Manisha Dhanwani
23 Jan 2026
मिनेसोटा। अमेरिका के मिनेसोटा राज्य के कोलंबिया हाइट्स शहर में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे देश में इमिग्रेशन सिस्टम और मानवाधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (ICE) एजेंट्स ने एक 5 साल के बच्चे लियाम कोनेजो रामोस को उसके पिता के साथ हिरासत में लेकर टेक्सास के इमिग्रेशन डिटेंशन सेंटर भेज दिया। यह कार्रवाई उस वक्त हुई, जब बच्चा प्री-स्कूल से घर लौट रहा था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लियाम अपने पिता के साथ कार में बैठा था, तभी ICE एजेंट्स ने उसे घर के ड्राइववे से उतार लिया। कोलंबिया हाइट्स पब्लिक स्कूल की सुपरिंटेंडेंट जेना स्टेनविक ने बताया कि, एजेंट्स ने बच्चे से घर का दरवाजा खटखटाने को कहा, ताकि यह पता चल सके कि अंदर कोई मौजूद है या नहीं। स्टेनविक ने इस कार्रवाई को बेहद अमानवीय बताते हुए कहा कि, एक 5 साल के बच्चे को इस तरह इस्तेमाल करना उसे चारा बनाने जैसा है।
परिवार के मुताबिक, बच्चे के पिता ने गिरफ्तारी के डर से मां को दरवाजा न खोलने को कहा था। कुछ देर बाद जब माता-पिता ने बच्चे को घर के अंदर लाने की कोशिश में दरवाजा खोला, तभी एजेंट्स ने पिता को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद घर में मौजूद अन्य वयस्कों द्वारा बच्चे को अपने साथ रखने की पेशकश के बावजूद एजेंट्स ने लियाम को भी हिरासत में लेकर अपने साथ ले जाने का फैसला किया।
परिवार के वकील और अधिकारियों के अनुसार, पिता और बच्चा दोनों को टेक्सास के डिली शहर स्थित इमिग्रेशन डिटेंशन सेंटर भेजा गया है। यह सेंटर महिलाओं और बच्चों के लिए बनाए गए अमेरिका के सबसे बड़े डिटेंशन सेंटर्स में से एक है, जहां शरण (Asylum) मामलों से जुड़े प्रवासियों को रखा जाता है।

घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि, बच्चे को गिरफ्तार नहीं किया गया, बल्कि केवल डिटेन किया गया है। वेंस ने कहा कि, एजेंट्स बच्चे को ठंड में अकेला नहीं छोड़ सकते थे और कानून के तहत गैर-कानूनी प्रवासी को गिरफ्तार करना जरूरी था।
स्कूल सुपरिंटेंडेंट जेना स्टेनविक ने सवाल उठाया कि, एक 5 साल के बच्चे को क्यों हिरासत में लिया गया? यह बच्चा कोई अपराधी नहीं है और न ही किसी हिंसक गतिविधि से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि, इस तरह की कार्रवाइयों से स्कूलों में डर का माहौल बन गया है। हाल के दिनों में स्कूल उपस्थिति में भारी गिरावट देखी गई है। एक दिन करीब एक-तिहाई छात्र भी स्कूल नहीं पहुंचे।
स्कूल अधिकारियों के मुताबिक, यह परिवार 2024 में इक्वाडोर से अमेरिका आया था। उनका Asylum केस अभी एक्टिव है। उन्हें देश छोड़ने का कोई आधिकारिक आदेश नहीं दिया गया था। वे कानूनी प्रक्रिया के तहत अमेरिका में रह रहे थे।
होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) की प्रवक्ता ट्रिशिया मैकलॉफलिन ने बयान जारी कर कहा कि, बच्चे को टारगेट नहीं किया गया था। कार्रवाई का उद्देश्य केवल पिता एड्रियन अलेक्जेंडर कोनेजो एरियास की गिरफ्तारी था।
उनका कहना है कि, बच्चे की सुरक्षा के लिए एक अधिकारी उसके साथ रुका और बाद में उसे भी हिरासत में लिया गया। ICE का दावा है कि, माता-पिता को विकल्प दिया जाता है कि वे बच्चों को किसी परिचित को सौंपें या बच्चों के साथ ही डिपोर्टेशन प्रक्रिया में जाएं।
अमेरिकी कस्टम्स और बॉर्डर प्रोटेक्शन अधिकारियों के मुताबिक, मिनेसोटा क्षेत्र में पिछले 6 हफ्तों में करीब 3,000 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें लगभग 400 बच्चे भी शामिल हैं। चिल्ड्रन्स राइट्स संगठन की लीशिया वेल्च ने डिटेंशन सेंटर का दौरा करने के बाद बताया कि, वहां बच्चों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। कई बच्चे 100 दिनों से ज्यादा समय से हिरासत में हैं। उनमें बीमारी, कुपोषण और मानसिक तनाव के मामले सामने आ रहे हैं।
मिनेसोटा में इमिग्रेशन रेड के बाद हालात लगातार तनावपूर्ण होते जा रहे हैं। मिनियापोलिस इलाके में हजारों फेडरल एजेंट्स तैनात किए गए हैं। स्थानीय समुदाय इसे नस्लीय भेदभाव और मानवाधिकार उल्लंघन के रूप में देख रहा है। लगातार विरोध प्रदर्शन, झड़पें और हिंसक घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे स्थिति और गंभीर बनती जा रही है।
इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (ICE) अमेरिका की फेडरल एजेंसी है, जो अवैध इमिग्रेशन, डिपोर्टेशन और सीमा-पार अपराधों पर कार्रवाई करती है। यह एजेंसी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) के अंतर्गत काम करती है और इसकी स्थापना 2003 में 9/11 हमलों के बाद की गई थी।
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