भोपाल। बिजली के स्मार्ट मीटर बलपूर्वक लगाए जाने के विरोध में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने राज्यव्यापी प्रदर्शन के साथ ही राजधानी भोपाल में भी ट्रांसपोर्ट ऐरिया में प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। साथ ही विद्युत मंडल को फिर से जीवित करने की मांग भी की गई।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव कॉमरेड शैलेंद्र शैली ने इस मौके पर संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश विद्युत मंडल का पुनर्जीवन किया जाए, क्योंकि कंपनियों में बांट कर विद्युत मंडल को खत्म करने से जनता को लेकर जवाबदेही नहीं रही। सिर्फ मुनाफा कमाने के लिए नए-नए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। यह कतई बर्दाश्त नहीं होगा और जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जाने के विरोध में प्रदेशव्यापी आंदोलन चलेगा। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में मजदूर, हम्माल, दिहाड़ी मजदूर, यात्री और सिटी वाहनों के ड्राइवर, कंडक्टर आदि शामिल थे।
भाकपा के प्रदर्शन में शामिल कॉमरेड सत्यम पाण्डे, कॉमरेड फिदा हुसैन, कॉमरेड मुन्ने खां, कॉमरेड लाखन सिंह रघुवंशी, कॉमरेड सईद खान, नवाबुद्दीन, इब्राहिम, शेर सिंह, शहाबुद्दीन, दिलीप विश्वकर्मा, रफीक, जितेन्द्र, संजय रैकवार, पप्पू योगी, दीपक सरवन, जमुना प्रसाद, जब्बार भाई आदि ने बिजली बिल लहराए। इनका कहना था कि झुग्गियों से लेकर एक-दो कमरों के घरों के बिल बहुत ज्यादा आने से चुकाना मुश्किल हो गया है। हालत यह है कि जितना एक मजदूर हफ्तेभर में कमाता है, उससे ज्यादा बिजली का बिल आ रहा है। ऐसे में बच्चों और परिवार को पालना मुश्किल हो गया है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव कॉमरेड शैलेन्द्र शैली ने मांगे गिनाते हुए कहा कि बिजली के स्मार्ट मीटर जबरन लगाने को रोका जाकर ऐच्छिक किया जाए। इसके साथ ही मध्य प्रदेश विद्युत मण्डल पुन: स्थापित कर बिजली की आपूर्ति को निजीकरण से मुक्त किया जाए। बिजली की दरों में वृद्धि वापस ली जाए और एक समान दरों पर शुल्क निर्धारण किया जाए। बिजली की अघोषित कटौती को समाप्त कर किसानों को सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों के लिए बिजली की अबाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। परीक्षाओं की अवधि में किसी भी तरह की बिजली कटौती नहीं हो। धार्मिक आयोजनों में बिजली की अवैध आपूर्ति रोकने हेतु कड़ी कार्रवाई की जाए। बिजली के अवैध कनेक्शन होने पर तत्काल इसे बन्द किया जाए।