लखनऊ हत्याकांड: डरपोक था मानस या साइको किलर? मां-साली के दावों ने बढ़ाया सस्पेंस

लखनऊ में पत्नी और बहन की गोली मारकर हत्या के बाद मानस बाजपेई ने खुदकुशी कर ली थी। अब उसके मामा अवधेश और अमोल बाजपेई ने मानस के स्वभाव और पारिवारिक रिश्तों को लेकर सफाई दी है। वहीं दिव्या की बहन और यूट्यूबर पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा ने मानस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कई सवाल खड़े किए हैं। मामले में हथियारों की उपलब्धता, पारिवारिक विवाद और फैमिली कोर्ट में चल रहे केस की भूमिका जांच के दायरे में है।
2019 के बाद रिश्ते में आई दरार
मानस बाजपेई और दिव्या मिश्रा की 2017 में अरेंज मैरिज हुई थी। परिजनों के मुताबिक, दोनों के बीच रिश्ते 2019 में मानस की मां की मौत के बाद खराब होने लगे थे। बीते करीब एक साल से दोनों अलग रह रहे थे और उनके बीच फैमिली कोर्ट में मामला भी चल रहा था। मामा अवधेश और अमोल का कहना है कि मानस किसी नशे या गलत संगत में नहीं था। दोनों पति-पत्नी अच्छी कमाई करते थे, लेकिन पारिवारिक परिस्थितियों के चलते उनके रिश्ते लगातार बिगड़ते गए।
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'बेहद डरपोक था मानस'
मानस के मामा ने उसके स्वभाव को लेकर कहा कि वह बेहद डरपोक था और रात में सुनसान गली से गुजरने में भी डरता था। उनका कहना है कि मां की मौत के बाद मानस की बहन डिप्रेशन में चली गई थी और उसका इलाज चल रहा था। मानस ने घर में सीसीटीवी कैमरे तक लगवाए थे, ताकि बैंक में रहने के दौरान भी बहन की निगरानी कर सके। मामा के मुताबिक, दवा नहीं लेने पर बहन से नाराज होना या उसे डांटना हत्या का सबूत नहीं माना जा सकता।
मानस के पास दो पिस्टल और एक तमंचा कहां से आया?
दिव्या की बहन और यूट्यूबर पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मानस को लेकर अलग तस्वीर पेश की है। उन्होंने सवाल उठाया कि बैंक कर्मचारी मानस के पास दो पिस्टल और एक तमंचा कहां से आया। प्रज्ञा ने कहा कि मानस ऑटो से घर पहुंचा था, इसलिए ऑटो चालक की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि फैमिली कोर्ट में काउंसलर के साथ भी मानस की झड़प हुई थी।
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खर्च को लेकर भी था विवाद
प्रज्ञा मिश्रा के अनुसार, मानस ने घर के खर्चों की आधी-आधी सूची तैयार की थी, जिसे दिव्या ने स्वीकार किया था। उनका दावा है कि बाद में दिव्या ने अपने हिस्से का खर्च देना बंद किया तो मानस को यह धोखा लगा और विवाद बढ़ता गया। प्रज्ञा ने मानस और उसकी बहन पर अपनी मां के साथ मारपीट करने का आरोप भी लगाया और कहा कि इसी वजह से उनकी मौत हुई थी। हालांकि, ये आरोप प्रज्ञा मिश्रा के दावे हैं और उनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी ओर, मामा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए मानस को बहन की देखभाल करने वाला बताया। विवाद के बावजूद दिव्या तीज का व्रत रखने वाली थी और उसने हाथ पर मानस के नाम का टैटू भी नहीं हटवाया था। मामले में अब पुलिस जांच से ही इन विरोधाभासी दावों की सच्चाई सामने आएगी।





















