भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून ने जबरदस्त दस्तक दी है। प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। रीवा, सतना, मैहर, छतरपुर, टीकमगढ़, चित्रकूट और कई अन्य जिलों में हालात बाढ़ जैसे बन गए हैं। कई जगह घरों और दुकानों में पानी घुस गया है तो कहीं सड़कें और पुल डूब चुके हैं।
रीवा जिले में हालात सबसे चिंताजनक बने हुए हैं। यहां सिर्फ 10 महीने पहले तैयार हुए एयरपोर्ट की बाउंड्रीवॉल भारी बारिश के चलते ढह गई। गुढ़ विधायक नागेंद्र सिंह के घर में भी पानी भर गया। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी उफान पर है, जिससे रामघाट, भरत घाट सहित कई प्रमुख घाट जलमग्न हो गए हैं। लोग नावों के सहारे सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए जा रहे हैं।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए मध्यप्रदेश के 19 जिलों में अति भारी बारिश (8 इंच तक) और 22 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
अति भारी बारिश (ऑरेंज अलर्ट) वाले जिले:
ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, दमोह, बैतूल, हरदा, खंडवा, खरगोन, धार, झाबुआ, रतलाम, नीमच, मंदसौर।
भारी बारिश (येलो अलर्ट) वाले जिले:
भोपाल, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, राजगढ़, सीहोर, आगर मालवा, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, दतिया, पन्ना, सतना, भिंड, बड़वानी, अलीराजपुर, बुरहानपुर।
रीवा: कई गांव जलमग्न, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी।
शहडोल: बाणसागर डैम के 7 गेट खोल दिए गए।
चित्रकूट: मंदाकिनी नदी के घाट डूबे, घरों-दुकानों में पानी भरा।
मैहर: मां शारदा मंदिर के रास्ते में 3 फीट पानी, श्रद्धालुओं की आवाजाही बंद।
टीकमगढ़: पुरानी टिहरी रोड का पुल क्षतिग्रस्त, कई घरों में पानी घुसा।
अशोकनगर: सब्जी मंडी परिसर में 4 फीट तक पानी, फसलें खराब।
उमरिया: जोहिला डैम के दो गेट खोलकर पानी छोड़ा गया।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में मध्यप्रदेश पर पांच बड़ी मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं:
इनकी वजह से प्रदेशभर में बारिश का जोर बना हुआ है।
पिछले 24 घंटे में रीवा में 203.6 मिमी, सीधी में 185.2 मिमी, खजुराहो में 140.4 मिमी, सतना में 81 मिमी और टीकमगढ़ में 96 मिमी बारिश दर्ज की गई है।