चीनी के बढ़ते दाम के बीच CM योगी का बड़ा बयान- UP में पर्याप्त स्टॉक, कालाबाजारी पर होगी कार्रवाई

उत्तर प्रदेश में बढ़ती चीनी कीमतों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में चीनी की उपलब्धता को लेकर स्थिति साफ की है। उन्होंने कहा कि राज्य में चीनी की कोई कमी नहीं है और लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चीनी के स्टॉक और कीमतों पर लगातार नजर रखने के साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
UP में 179.38 लाख कुंतल चीनी का स्टॉक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चीनी की उपलब्धता को लेकर समीक्षा बैठक की। इसमें बताया गया कि प्रदेश की चीनी मिलों के पास इस समय कुल 179.38 लाख कुंतल चीनी उपलब्ध है। इसमें सहकारी चीनी मिलों के पास 23.60 लाख कुंतल, निगम की चीनी मिलों के पास 5.28 लाख कुंतल और निजी चीनी मिलों के पास करीब 150.50 लाख कुंतल चीनी का स्टॉक मौजूद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उपलब्ध स्टॉक को देखते हुए प्रदेश में चीनी की कमी की स्थिति नहीं है।
जून-जुलाई में 235 लाख कुंतल चीनी बिकी
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जून और जुलाई के दौरान प्रदेश की चीनी मिलों ने करीब 235 लाख कुंतल चीनी की बिक्री की है। मुख्यमंत्री के मुताबिक बिक्री के बावजूद इसका एक बड़ा हिस्सा अभी बाजार में उपलब्ध है। ऐसे में बाजार में कृत्रिम कमी पैदा करने या अफवाहों के जरिए लोगों में घबराहट पैदा करने की कोशिशों पर सरकार की नजर रहेगी।
अफवाह और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि चीनी की कमी को लेकर अफवाह फैलाने वालों और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को चीनी मिलों के साथ-साथ थोक और फुटकर विक्रेताओं के गोदामों का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा उपलब्ध स्टॉक और बाजार में चीनी की कीमतों की लगातार निगरानी करने को कहा गया है। अगर किसी जगह कृत्रिम कमी या कीमतों में अनुचित बढ़ोतरी की स्थिति सामने आती है तो इसकी जानकारी तुरंत शासन को देने के निर्देश दिए गए हैं।
डीलर 30 दिन से ज्यादा का स्टॉक नहीं रख सकेंगे
सरकार ने चीनी के स्टॉक को लेकर भी सीमा तय की है। बैठक में बताया गया कि भारत सरकार के निर्देशों के मुताबिक कोई भी डीलर 30 दिन से ज्यादा का चीनी स्टॉक नहीं रख सकेगा। इसके अलावा एक समय में 400 टन से ज्यादा चीनी का भंडारण करने की अनुमति नहीं होगी। वहीं बल्क कंज्यूमर्स यानी बड़े स्तर पर चीनी का इस्तेमाल करने वाले ग्राहक 15 दिन से ज्यादा का स्टॉक अपने पास नहीं रख सकेंगे।
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चीनी मिलों के स्टॉक पर भी नियम
चीनी मिलों को भी अपने मासिक कोटे की चीनी की बिक्री के बाद उसे लंबे समय तक गोदाम में रखने की अनुमति नहीं होगी। मिलें बिक्री की तारीख से 7 दिन से ज्यादा समय तक अपने मासिक कोटे की चीनी को गोदाम में नहीं रोक सकेंगी। इन नियमों का उद्देश्य बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और जमाखोरी के जरिए कृत्रिम कमी पैदा होने से रोकना है।
जरूरत पड़ी तो 15 अक्टूबर से शुरू होगा पेराई सत्र
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि जरूरत पड़ने पर चीनी मिलों का संचालन 15 अक्टूबर से शुरू कराया जाए। पेराई सत्र 2026-27 के लिए प्रदेश में करीब 28.14 लाख हेक्टेयर गन्ना क्षेत्र रहने का अनुमान है। इससे लगभग 90 लाख टन चीनी उत्पादन होने की उम्मीद है। इससे आने वाले पेराई सत्र में चीनी की उपलब्धता को बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।
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48 लाख किसानों को मिला ₹32,554 करोड़ से ज्यादा भुगतान
बैठक में गन्ना किसानों के भुगतान की स्थिति की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि पेराई सत्र 2025-26 में प्रदेश के करीब 48 लाख किसानों को ₹32,554 करोड़ से ज्यादा का भुगतान किया गया है। सरकार का कहना है कि चीनी की उपलब्धता, स्टॉक और कीमतों की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि आम लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।





















