कुबेरेश्वरधाम में राधाष्टमी की धूम, 56 भोग के बाद पंडित प्रदीप मिश्रा करेंगे महाआरती

सीहोर के चितावलिया हेमा स्थित कुबेरेश्वरधाम शनिवार, 19 सितंबर को राधाष्टमी के अवसर पर भक्ति और आस्था से सराबोर रहेगा। धाम में दिनभर धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और विशेष पूजा-अर्चना होगी। दोपहर 12 बजे अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के सानिध्य में भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा।
56 भोग के बाद श्रद्धालुओं को प्रसादी
राधाष्टमी के अवसर पर सुबह भगवान को विधि-विधान से 56 भोग अर्पित किए जाएंगे। इसके बाद विठलेश सेवा समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क भोजन प्रसादी की व्यवस्था की जाएगी। आयोजन को लेकर समिति के कार्यकर्ता श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं।
विशेष श्रृंगार से सजा धाम
राधाष्टमी को लेकर कुबेरेश्वरधाम को विशेष रूप से सजाया गया है। भगवान की प्रतिमाओं का चांदी और सोने से निर्मित पोशाकों से श्रृंगार किया गया है। सुबह से ही धाम परिसर भजन-कीर्तन और धार्मिक जयघोष से गूंजता नजर आएगा।
दोपहर 12 बजे होगी महाआरती
राधाष्टमी महोत्सव का मुख्य आकर्षण दोपहर 12 बजे होने वाली महाआरती होगी। पंडित प्रदीप मिश्रा के सानिध्य में होने वाली इस आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। महाआरती के बाद शाम 4 बजे से श्रद्धालुओं के लिए दर्शन का क्रम शुरू होगा।
शुक्रवार से ही पहुंच रहे श्रद्धालु
राधाष्टमी से एक दिन पहले शुक्रवार को भी कुबेरेश्वरधाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। दूर-दराज से आए भक्तों ने भगवान के दर्शन किए और पूजा-अर्चना के बाद प्रसादी ग्रहण की। धाम परिसर में दिनभर भजन-कीर्तन और धार्मिक गतिविधियां चलती रहीं।
मुरली मनोहर मंदिर में तीन युगों की झलक
कुबेरेश्वरधाम का मुरली मनोहर मंदिर भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र है। मंदिर में भगवान शिव-माता पार्वती, भगवान राम-माता सीता और भगवान कृष्ण-राधा की प्रतिमाएं विराजमान हैं। यहां सतयुग, त्रेता और द्वापर युग से जुड़ी धार्मिक आस्था की झलक एक साथ देखने को मिलती है।
बाबा की आरती में चरित्र और सदाचार का संदेश
शुक्रवार शाम बाबा की आरती के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं को चरित्र और सदाचार का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की पहचान केवल धन से नहीं, बल्कि उसके चरित्र से होती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अच्छे आचरण, संयम और सदाचार को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।
ढोल-बाजों और आतिशबाजी के साथ मनेगी राधाष्टमी
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा के अनुसार राधाष्टमी पर सुबह 56 भोग, दोपहर 12 बजे महाआरती और इसके बाद विभिन्न धार्मिक आयोजन होंगे। उत्सव के दौरान ढोल-बाजों और आतिशबाजी के साथ राधाष्टमी का पर्व मनाया जाएगा।




















