आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI की दुनिया में बड़ा बदलाव आने वाला है। OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने उन अटकलों पर अब मुहर लगा दी है, जिनकी चर्चा लंबे समय से हो रही थी। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है कि ChatGPT पर आने वाले समय में विज्ञापन दिखाए जाएंगे।
OpenAI जल्द ही अपने चैटबॉट प्लेटफॉर्म पर विज्ञापनों की टेस्टिंग शुरू करने जा रही है। शुरुआत में यह टेस्टिंग केवल अमेरिका में होगी, लेकिन सफल रहने पर इसे धीरे-धीरे दूसरे देशों में भी लागू किया जा सकता है।
OpenAI ने साफ किया है कि फिलहाल ChatGPT के Free और Grow वर्जन में ही विज्ञापनों की टेस्टिंग की जाएगी। वहीं, ChatGPT Plus, Pro, Enterprise और Business यूजर्स को किसी भी तरह के विज्ञापन नहीं दिखाए जाएंगे। यानी पेड यूजर्स का अनुभव पहले की तरह पूरी तरह एड-फ्री रहेगा।
कंपनी ने एक ब्लॉग पोस्ट के जरिए बताया है कि ChatGPT में विज्ञापन दिखाने के लिए कुछ खास नियम बनाए गए हैं, ताकि यूजर का भरोसा बना रहे।
ChatGPT के जवाब किसी भी विज्ञापन से प्रभावित नहीं होंगे। AI वही जवाब देगा, जो सही और उपयोगी होगा।
एड और AI के जवाब अलग-अलग दिखेंगे और विज्ञापन को स्पष्ट रूप से लेबल किया जाएगा।
यूजर्स की ChatGPT से हुई बातचीत किसी भी विज्ञापनदाता के साथ शेयर नहीं की जाएगी।
जो यूजर्स सब्सक्रिप्शन लेते हैं, उन्हें विज्ञापन देखने की जरूरत नहीं होगी।
OpenAI का कहना है कि यूजर्स अपने डेटा पर पूरा अधिकार रखेंगे। कंपनी पर्सनलाइज्ड विज्ञापन दिखाने के लिए केवल नॉन-कन्वर्सेशनल डेटा का इस्तेमाल कर सकती है, लेकिन यूजर चाहें तो इसे बंद कर सकते हैं।
इतना ही नहीं, यूजर्स यह भी तय कर सकेंगे कि उनका कौन-सा डेटा विज्ञापन के लिए इस्तेमाल हो और जरूरत पड़ने पर उसे डिलीट भी कर सकेंगे।
कंपनी ने यह भी साफ किया है कि वह ChatGPT को इस तरह से डिजाइन नहीं करेगी कि यूजर्स ज्यादा समय तक ऐप पर रुकें सिर्फ इसलिए ताकि ज्यादा विज्ञापन दिखाए जा सकें।OpenAI का फोकस यूजर एक्सपीरियंस पर रहेगा, न कि सिर्फ विज्ञापन से कमाई बढ़ाने पर।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, OpenAI एक नया सब्सक्रिप्शन प्लान भी लॉन्च कर सकती है, जिससे फ्री या लो-कॉस्ट यूजर्स भी विज्ञापनों से छुटकारा पा सकें। हालांकि, इस बारे में अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
OpenAI ने बताया है कि ChatGPT पर दिखने वाले विज्ञापन सिर्फ प्रमोशनल नहीं होंगे। ये विज्ञापन जानकारी देने वाले, मनोरंजक और बातचीत के अंदाज में होंगे। कंपनी छोटे बिजनेस को यह सुविधा भी देगी कि यूजर जब किसी विज्ञापन पर क्लिक करे, तो उसे उस बिजनेस का AI-पावर्ड एक्सपीरियंस मिल सके।
OpenAI ने एक अहम बात साफ की है कि 18 साल से कम उम्र के यूजर्स को विज्ञापन नहीं दिखाए जाएंगे। कंपनी AI की मदद से यूजर्स की उम्र का अनुमान लगाती है, ताकि नाबालिगों को विज्ञापनों से दूर रखा जा सके।
AI प्लेटफॉर्म्स पर विज्ञापन दिखाने का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। हाल ही में Meta ने भी अपने AI चैटबॉट में यूजर इंटरैक्शन के आधार पर पर्सनलाइज्ड ऐड दिखाने शुरू किए हैं। ऐसे में आने वाले समय में AI और विज्ञापन का यह रिश्ता और गहरा हो सकता है।