Shivani Gupta
30 Jan 2026
कुछ गेम ऐसे होते हैं जो सिर्फ खेलने के लिए नहीं होते, बल्कि धीरे-धीरे आपकी जिंदगी को भी बदल सकते हैं। गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों ने कथित रूप से एक कोरियन गेम खेलते हुए नौवीं मंजिल से कूदकर अपनी जान ले ली। सुसाइड नोट में लिखा- सॉरी, हम कोरिया नहीं छोड़ सकते। कोरिया हमारी जिंदगी और जान हैं।
साल 2020-21 में लॉकडाउन के दौरान लोग घरों में बंद थे। इस दौरान लोग ज्यादा समय OTT प्लेटफॉर्म्स जैसे Netflix, Viki, YouTube पर बिताने लगे। भारतीय दर्शकों को बॉलीवुड या हॉलीवुड कंटेंट बार-बार देखने के कारण ऊब लगने लगी थी। कोरियन ड्रामा और शो ने उन्हें आकर्षित किया क्योंकि इसमें भावनात्मक कहानी, अच्छी प्रोडक्शन क्वालिटी और नए विषय थे। लॉकडाउन में बच्चों को स्कूल नहीं जाना था और उनके पास मोबाइल आसानी से था। कई बच्चे बिना माता-पिता को बताए कोरियन शो देखने लगे। इस बढ़ते स्क्रीन टाइम ने कोरियन कंटेंट और गेमिंग को तेजी से फैलने का अवसर दिया।
कोरियन लवर गेम्स एक प्रकार के ऑनलाइन रोमांटिक टास्क-बेस्ड गेम हैं। खिलाड़ी एक वर्चुअल पार्टनर चुनते हैं। गेम रोजाना छोटे-छोटे टास्क देता है, जैसे फोटो भेजना, चैट करना या कुछ लिखना। जानकारी के मुताबिक धीरे-धीरे टास्क मुश्किल और खतरनाक हो सकते हैं, कभी-कभी खुद को चोट पहुंचाने या जान लेने तक की मांग हो सकती है। ये गेम्स कोरियन कल्चर, K-पॉप और K-ड्रामा से जुड़े होते हैं। खिलाड़ी खुद को कोरियन समझने लगते हैं और गेम में दी गई भूमिकाओं में पूरी तरह फंस जाते हैं।
गाजियाबाद केस में पुलिस ने पाया कि ये बहनें कोविड लॉकडाउन के समय से इस गेम की लत में फंस गई थीं। माना जा रहा है कि गेम का अंतिम टास्क खतरनाक था और उन्होंने इसे पूरा करने के लिए यह कदम उठाया। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि यह गेम ब्लू व्हेल गेम जैसी स्ट्रक्चर वाली थी, जहां 50वें टास्क में मौत जैसी चुनौती दी जाती थी।
कोरियन लवर गेम्स केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि बच्चों पर गंभीर मानसिक असर डाल सकते हैं-
भारत में पहले भी ऑनलाइन गेम्स और एप्स से जुड़े सुसाइड केस सामने आए हैं। कोरियन लवर गेम बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक हैं क्योंकि इसमें पर्सनल और इमोशनल टास्क होते हैं।
माता-पिता और अभिभावकों के लिए कुछ जरूरी उपाय-