बार-बार रोकते हैं पेशाब? तो सावधान! UTI से लेकर ब्लैडर की परेशानी तक का खतरा

काम की व्यस्तता, सफर, स्कूल-कॉलेज या आसपास साफ टॉयलेट न मिलने के कारण कई लोग लंबे समय तक पेशाब रोककर रखते हैं। कभी-कभार ऐसा होना आम है, लेकिन अगर यह आदत बार-बार दोहराई जाए तो यूरिनरी सिस्टम पर असर पड़ सकता है। पेशाब की इच्छा को लगातार नजरअंदाज करने के बजाय शरीर के संकेतों को समझना जरूरी है।
किडनी खून को फिल्टर करके शरीर से अतिरिक्त पानी और अपशिष्ट पदार्थों को पेशाब के जरिए बाहर निकालती है। यह पेशाब ब्लैडर में जमा होता है। जब ब्लैडर भरने लगता है तो दिमाग को पेशाब करने का संकेत मिलता है। इस संकेत को बार-बार और लंबे समय तक टालना अच्छी आदत नहीं है।
UTI का बढ़ सकता है खतरा
बार-बार पेशाब रोकने से मूत्राशय में पेशाब लंबे समय तक जमा रह सकता है। कुछ परिस्थितियों में इससे बैक्टीरिया को बढ़ने का मौका मिल सकता है और यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) का खतरा बढ़ सकता है। UTI होने पर पेशाब करते समय जलन या दर्द, बार-बार पेशाब लगना और निचले पेट में असहजता जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
ब्लैडर की कार्यप्रणाली पर असर
लंबे समय तक पेशाब रोकने से ब्लैडर जरूरत से ज्यादा खिंच सकता है। अगर कोई व्यक्ति नियमित रूप से पेशाब की इच्छा को दबाता रहता है तो कुछ मामलों में समय के साथ ब्लैडर के सामान्य तरीके से खाली होने में परेशानी हो सकती है। हालांकि, इसका असर हर व्यक्ति में अलग हो सकता है और यह उसकी स्वास्थ्य स्थिति व अन्य कारणों पर निर्भर करता है। इसलिए पेशाब आने पर उसे अनावश्यक रूप से रोकने से बचना बेहतर है।
ब्लैडर पूरी तरह खाली न होने की समस्या
कुछ लोगों को पेशाब रोकने की आदत के साथ ब्लैडर पूरी तरह खाली न होने जैसा महसूस हो सकता है। पेशाब करने के बाद भी ऐसा लग सकता है कि अभी पेशाब बाकी है या थोड़ी देर बाद दोबारा टॉयलेट जाने की जरूरत पड़ रही है। अगर यह समस्या बार-बार हो रही है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसके पीछे पेशाब की आदत के अलावा अन्य स्वास्थ्य कारण भी हो सकते हैं।
पानी कम पीना भी सही तरीका नहीं
पेशाब कम करने के लिए पानी पीना कम कर देना सही तरीका नहीं है। शरीर को जरूरत के अनुसार पर्याप्त पानी मिलना जरूरी है। जब पेशाब की इच्छा हो तो संभव हो तो ज्यादा देर तक इंतजार करने के बजाय टॉयलेट जाना बेहतर है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
अगर पेशाब करते समय तेज जलन या दर्द हो, पेशाब में खून दिखाई दे, पेशाब करने में परेशानी हो या बार-बार UTI की समस्या हो रही हो, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। खासकर लगातार या गंभीर लक्षणों में खुद से इलाज करने के बजाय चिकित्सकीय जांच कराना बेहतर है।





















