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संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान 19 जनवरी को भारत की आधिकारिक यात्रा पर आ रहे हैं। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब पश्चिम एशिया में हालात काफी संवेदनशील बने हुए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव है, गाजा में हालात स्थिर नहीं हैं और खाड़ी देशों के आपसी रिश्तों में भी खटास देखने को मिल रही है। ऐसे में UAE राष्ट्रपति की भारत यात्रा को बेहद अहम माना जा रहा है।
पश्चिम एशिया इस समय बड़े बदलावों के दौर से गुजर रहा है। ईरान-अमेरिका के रिश्ते लगातार बिगड़ रहे हैं। यमन मुद्दे को लेकर सऊदी अरब और यूएई के बीच मतभेद की खबरें सामने आ रही हैं। वहीं गाजा में चल रहा संघर्ष पूरे क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है। इन हालात में भारत और UAE की नजदीकी दुनिया का ध्यान खींच रही है।
शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की यह भारत की तीसरी यात्रा होगी, जबकि पिछले 10 वर्षों में वे 5वीं बार भारत आ रहे हैं। UAE के भारतीय दूतावास के मुताबिक, यह दौरा भारत-UAE व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का अवसर है। दोनों देश इस यात्रा के जरिए भविष्य के लिए नई योजनाओं पर काम कर सकते हैं।
पिछले कुछ सालों में भारत और UAE के संबंधों में काफी मजबूती आई है। सितंबर 2024 में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान भारत आए थे। इसके बाद अप्रैल 2025 में दुबई के क्राउन प्रिंस और यूएई के उप प्रधानमंत्री शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम की भारत यात्रा हुई थी। इन यात्राओं से साफ है कि दोनों देश एक-दूसरे को अहम साझेदार मानते हैं।
भारत और UAE के बीच व्यापार और निवेश का रिश्ता काफी मजबूत है। दोनों देश एक-दूसरे के बड़े व्यापारिक साझेदार हैं। व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) से कारोबार को बढ़ावा मिला है। इसके अलावा स्थानीय मुद्रा में लेन-देन और निवेश समझौतों ने भी रिश्तों को नई ताकत दी है। ऊर्जा के क्षेत्र में भी भारत और यूएई के बीच लंबे समय के समझौते मौजूद हैं।
भारतीय दूतावास के अनुसार, यह यात्रा दोनों देशों के नेताओं को रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने का मौका देगी। इसके साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा होगी। इससे पहले शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान सितंबर 2023 में G20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले चुके हैं। नवंबर 2023 में उन्होंने वर्चुअल ग्लोबल साउथ समिट में भी भाग लिया था।
खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के बीच भारत एक संतुलित और भरोसेमंद देश के रूप में उभर रहा है। UAE और सऊदी अरब के बीच चल रहे मतभेद और ईरान से जुड़े मुद्दों के बीच भारत दोनों पक्षों के लिए एक स्थिर साझेदार बना हुआ है। यही वजह है कि UAE भारत के साथ अपने रिश्तों को और मजबूत करना चाहता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच अच्छे व्यक्तिगत संबंध माने जाते हैं। इस दोस्ती का असर दोनों देशों के रिश्तों पर भी साफ दिखता है। 2016 और 2017 में क्राउन प्रिंस रहते हुए नाहयान भारत आए थे। तब से लेकर अब तक भारत-UAE के संबंध लगातार आगे बढ़े हैं।
सूत्रों के मुताबिक, UAE राष्ट्रपति का यह दौरा सिर्फ आधे दिन का हो सकता है। हालांकि समय भले कम हो, लेकिन इसका संदेश काफी बड़ा है। यह यात्रा दिखाती है कि बदलते वैश्विक हालात में भारत और UAE एक-दूसरे के साथ खड़े हैं और भविष्य की रणनीति मिलकर तय करना चाहते हैं।