भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह से सक्रिय है। गुरुवार को प्रदेश के कई जिलों में झमाझम बारिश देखने को मिली। मौसम विभाग ने ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना समेत 12 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे में 4.5 इंच तक बारिश हो सकती है।
भोपाल में सुबह से ही तेज बारिश का सिलसिला जारी रहा। सड़कों पर पानी भर जाने से लोगों को ऑफिस और अन्य जरूरी कामों पर जाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। शहर के कई निचले इलाकों में पानी भर गया।
डिंडौरी, मऊगंज और सतना जैसे जिलों में अतिवृष्टि के कारण जिला कलेक्टरों ने सरकारी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। मऊगंज के कई इलाकों में तो थाना परिसर तक जलमग्न हो गया है।
लगातार बारिश के कारण बरगी, सतपुड़ा, बाणसागर और जोहिला जैसे बड़े डैम ओवरफ्लो हो चुके हैं। कई नदियों और नालों में उफान है। छोटे पुलों-पुलियाओं पर पानी बह रहा है, जिससे आवाजाही बाधित हो रही है।
चित्रकूट की प्रसिद्ध गुप्त गोदावरी गुफा में तेज बहाव के कारण पर्यटकों के लिए प्रवेश बंद कर दिया गया है। मंदसौर के बड़े महादेव झरने के पास भी भीड़ लग रही है, लेकिन कुछ लोग नियम तोड़कर जान जोखिम में डाल रहे हैं।
18 जुलाई को: ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, नीमच, टीकमगढ़, डिंडोरी, शहडोल, सिंगरौली समेत 16 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट।
19 जुलाई को: प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की चेतावनी।
अब तक की बारिश: इस सीजन में औसतन 18.5 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्यतः इस समय तक 11 इंच बारिश होती है — यानी 7.5 इंच ज्यादा।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मध्य प्रदेश के ऊपर मानसून ट्रफ लाइन गुजर रही है और एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। इसके चलते लगातार बारिश का दौर बना हुआ है।