मिनियापोलिस। अमेरिका के मिनियापोलिस शहर में बुधवार सुबह एक कैथोलिक स्कूल में भीषण गोलीबारी हुई, जिसमें हमलावर समेत तीन लोगों की मौत हो गई। इस घटना में दो मासूम बच्चों ने भी अपनी जान गंवाई, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हो गए। घटना ने पूरे शहर को दहला दिया है। गोलीबारी एनाउंसिएशन कैथोलिक स्कूल में हुई, जहां बच्चे और शिक्षक सामूहिक प्रार्थना सभा में शामिल होने के लिए इकट्ठा हुए थे।
मिनियापोलिस का यह स्कूल करीब 395 छात्रों वाला प्राईवेट प्राइमरी स्कूल है। बुधवार सुबह 8:15 बजे जब चर्च के भीतर मास यानी सामूहिक प्रार्थना चल रही थी, तभी अचानक गोलियों की आवाज गूंज उठी। हमलावर ने चर्च की खिड़कियों से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। अफरा-तफरी के बीच कई छात्र और शिक्षक घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि इस हमले में 8 और 10 साल के दो बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस ने बताया कि हमलावर की पहचान 23 वर्षीय रॉबिन वेस्टमैन के रूप में हुई है। उसने तीन हथियार एक राइफल, एक शॉटगन और एक पिस्तौल वैध तरीके से खरीदे थे। शुरुआती जांच में सामने आया कि उसने इन हथियारों से दर्जनों गोलियां चलाईं। यही नहीं, उसने उस हिस्से के दरवाजों को लकड़ी के तख्तों से बंद करने की कोशिश भी की, जहां से वह फायरिंग कर रहा था। पुलिस ने उसे मुठभेड़ में ढेर कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था।
मिनियापोलिस पुलिस प्रमुख ब्रायन ओ’हारा ने इसे जानबूझकर किया गया हमला बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों से भरे चर्च में गोलीबारी की क्रूरता और कायरता समझ से परे है। मिनेसोटा के गवर्नर टिम वाल्ज ने इस घटना को 'भीषण' करार दिया और कहा कि बच्चों और शिक्षकों के स्कूल के पहले सप्ताह को यह हिंसा हमेशा के लिए कलंकित कर गई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि वे पीड़ित परिवारों के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
गोलीबारी की खबर मिलते ही पुलिस, एफबीआई और अन्य संघीय एजेंसियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। घायलों को चिल्ड्रन्स मिनेसोटा पीडियाट्रिक ट्रॉमा अस्पताल और हेनेपिन हेल्थकेयर के इमरजेंसी विभाग में भर्ती कराया गया। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि हमलावर मारा जा चुका है और अब इलाके में किसी तरह का सक्रिय खतरा नहीं है। छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालकर उनके परिवारों को पुनर्मिलन क्षेत्र में भेजा गया।
के-12 स्कूल शूटिंग डेटाबेस के अनुसार, इस साल जनवरी से अब तक देशभर में गोलीबारी की यह 146वीं घटना है। घटना ऐसे समय हुई है जब अमेरिका के कई कॉलेज परिसरों में फर्जी कॉल्स कर गोलीबारी की झूठी सूचनाएं दी जा रही थीं, जिनसे स्टूडेंट में पहले ही भय का माहौल था। इस ताजा हमले ने अमेरिका में स्कूलों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।