तीन सवारी की कार्रवाई बनी विवाद की वजह:छात्रों ने पुलिस पर लगाए मारपीट और वसूली के आरोप

इंदौर। हीरानगर क्षेत्र में एक बाइक पर तीन युवकों के पकड़े जाने के बाद शुरू हुआ विवाद अब पुलिस की जनसुनवाई तक पहुंच गया है। लॉ छात्र अविराज पाठक ने पुलिसकर्मियों और नगर सुरक्षा समिति के सदस्यों पर मारपीट करने तथा रुपये मांगने के आरोप लगाए हैं। मंगलवार को वह अपने साथियों के साथ पलासिया स्थित पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचा और पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की।
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छात्र ने शिकायत में बताया कि 20 अगस्त की रात वह दो दोस्तों के साथ बाइक से जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में गश्त कर रहे नगर सुरक्षा समिति के सदस्यों ने उन्हें रोक लिया। अविराज का आरोप है कि बाइक पर तीन लोग होने को लेकर पूछताछ के दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया और बाद में मारपीट शुरू कर दी गई। शिकायतकर्ता के मुताबिक, उसे और उसके दोनों साथियों को डंडे व पाइप से पीटा गया। आरोप है कि युवकों को सड़क पर गिराकर कई मिनट तक मारने के बाद पुलिस सहायता केंद्र ले जाया गया। अविराज ने पीसीआर वाहन के चालक पर भी मारपीट में शामिल होने का आरोप लगाया है।
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10-10 हजार रुपए मांगने का आरोप
छात्र ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान तीनों युवकों से 10-10 हजार रुपए देने की मांग की गई। रकम नहीं देने पर उन्हें रातभर पुलिस सहायता केंद्र में रखा गया। इसके बाद उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जेल भेजे जाने का आरोप लगाया गया है। अविराज का कहना है कि जिस कार्रवाई में उन्हें आरोपी बनाया गया, उसमें उनके साथ कथित मारपीट की शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। इसी वजह से उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष मामले की शिकायत कर जांच की मांग की है।
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वीडियो में पीठ के चोट के निशान दिखाने का दावा
शिकायतकर्ता ने अपनी बात के समर्थन में एक वीडियो भी अधिकारियों को सौंपा है। वीडियो में अविराज और उसके साथी एक शेडनुमा पुलिस सहायता केंद्र के भीतर दिखाई देते हैं। छात्र का दावा है कि कार्रवाई के दौरान उन्हें इसी स्थान पर रखा गया था। वीडियो में एक पुलिसकर्मी के दरवाजा खोलने के दौरान छात्र अपनी पीठ पर चोट के निशान दिखाने का प्रयास करता दिखाई देता है। इसी बीच दरवाजा बंद हो जाता है। छात्र ने आरोप लगाया कि कथित मारपीट के बाद भी उसकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की गई।
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जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई
अविराज ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उसने शिकायत में घटना के दौरान मौजूद पुलिसकर्मियों, नगर सुरक्षा समिति के सदस्यों और पीसीआर स्टाफ की भूमिका की जांच करने के साथ वीडियो सहित अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को भी जांच में शामिल करने का अनुरोध किया है। हीरानगर एसीपी रूबीना मिजवानी ने बताया कि छात्र की शिकायत पुलिस को मिली है। इसमें पुलिसकर्मियों पर मारपीट के आरोप लगाए गए हैं। मामले की जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। दोनों पक्षों के बयान लिए जाएंगे और उपलब्ध तथ्यों व साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।





















