PU Special :1800 करोड़ रुपए की दरकार, तब आगे बढ़ेगा एमपी का सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट

अशोक गौतम, भोपाल। मध्यप्रदेश में विभिन्न विभागों के डायरेक्टोरेट और कार्यालयों को एक ही परिसर में लाने के लिए प्रस्तावित सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। करीब 8 हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में प्रस्तावित इस प्रोजेक्ट के लिए लगभग 1,800 करोड़ रुपए की राशि की जरूरत बताई गई है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए शासन से राशि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भेजा है। वित्तीय व्यवस्था और जमीन से जुड़े प्रस्ताव पर साधिकार समिति के निर्णय के बाद लैंड ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके लिए पहले कैबिनेट की मंजूरी भी जरूरी होगी। प्रस्तावित परिसर में सतपुड़ा और विंध्याचल की ओर पांच-पांच मंजिला नहीं, बल्कि पांच-पांच टावर बनाए जाने की योजना है। इन टावरों में विभिन्न विभागों के डायरेक्टोरेट और कार्यालयों को स्थान दिया जाएगा। अब तक 65 विभागों ने जगह की मांग की है और इनकी कुल मांग करीब 1.65 लाख वर्गफीट से अधिक है।
दिल्ली की तर्ज पर एक प्रशासनिक हब
सेंट्रल विस्टा की अवधारणा तत्कालीन मुख्य सचिव अनुराग जैन के कार्यकाल में तैयार की गई थी। इसका उद्देश्य दिल्ली की तर्ज पर राजधानी में ऐसा प्रशासनिक क्षेत्र विकसित करना है, जहां डायरेक्टर स्तर के अधिकांश कार्यालय एक ही परिसर में हों।
कैसे जुटेंगे 1800 करोड़ रुपए?
सरकार के सामने तीन विकल्प
1. सीधे बजट से राशि
सरकार करीब 1,800 करोड़ रुपए से अधिक की राशि उपलब्ध कराकर परियोजना का निर्माण करा सकती है।
2. हाउसिंग बोर्ड के जरिए वित्तीय व्यवस्था
करीब 8 हेक्टेयर जमीन हाउसिंग बोर्ड के नाम ट्रांसफर की जा सकती है। बोर्ड जमीन को आधार बनाकर बैंकों से करीब 1,800 करोड़ रुपए जुटाकर निर्माण शुरू कर सकता है। बाद में कार्यालय और व्यावसायिक स्पेस को बेचकर अथवा किराए पर देकर राशि की भरपाई की जा सकती है।
3. पीपीपी मॉडल
सरकार निवेशक को जमीन उपलब्ध कराएगी और निवेशक प्रोजेक्ट विकसित करेगा।
(फैसला: इन विकल्पों में अंतिम निर्णय कैबिनेट स्तर पर होने की संभावना है।)
2,240 कारों की पार्किंग
सेंट्रल विस्टा में करीब 2,240 कारों की पार्किंग प्रस्तावित है। इसके लिए दो बेसमेंट बनाए जाने की योजना है। पहले बेसमेंट में 835 और दूसरे में 570 कारों की पार्किंग प्रस्तावित है। शेष पार्किंग की व्यवस्था परियोजना के अन्य हिस्सों में की जाएगी। दोपहिया वाहनों के लिए भी अलग पार्किंग व्यवस्था होगी।
किन विभागों ने कितनी जगह मांगी?
अब तक 65 विभागों ने सेंट्रल विस्टा में कार्यालय के लिए जगह की मांग भेजी है। प्रमुख मांग इस प्रकार है-
- स्वास्थ्य विभाग: 11,265 वर्गफीट
- वित्त विभाग: 11,250 वर्गफीट
- गृह विभाग: 10,375 वर्गफीट
- सभी 65 विभाग: कुल करीब 1.65 लाख वर्गफीट से अधिक
मंत्रालय से पार्किंग तक अंडरपास
मंत्रालय की मल्टीलेवल पार्किंग से मंत्रालय भवन तक पहुंचने के लिए वर्तमान में लोगों को व्यस्त सड़क पार करनी पड़ती है। इससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। प्रस्तावित सेंट्रल विस्टा में मल्टीलेवल पार्किंग से मंत्रालय तक अंडरपास अथवा भूमिगत क्रॉसिंग बनाने की योजना है। यह क्रॉसिंग संबंधित कार्यालयों के सामने खुलेगी। इससे कर्मचारियों और आगंतुकों को सड़क पार करने की जरूरत नहीं होगी।
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दफ्तरों के साथ बाजार भी
सेंट्रल विस्टा के पांच टावरों के पीछे दुकानों और कैंटीन की व्यवस्था प्रस्तावित है। यहां सामान्य चाय-नाश्ते की सुविधाओं के साथ स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों को भी स्थान देने की योजना है।
निर्माण प्रक्रिया चल रही है
सेंट्रल विस्टा के निर्माण की प्रक्रिया चल रही है। निर्माण की रूपरेखा के संबंध में मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली साधिकार समिति और शासन स्तर पर निर्णय लिया जाना है।
गौतम सिंह, आयुक्त, हाउसिंग बोर्ड




















