मुंबई में ‘भुलेश्वर चा राजा’ के आगमन पर हादसा, 22 फीट ऊंची मूर्ति श्रद्धालुओं पर गिरी, 2 की मौत; 5 लोग घायल

मुंबई। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में गणेशोत्सव की तैयारियों के बीच शनिवार रात बड़ा हादसा हो गया। भूलेश्वर इलाके में गणेश आगमन जुलूस के दौरान 22 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा अचानक गिर गई। प्रतिमा की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल बताए जा रहे हैं। यह हादसा भूलेश्वर के जय अंबे चौक के पास कबूतरखाना इलाके में हुआ। बताया जा रहा है कि ‘भुलेश्वर चा राजा’ मित्र मंडल की गणेश प्रतिमा को जुलूस के जरिए पंडाल की ओर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान अचानक प्रतिमा का संतुलन बिगड़ गया और वह वहां मौजूद लोगों पर जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही पलों में खुशी का माहौल चीख-पुकार में बदल गया।
ढोल-नगाड़ों के बीच अचानक गिरी भारी प्रतिमा
जानकारी के मुताबिक, शनिवार रात करीब 10 बजे बलराम मर्चेंट रोड पर स्थित कबूतरखाना के पास जय अंबे चौक में गणेश आगमन समारोह चल रहा था। बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुलूस में शामिल थे। चारों तरफ ढोल-नगाड़ों की आवाज और उत्सव का माहौल था। इसी दौरान 22 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा को आगे ले जाया जा रहा था। अचानक प्रतिमा का संतुलन बिगड़ा और वह भीड़ की तरफ गिर गई। भारी प्रतिमा के गिरते ही वहां मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। लोगों ने तुरंत घायलों को बाहर निकालने की कोशिश की और पुलिस तथा प्रशासन को सूचना दी।
दो लोगों की मौत, पांच घायल
इस हादसे में 33 वर्षीय संकेत नेवशे और 30 वर्षीय बृजेश हेमंत जोशी की मौत हो गई। दोनों को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे में पांच अन्य लोग घायल हुए हैं। इनमें 5 साल की लावण्या गनेर और 7 साल की दिव्या गनेर भी शामिल हैं। दोनों बच्चियों के घायल होने से हादसे की गंभीरता और बढ़ गई है। इसके अलावा 38 वर्षीय वैभव घेनंद, 25 वर्षीय पवन चौरसिया और 26 वर्षीय कुणाल काशिद भी घायल हुए हैं। सभी घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, घायल लोगों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। प्रशासन और अस्पताल की टीमें घायलों के इलाज पर नजर बनाए हुए हैं।
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नट-बोल्ट ढीले होने की बात सामने आई
शुरुआती जानकारी में प्रतिमा के ढांचे से जुड़े कुछ नट और बोल्ट ढीले होने की बात सामने आई है। माना जा रहा है कि इसी वजह से प्रतिमा का संतुलन बिगड़ा और वह अचानक गिर गई। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह क्या थी, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। प्रशासन की ओर से घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि प्रतिमा को ले जाने के दौरान सुरक्षा के जरूरी इंतजाम किए गए थे या नहीं।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची कई टीमें
हादसे की जानकारी मिलते ही मुंबई प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया। BMC, मुंबई फायर ब्रिगेड, मुंबई पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, 108 एंबुलेंस सेवा और BMC वार्ड स्टाफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव टीमों ने बिना समय गंवाए घायलों को घटनास्थल से बाहर निकाला। इसके बाद सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए तनाव और अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिस और ट्रैफिक टीम ने भीड़ को नियंत्रित करने और रास्ता साफ कराने का काम किया।
पहले क्यों लाई जाती है गणेश प्रतिमा?
मुंबई में गणेश प्रतिमा को गणेश चतुर्थी से पहले लाने की परंपरा कई सार्वजनिक गणेश मंडलों में देखने को मिलती है। इसे ‘गणेश आगमन’ कहा जाता है। इस दौरान मूर्ति को मूर्तिकार की कार्यशाला या भंडारण स्थल से जुलूस के जरिए पंडाल तक लाया जाता है। इसका मतलब यह नहीं है कि गणेश उत्सव या गणेश स्थापना पहले ही शुरू हो गई है। मंडल पहले से प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा देते हैं, ताकि पंडाल की सजावट, मूर्ति की स्थापना और बाकी तैयारियां समय पर पूरी की जा सकें। मुंबई जैसे बड़े शहर में विशाल गणेश प्रतिमाओं को ले जाने के लिए ट्रैफिक, सुरक्षा और जुलूस की विशेष व्यवस्था भी करनी पड़ती है। इसलिए कई मंडल मुख्य उत्सव से पहले ही ‘बाप्पा के आगमन’ का कार्यक्रम आयोजित करते हैं।
गणेशोत्सव से पहले हादसे ने बढ़ाई चिंता
मुंबई में गणेशोत्सव बेहद बड़े स्तर पर मनाया जाता है। यहां गणेश प्रतिमाओं के आगमन से लेकर विसर्जन तक बड़ी संख्या में लोग जुलूसों में शामिल होते हैं। कई इलाकों में विशाल प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं। ऐसे में भारी और ऊंची प्रतिमाओं को ले जाते समय सुरक्षा बेहद जरूरी होती है। मुंबई में हुए इस हादसे ने एक बार फिर बड़ी गणेश प्रतिमाओं की सुरक्षा और उन्हें ले जाने के इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुंबई में बड़े स्तर पर होता है गणेशोत्सव
मुंबई का गणेशोत्सव देशभर में अपनी भव्यता के लिए जाना जाता है। दस दिनों तक चलने वाले इस त्योहार में शहर के अलग-अलग इलाकों में बड़े-बड़े पंडाल बनाए जाते हैं। गणेश प्रतिमाओं के दर्शन के लिए दूर-दूर से लोग मुंबई पहुंचते हैं। इस साल भी बड़ी संख्या में सार्वजनिक गणेश पंडाल लगाए जा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, BMC को इस साल पंडाल लगाने के लिए 3,700 से ज्यादा आवेदन मिले थे। इनमें से 2,700 से अधिक आवेदनों को मंजूरी दी गई है। बड़ी संख्या में पंडाल और विशाल प्रतिमाओं के बीच प्रशासन के सामने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती है।




















