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गुजरात :गांधीनगर में जहरीला पानी पीने से बीमार बच्चों की संख्या बढ़कर 104 पर पहुंची, 50 % बच्चों में टाइफाइड

गांधीनगर में जहरीला पानी पीने से बीमार बच्चों की संख्या बढ़कर 104 पर पहुंची, 50 % बच्चों में टाइफाइड
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    गांधीनगर। इंदौर के बाद अब गुजरात की राजधानी गांधीनगर से भी दूषित पानी पैर पसार रहा है। यहां जहरीले पानी से गंभीर मामला सामने आया है। पिछले तीन दिनों में गंदा पानी पीने से 104 बच्चे बीमार पड़ गए हैं। इनमें से करीब 50 फीसदी बच्चों में टाइफाइड की पुष्टि हुई है, जिससे प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।

    हालात इतने बिगड़ गए कि गांधीनगर सिविल अस्पताल में बच्चों को भर्ती करने के लिए अलग से नया वार्ड खोलना पड़ा। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, बड़ी संख्या में बच्चों को बुखार, उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत के साथ लाया गया है। कई बच्चों की हालत गंभीर होने के चलते उन्हें लगातार निगरानी में रखा गया है।

    तीन दिनों में तेजी से बढ़े बीमार बच्चे

    गांधीनगर सिविल अस्पताल की अधीक्षक डॉ. मिताबेन पारिख ने बताया कि फिलहाल अस्पताल में 104 बच्चे भर्ती हैं और बीते तीन दिनों में बीमार बच्चों की संख्या में करीब 50 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। सबसे ज्यादा प्रभावित बच्चे 1 से 16 साल की उम्र के हैं। डॉ. मिताबेन के मुताबिक, अस्पताल पहुंच रहे बच्चों में तेज बुखार, पेट दर्द और उल्टी जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं।

    अस्पताल प्रशासन ने शुरू किया नया वॉर्ड

    सभी बच्चों को फिलहाल IV फ्लूइड और एंटीबायोटिक्स देकर इलाज किया जा रहा है, जिससे उनकी हालत स्थिर बनी हुई है। उन्होंने बताया कि फिलहाल 104 बच्चों का इलाज सिविल अस्पताल के एफ-2 और ई-2 वार्ड में किया जा रहा है। मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन को तुरंत एक नया वार्ड नंबर 604 शुरू करना पड़ा, ताकि बच्चों को समय पर इलाज मिल सके।

    सीवेज की गंदगी मिलने की आशंका

    स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में पीने के पानी में सीवेज की गंदगी मिलने की आशंका जताई जा रही है। संबंधित इलाकों से पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। वहीं, स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में लोगों को नल का पानी पीने से फिलहाल बचने की सलाह दी है और टैंकरों के जरिए साफ पानी की सप्लाई शुरू की गई है।

    Aakash Waghmare
    By Aakash Waghmare

    आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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