Aakash Waghmare
19 Jan 2026
छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा के ओरसा घाट में रविवार को स्कूल बस पलटने से मौत का आंकड़ा बढ़कर 10 हो गया। मृतकों में 5 महिलाएं और 5 पुरुष शामिल हैं। इसके अलावा 78 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 19 की हालत गंभीर है। घायलों को गुमला और रांची के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
हादसा रविवार दोपहर छत्तीसगढ़ सीमा से लगभग 7 किलोमीटर दूर, झारखंड के लातेहार जिले के महुआडांड थाना क्षेत्र में हुआ। बस में कुल 87 लोग सवार थे। ये लोग बलरामपुर जिले के ग्राम पीपरसोत, महाराजगंज, झपरा और बुद्धीडीह से सगाई समारोह में शामिल होने के लिए ज्ञान गंगा पब्लिक स्कूल की बस में झारखंड के लोधगांव जा रहे थे।
बस ओरसा-बंगलादारा घाटी में पहुंची थी, तभी ढलान में बस का ब्रेक फेल हो गया। तेज रफ्तार बस PWD रोड सेफ्टी गार्ड तोड़ते हुए पेड़ से टकराई और करीब 20 फीट नीचे जाकर सड़क पर पलट गई। इस हादसे में 5 लोगों की मौके पर मौत हो गई और 5 लोगों ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
बस के ड्राइवर विकास पाठक ने बताया कि हादसे से कुछ समय पहले उन्हें ब्रेक काम न करने का अहसास हुआ। उन्होंने स्थिति को संभालने के लिए हैंड ब्रेक लगाया और इंजन बंद किया, लेकिन ढलान होने के कारण बस बेकाबू हो गई।
महुआडांड थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से लोग बस से बाहर निकाले गए। 60 घायलों को महुआडांड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया। 20 घायलों को कार्मेल अस्पताल भेजा गया। गंभीर घायलों को गुमला और लातेहार के अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया। गुमला अस्पताल में दो पुरुष और लातेहार सदर अस्पताल में एक महिला ने दम तोड़ दिया। देर रात 25 घायलों को अंबिकापुर लाया गया, जहां एक की इलाज के दौरान मौत हो गई।
झारखंड के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और क्षेत्रीय विधायक/कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने हादसे पर दुख व्यक्त किया। मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए सहायता राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने गंभीर रूप से घायल यात्रियों के उचित इलाज के निर्देश दिए और मृतकों को श्रद्धांजलि दी।
बलरामपुर लाए जाएंगे शव
हादसे में मारे गए ग्रामीणों के शव आज (सोमवार) बलरामपुर लाए जाएंगे। बलरामपुर जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंहदेव, कुसमी SDM, तहसीलदार और सामरी थाना प्रभारी महुआडांड पहुंचे थे। शवों को लाने की व्यवस्थाएँ की जा रही हैं।