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ग्वालियर |
32.8°C |
20.5°C |
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जबलपुर |
32.6°C |
18°C |
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खजुराहो (छतरपुर) |
34°C |
16.3°C (सबसे ठंडा) |




















