एक भैंस, दो दावेदार और DNA टेस्ट! चार साल पुरानी चोरी के दावे से उलझा मामला, अब DNA टेस्ट बताएगा कौन है भैंस का असली मालिक?

गया। बिहार के गया जिले में भैंस के मालिकाना हक को लेकर चल रहा विवाद अब काफी दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। अतरी थाना क्षेत्र में एक ही भैंस पर दो पक्षों ने अपना दावा किया है। एक पक्ष का कहना है कि भैंस हाल ही में उसके घर से गायब हुई थी, जबकि दूसरे पक्ष का दावा है कि यही भैंस करीब चार साल पहले चोरी हो गई थी। विवाद बढ़ने के बाद मामला मगध प्रक्षेत्र के IG विकास वैभव तक पहुंचा। अब पुलिस DNA जांच के जरिए सच्चाई सामने लाने की तैयारी कर रही है।
अचानक गायब हुई भैंस ने बढ़ाया विवाद
मामला अतरी थाना क्षेत्र के नौरंगा गांव से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार मोहड़ा के सेउतर निवासी सूरज यादव की भैंस कुछ दिन पहले अचानक गायब हो गई थी। परिवार ने आसपास काफी तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला। बाद में जानकारी मिली कि भैंस नौरंगा टोली में प्रकाश मांझी के पास है। सूरज यादव वहां पहुंचे और भैंस को अपनी बताते हुए उसे वापस ले गए।
दूसरे पक्ष ने भी अपना दावा ठोक दिया
सूरज यादव के भैंस ले जाने के बाद प्रकाश मांझी की ओर से भी उस पर मालिकाना हक जताया गया। इसके बाद मामला थाने पहुंच गया। पुलिस ने भैंस को थाने बुलाया और दोनों पक्षों से पूछताछ की। कुछ समय तक भैंस थाने में रखी गई। बाद में उसे सूरज यादव को सौंप दिया गया। हालांकि, इस फैसले के बाद विवाद खत्म होने के बजाय और बढ़ गया।
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चार साल पहले चोरी होने की कहानी
प्रकाश मांझी के पक्ष का दावा है कि यही भैंस करीब चार साल पहले चोरी हो गई थी। उनका कहना है कि भैंस अब नौरंगा वापस पहुंची और उसने पुराने ठिकाने को पहचान लिया। इसी दावे के कारण मामला और उलझ गया। एक ओर हाल की गुमशुदगी की बात है, तो दूसरी तरफ चार साल पुरानी चोरी का दावा सामने आ रहा है।
पुलिस की कार्रवाई पर भी उठे सवाल
विवाद के दौरान अतरी थाना प्रभारी पर एक पक्ष की मदद करने का आरोप भी लगाया गया। मामला बढ़ने के बाद भैंस को दोबारा थाने बुलाया गया। वहीं, प्रकाश मांझी की ओर से सूरज यादव के खिलाफ शिकायत किए जाने की बात भी सामने आई है। मामले में स्थानीय स्तर पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठने के बाद निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई।
IG तक पहुंचा मामला
विवाद की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों और संबंधित लोगों ने मगध प्रक्षेत्र के IG विकास वैभव से मुलाकात की। हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्याम सुंदर शरण ने भी प्रकाश मांझी और उनके परिवार से बातचीत की। इसके बाद उन्होंने IG से मामले की जल्द और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। IG ने ग्रामीण SP दिव्यांजलि जायसवाल को मामले की जांच के निर्देश दिए।
DNA टेस्ट से निकलेगा मालिकाना हक का रास्ता
दोनों पक्षों के दावों को देखते हुए अब भैंस की DNA जांच कराने का फैसला लिया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार भैंस के DNA का संबंधित पक्षों के पास मौजूद संभावित बच्चों के DNA से मिलान किया जाएगा। अगर जांच में किसी पक्ष के पशु से स्पष्ट मेल मिलता है, तो उसके दावे को मजबूत आधार मिल सकता है। इसके बाद दूसरे सबूतों के साथ रिपोर्ट को भी जांच में शामिल किया जाएगा।
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अब रिपोर्ट का इंतजार
गया का यह मामला इसलिए खास बन गया है क्योंकि एक साधारण पशु विवाद अब वैज्ञानिक जांच तक पहुंच चुका है। फिलहाल दोनों पक्ष अपने दावे पर कायम हैं। पुलिस भी जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचना चाहती है। अब सभी की नजर DNA रिपोर्ट पर है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही पता चलेगा कि भैंस का असली मालिक कौन है और चार साल पुरानी चोरी का दावा कितना सही है।




















