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सिर्फ इलेक्शन हो तो आ जाते हैं PM!मोदी पर गरजे एम.के स्टालिन, कहा- तमिलनाडु आगे भी उन्हें हराने का काम करेगा

मोदी पर गरजे एम.के स्टालिन, कहा- तमिलनाडु आगे भी उन्हें हराने का काम करेगा
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    तिरुवनंतपुरम। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राज्य दौरे के बीच केंद्र सरकार और एनडीए गठबंधन पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लगातार तमिलनाडु से जुड़े अहम मुद्दों से बचती आई है। स्टालिन ने कहा कि अब तमिलनाडु एनडीए की “विश्वासघातों की गिनती” करने को मजबूर हो गया है।

    स्टालिन- शिक्षा जैसे जरूरी हक से राज्य वंचित

    मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि तमिलनाडु के लिए बकाया 3,458 करोड़ रुपये की समग्र शिक्षा अभियान की राशि आखिर कब जारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में भी राज्य को उसके हक से वंचित रखा जा रहा है, जो बेहद चिंताजनक है। इसके साथ ही स्टालिन ने परिसीमन के मुद्दे पर भी केंद्र को घेरा।

    आगे उन्होंने पूछा कि प्रधानमंत्री की ओर से इस विषय पर दिए गए भरोसे का क्या हुआ और तमिलनाडु की आशंकाओं को दूर करने के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं। स्टालिन के मुताबिक, केंद्र की नीतियां संघीय ढांचे की भावना के खिलाफ हैं और राज्य के हितों की अनदेखी कर रही हैं।

    राज्यपाल पर भी बरसे CM

    वहीं इसके अलावा मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने राज्यपाल आर.एन. रवि पर भी तीखा हमला बोलते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्यपाल तानाशाह की तरह व्यवहार कर रहे हैं और भाजपा के एजेंट की भूमिका निभा रहे हैं। स्टालिन ने सवाल उठाया कि आखिर तमिलनाडु में राज्यपाल की इस “तानाशाही” का अंत कब होगा। दूसरी ओर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जो सरकार तमिल भाषा और तमिल प्रेम का दावा करती है, वह यह बताए कि तमिल भाषा के विकास के लिए बकाया राशि कब जारी की जाएगी। उन्होंने केंद्र से तमिलनाडु के साथ भेदभाव बंद करने की मांग की।

    इसके साथ ही स्टालिन ने मनरेगा योजना को बिना किसी कटौती के जारी रखने की मांग दोहराई। उन्होंने राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाली वीबी ग्राम योजना (VBGRAMG) को समाप्त करने की भी मांग की। स्टालिन के मुताबिक, केंद्र की नीतियां राज्यों की आर्थिक स्वायत्तता को कमजोर कर रही हैं और इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है।

    NEET में छूट, राज्य की बड़ी जरूरत

    एम.के. स्टालिन ने होसुर एयरपोर्ट के साथ-साथ कोयंबटूर और मदुरै मेट्रो परियोजनाओं को जल्द मंजूरी देने की मांग भी दोहराई। इसके अलावा उन्होंने कीझाड़ी उत्खनन से जुड़ी रिपोर्ट सार्वजनिक करने और तमिलनाडु को नीट परीक्षा से स्थायी छूट देने की मांग को एक बार फिर उठाया है।स्टालिन ने कहा कि नीट से छूट की मांग किसी एक दल की नहीं, बल्कि पूरे तमिलनाडु की सर्वसम्मत आवाज है, जिसे केंद्र सरकार को गंभीरता से सुनना और स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र लगातार राज्य की भावनाओं और जरूरतों की अनदेखी कर रहा है।

    अपने बयान के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाला NDA गठबंधन अब तक सिर्फ वादे और धोखा देता आया है। उन्होंने दावा किया कि तमिलनाडु की जनता पहले भी एनडीए को हराती रही है और आगे भी उसे करारा जवाब देने का काम करती रहेगी।

    Aakash Waghmare
    By Aakash Waghmare

    आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...

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