क्राइम ब्रांच के तत्कालीन TI पर रिश्वत मांगने का केस दर्ज ,2 कॉन्स्टेबल सहित चार लोगों के खिलाफ लोकायुक्त में प्रकरण दर्ज

इंदौर। क्राइम ब्रांच में रिश्वतखोरी के मामले ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। लोकायुक्त पुलिस ने जांच के बाद क्राइम ब्रांच के तत्कालीन टीआई सुजीत श्रीवास्तव समेत चार लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और बीएनएस की धाराओं में केस दर्ज किया है। आरोप है कि एक युवक को शिकायत के मामले में छोड़ने और उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं करने के एवज में 1 लाख 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई थी। इसमें 50 हजार 800 रुपए यूपीआई के जरिए और 70 हजार रुपए नकद लिए जाने का आरोप है।
ये भी पढ़ें: Samsung Galaxy S27 Ultra का डिजाइन लीक! कैमरा मॉड्यूल देख याद आएगा iPhone 17 Pro
बेटे को क्राइम ब्रांच बुलाने के बाद रिश्वत मांगने का आरोप
लोकायुक्त पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ता प्रीति हजारी ने 2 अप्रैल 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनके बेटे प्रांजल हजारी को एक शिकायत के सिलसिले में क्राइम ब्रांच कार्यालय बुलाया गया था। आरोप है कि मामले में कार्रवाई नहीं करने और प्रांजल को छोड़ने के बदले तत्कालीन टीआई सुजीत श्रीवास्तव और पुलिसकर्मी विकास सेंधव ने 1 लाख 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगी।
ये भी पढ़ें: CAA पर बड़ा अपडेट! 2.30 लाख आवेदन, 23 हजार को नागरिकता; शुभेंदु अधिकारी का बड़ा ऐलान
50,800 रुपए यूपीआई से ट्रांसफर कराने का आरोप
शिकायत के अनुसार रिश्वत की रकम में से 50 हजार 800 रुपए 20 मार्च 2026 को यूपीआई के माध्यम से दीपक पटेल के खाते में ट्रांसफर करवाए गए। लोकायुक्त के अनुसार दीपक पटेल तत्कालीन टीआई सुजीत श्रीवास्तव के लिए निजी तौर पर काम करता था। इसके बाद बाकी 70 हजार रुपए नकद देने के लिए अगले दिन शिकायतकर्ता को क्राइम ब्रांच कार्यालय बुलाया गया। वहां नकद रकम लिए जाने का आरोप है।
ये भी पढ़ें: रीवा में बाढ़ की भयावह तस्वीर, नाव नहीं मिली तो ड्रमों पर शव रखकर उफनते पानी से पार कराया
बैंक स्टेटमेंट और तकनीकी साक्ष्य दिए
शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त पुलिस को रिश्वत के लेन-देन से जुड़े तकनीकी साक्ष्य और बैंक स्टेटमेंट भी उपलब्ध कराए थे। लोकायुक्त पुलिस ने शिकायत की जांच के साथ उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाने के बाद आगे की कार्रवाई की गई।
ये भी पढ़ें: घरेलू विवाद के बाद महिला शिक्षक ने फांसी लगाकर दी जान, परिजनों ने पति पर लगाए गंभीर आरोप
चार लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ केस
लोकायुक्त पुलिस ने 24 अगस्त को तत्कालीन टीआई सुजीत श्रीवास्तव, तत्कालीन आरक्षक विकास सेंधव, प्राइवेट ड्राइवर अभय सिंह और निजी व्यक्ति दीपक पटेल के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 और बीएनएस 2023 की धारा 61(2) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई है।
ये भी पढ़ें: Raipur: श्रमिकों के बच्चों के सपनों को साय सरकार का सहारा, 200 प्रतिभाओं को मिल रही मुफ्त आवासीय शिक्षा
रिश्वत के लेन-देन और अन्य लोगों की भूमिका की जांच
लोकायुक्त के अनुसार मामले में रिश्वत की रकम के लेन-देन से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि कथित रिश्वतखोरी में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। जांच के दौरान बैंकिंग लेन-देन, तकनीकी साक्ष्यों और शिकायत से जुड़े अन्य दस्तावेजों को भी खंगाला जाएगा।
ये भी पढ़ें: सम्राट चौधरी का बड़ा एक्शन, BPSC परीक्षा नियंत्रक को सस्पेंड करने का आदेश
तत्कालीन TI पुलिस लाइन में पदस्थ
मामला सामने आने के बाद सुजीत श्रीवास्तव फिलहाल पुलिस लाइन में पदस्थ हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई के संबंध में इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार को भी शिकायती पत्र भेजा गया है। वहीं आरक्षक विकास सेंधव भी पुलिस लाइन में पदस्थ बताया जा रहा है। उसके लंबे समय से लाइन से गैरहाजिर रहने की जानकारी भी सामने आई है।





















