रायपुर में लागू हुआ पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम :संजीव शुक्ला बने पहले पुलिस कमिश्नर, 21 थानों की जिम्मेदारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस प्रशासनिक व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए राज्य सरकार ने आधिकारिक रूप से पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू कर दिया है। इसके साथ ही रायपुर को पहली बार पुलिस कमिश्नर मिला है। वरिष्ठ IPS अधिकारी संजीव शुक्ला को रायपुर का पहला पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है। इस फैसले के साथ ही राजधानी में वर्षों से चली आ रही SP आधारित पुलिस व्यवस्था समाप्त हो गई है।
संजीव शुक्ला बने रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर
राज्य गृह विभाग की अधिसूचना के अनुसार, IG रैंक के वरिष्ठ IPS अधिकारी संजीव शुक्ला को रायपुर का पहला पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है। वे इससे पहले बिलासपुर रेंज के IG के रूप में सेवाएं दे रहे थे। कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद रायपुर अर्बन पुलिस जिला उनकी सीधी कमान में रहेगा। अब राजधानी के शहरी क्षेत्र में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, ट्रैफिक, साइबर क्राइम और इंटेलिजेंस से जुड़े सभी निर्णय सीधे पुलिस कमिश्नर के स्तर पर लिए जाएंगे।
SP सिस्टम समाप्त, नई पुलिस व्यवस्था लागू
कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के साथ ही रायपुर में पारंपरिक Superintendent of Police (SP) आधारित व्यवस्था समाप्त हो गई है। अब प्रशासनिक ढांचा दो भागों में विभाजित किया गया है-
|
क्षेत्र |
व्यवस्था |
नियंत्रण |
|
रायपुर अर्बन |
कमिश्नरेट सिस्टम |
पुलिस कमिश्नर |
|
रायपुर रूरल |
SP सिस्टम |
पुलिस अधीक्षक |
रायपुर अर्बन: कमिश्नरी सिस्टम में 21 थाने
रायपुर शहरी क्षेत्र को तीन जोन में विभाजित किया गया है- सेंट्रल जोन, वेस्ट जोन और नॉर्थ जोन
शहरी थाने:
सिविल लाइन, देवेंद्र नगर, तेलीबांधा, कोतवाली, गंज, मौदहापारा, गोल बाजार, पुरानी बस्ती, डीडी नगर, आमानाका, आजाद चौक, सरस्वती नगर, कबीर नगर, राजेंद्र नगर, मुजगहन, टिकरापारा, उरला (नगर निगम बीरगांव क्षेत्र), खमतराई, गुढ़ियारी, पंडरी, खम्हारडीह
रायपुर ग्रामीण थाने (SP सिस्टम के अंतर्गत)
विधानसभा, धरसींवा, खरोरा, तिल्दा नेवरा, माना, मंदिर हसौद, आरंग, नवा रायपुर, राखी, अभनपुर, गोबरा नवापारा, उरला (नगर निगम सीमा के बाहर का क्षेत्र)
कमिश्नरेट व्यवस्था की प्रशासनिक संरचना
|
पद |
संख्या |
|
पुलिस आयुक्त |
1 |
|
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त |
1 |
|
पुलिस उपायुक्त (DCP) |
5 |
|
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त |
9 |
|
सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) |
21 |
प्रमुख इकाइयां
- जोन प्रबंधन
- अपराध शाखा
- ट्रैफिक शाखा
- साइबर सेल
- महिला अपराध इकाई
- इंटेलिजेंस यूनिट
- प्रोटोकॉल यूनिट
- कानून-व्यवस्था शाखा
पुलिस कमिश्नर को मिले मजिस्ट्रेटी अधिकार
नई अधिसूचना के तहत पुलिस कमिश्नर को कई अहम अधिकार प्रदान किए गए हैं-
- धारा 144 लागू करने का अधिकार।
- जुलूस, धरना और सार्वजनिक सभाओं पर प्रतिबंध/अनुमति।
- निषेधाज्ञा लागू करने की शक्ति।
- आपात स्थिति में त्वरित निर्णय।
- शांति भंग की आशंका में हिरासत।
- गुंडा एक्ट लगाने का अधिकार।
- राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लागू करने का अधिकार।
पहले ये अधिकार जिला कलेक्टर और कार्यपालक मजिस्ट्रेट के पास होते थे।
क्यों जरूरी था कमिश्नरेट सिस्टम
सरकार के अनुसार रायपुर और बिरगांव नगर निगम क्षेत्र की संयुक्त आबादी लगभग 19 लाख है। तेजी से बढ़ती जनसंख्या, शहरीकरण, अपराध के बदलते स्वरूप, साइबर क्राइम और संगठित अपराध की चुनौतियों को देखते हुए यह व्यवस्था लागू की गई है। सरकार का मानना है कि, इससे पुलिस को अधिक स्वायत्तता, त्वरित निर्णय क्षमता और बेहतर जवाबदेही मिलेगी।
पुलिस बल की वास्तविक स्थिति
स्वीकृत पद: 3600
वर्तमान बल: करीब 2750
वास्तविक जरूरत: 7500 से ज्यादा
औसतन एक थाना: 30-35 स्टाफ
न्यूनतम आवश्यकता: 75 स्टाफ प्रति थाना
रिपोर्टिंग सिस्टम में बदलाव
- पुलिस कमिश्नर सीधे DGP को रिपोर्ट करेंगे।
- ग्रामीण रायपुर के SP की रिपोर्टिंग IG को होगी।
- शहरी और ग्रामीण पुलिस की ड्यूटी अलग-अलग रहेगी।
- बिना शासन अनुमति दोनों क्षेत्रों की फोर्स आपस में कार्य नहीं कर सकेगी।
यह भी पढ़ें: Chhattisgarh Blast : बलौदाबाजार में स्पंज आयरन प्लांट में ब्लास्ट, 7 मजदूरों की मौत, कई झुलसे











