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Sleep Tips :इस तरह से सोने की आदत बुढ़ापे को देती है जल्दी न्यौता, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती?

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इस तरह से सोने की आदत बुढ़ापे को देती है जल्दी न्यौता, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती?
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    बढ़ती उम्र को रोकना हर किसी की चाहत होती है। जहां उम्र के पड़ाव के असर को कम करने के लिए अक्सर महंगे स्किनकेयर प्रोडक्ट्स, ट्रीटमेंट और हेल्दी डाइट पर ध्यान देते हैं, लेकिन एक जरूरी आदत को नजरअंदाज कर देते हैं। वो है सोने का तरीका। दरअसल, आप किस पोजिशन में सोते हैं, इसका सीधा असर आपकी त्वचा पर पड़ सकता है। कुछ स्लीप पोजिशन ऐसी होती हैं, जो धीरे-धीरे चेहरे को समय से पहले बूढ़ा दिखाने का कारण बन सकती हैं।

    गालों की लकीरें देती है ये संकेत ?

    क्या आपने कभी सुबह उठते ही गालों पर गहरी लकीरें, आंखों के आसपास सूजन या चेहरे पर क्रीज़ महसूस की है? शुरुआत में ये निशान कुछ समय बाद खुद ठीक हो जाते हैं, लेकिन अगर यह समस्या रोजाना होने लगे, तो इसका असर त्वचा की इलास्टिसिटी और चेहरे की बनावट पर पड़ सकता है। यही वजह है कि अब एक्सपर्ट्स स्लीप पोजिशन को भी स्किन एजिंग से जोड़कर देख रहे हैं।

    एक्सपर्ट की राय

    पीएसआरआई अस्पताल के फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. लक्ष्य भक्त्यानी ने The Indian Express को बताया कि कुछ स्लीप पोजिशन वास्तव में स्किन एजिंग को बढ़ा सकती हैं। उनके मुताबिक, साइड या पेट के बल सोने से चेहरा लंबे समय तक तकिए से दबा रहता है। इससे चेहरे पर लगातार प्रेशर और रगड़ पड़ती है, जिसके कारण स्लीप लाइन्स बनती हैं। समय के साथ यही लकीरें स्थायी झुर्रियों में बदल सकती हैं। ये झुर्रियां खासतौर पर गालों, माथे और ठुड्डी के आसपास ज्यादा नजर आती हैं। साइड में सोने से गुरुत्वाकर्षण के कारण जबड़े और गर्दन के पास त्वचा ढीली होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

    स्किन पर कैसे पड़ता है असर

    कई लोगों को सुबह उठते ही चेहरे पर सूजन या क्रीज़ दिखाई देती हैं। आमतौर पर ये अस्थायी होती हैं और सोते समय चेहरे पर पड़े दबाव या फ्लूड रिटेंशन की वजह से होती हैं। लेकिन अगर यह आदत लंबे समय तक बनी रहे, तो त्वचा का कोलेजन स्ट्रक्चर और लचीलापन धीरे-धीरे कमजोर हो सकता है। लगातार सूजन रहना कभी-कभी लिम्फैटिक ड्रेनेज में रुकावट या किसी अंदरूनी समस्या का संकेत भी हो सकता है, हालांकि ज्यादातर मामलों में वजह गलत स्लीप पोजिशन ही होती है।

    सोने के लिए चुने सही तकिया

    डॉक्टरों के मुताबिक, सही तकिया और पिलो कवर का चुनाव भी स्किन को बचाने में मदद करता है। सिल्क या सैटन के तकिए कवर कॉटन के मुकाबले कम रगड़ पैदा करते हैं, जिससे चेहरे पर क्रीज़ कम पड़ती हैं। वहीं, ऑर्थोपेडिक या मेमोरी फोम पिलो गर्दन और सिर को बेहतर सपोर्ट देते हैं और चेहरे पर दबाव कम करते हैं।

    अगर स्किन के लिए सबसे बेहतर स्लीप पोजिशन की बात करें, तो पीठ के बल सोना सबसे सुरक्षित माना जाता है। इस पोजिशन में चेहरे पर सीधा दबाव नहीं पड़ता। साथ ही सिर को थोड़ा ऊंचा रखकर सोने से आंखों के आसपास फ्लूड जमा होने से बचाव होता है, जिससे सुबह की सूजन भी कम हो जाती है।

    Aakash Waghmare
    By Aakash Waghmare

    आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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