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मंत्री विजय शाह केस :सुप्रीम कोर्ट ने मप्र सरकार से कहा-बहुत देर हो चुकी, दो हफ्ते में बताएं केस कब चलेगा

कर्नल सोफिया कुरैशी पर टिप्पणी करने वाले मप्र के मंत्री विजय शाह को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती जताई है। कोर्ट ने मप्र सरकार से कहा है कि मंत्री पर मुकदमा चलाने की मंजूरी दी जाए या नहीं।  
सुप्रीम कोर्ट ने मप्र सरकार से कहा-बहुत देर हो चुकी, दो हफ्ते में बताएं केस कब चलेगा
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मध्य प्रदेश सरकार को निर्देश दिया कि वह मंत्री कुंवर विजय शाह पर कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियों के लिए मुकदमा चलाने की मंज़ूरी देने पर फैसला ले।  इसके लिए कोर्ट ने दो सप्ताह  का समय दिया है। चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की तरफ से उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी देने की रिक्वेस्ट पर राज्य की देरी पर सवाल उठाया। SIT ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मामले की जांच की थी।

    19 अगस्त से आप SIT की रिपोर्ट पर बैठे हैं

    CJI सूर्यकांत ने कहा, "आप 19 अगस्त, 2025 से SIT रिपोर्ट पर बैठे हैं। कानून आप पर एक जिम्मेदारी डालता है और आपको फैसला लेना चाहिए। अब 19 जनवरी है।" कोर्ट ने SIT की सीलबंद रिपोर्ट खोली और पाया कि अलग-अलग पहलुओं की जांच के बाद, उसने उन्हें प्रॉसिक्यूट करने के लिए सरकार से मंजूरी मांगी है। कोर्ट ने आदेश दिया, "हमें बताया गया है कि मामला यहां पेंडिंग होने के कारण राज्य ने कोई कार्रवाई नहीं की है। हम मध्य प्रदेश राज्य को कानून के अनुसार मंज़ूरी के लिए उचित कदम उठाने का निर्देश देते हैं।" राज्य ने पहले कहा था कि उसने SIT की रिक्वेस्ट पर कोई कार्रवाई नहीं की क्योंकि मामला सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग था।

    रिकॉर्ड में कुछ नहीं हैं, अब काफी देर हो चुकी है

    शाह का प्रतिनिधित्व कर रहे सीनियर एडवोकेट मनिंदर सिंह ने कहा कि उन्होंने पहले ही अपनी टिप्पणियों के लिए माफी मांग ली थी, तो कोर्ट ने कहा, "माफी कहां है? रिकॉर्ड में कुछ नहीं है। अब बहुत देर हो चुकी है।" कर्नल कुरैशी उन आर्मी अधिकारियों में से एक थीं जिन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ भारत के सीमा पार सैन्य कार्रवाई, ऑपरेशन सिंदूर के बारे में मीडिया को ब्रीफ किया था। यह ऑपरेशन 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद किया गया था जिसमें 26 भारतीय नागरिक मारे गए थे।

    शाह ने यह कहा था

    मंत्री विजय शाह ने कहा था कि "जिन्होंने हमारी बेटियों को विधवा किया, हमने उन्हें सबक सिखाने के लिए उनकी ही एक बहन को भेजा।" इस टिप्पणी को बड़े पैमाने पर कर्नल कुरैशी और उनके धर्म के बारे में एक अप्रत्यक्ष संदर्भ के रूप में देखा गया।  यह विवादास्पद टिप्पणी शाह ने रायकुंडा गांव, अंबेडकर नगर (महू) में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में की थी और इसकी व्यापक आलोचना हुई, और उन्हें पद से हटाने की मांग की गई।

    मप्र हाईकोर्ट ने लिया था स्वत: संज्ञान

    इसके बाद, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक स्वतः संज्ञान मामले में शाह की टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताई और पुलिस को शाह के खिलाफ फर्स्ट इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट (FIR) दर्ज करने का आदेश दिया। हाईकोर्ट ने कहा, "उनकी टिप्पणियां अपमानजनक और खतरनाक हैं, न केवल संबंधित अधिकारी के लिए बल्कि सशस्त्र बलों के लिए भी।"

    14 मई को हुई थी FIR

    शाह के खिलाफ 14 मई को देर रात FIR दर्ज की गई थी। पुलिस ने शाह पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152, 196(1)(b), और 197(1)(c) के तहत मामला दर्ज किया, जो राष्ट्रीय संप्रभुता को खतरे में डालने और अलग-अलग समूहों के बीच दुश्मनी बढ़ाने से संबंधित हैं। इसके बाद शाह ने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। कोर्ट ने 16 मई, 2025 को शाह की टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताई और उनकी माफी स्वीकार करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने FIR पर रोक लगाने से भी इनकार कर दिया और इसके बजाय उनके खिलाफ SIT का गठन किया, जबकि उन्हें गिरफ्तारी से सुरक्षा दी।

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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