मध्य प्रदेश में गुजरात से कहीं ज्यादा हैं 50 लाख रुपए से अधिक आय वाले करदाता

अशोक गौतम
भोपाल। पड़ोसी राज्य गुजरात को पूरा देश उद्योगों-धंधों और कारोबारियों का केंद्र मानता है। गुजरात में आईटी रिटर्न भरने वाले लोगों की संख्या ज्यादा है। लेकिन 50 लाख रुपए से अधिक आय वाले लोगों के मामले में मध्य प्रदेश गुजरात से कहीं आगे है। यह खुलासा आयकर विभाग में दाखिल आईटीआर रिटर्न के ग्राफ से हुआ है। इसके हिसाब से मध्य प्रदेश में कुल आयकरदाता और रिटर्न फाइल करने वालों की संख्या 13.68 लाख से अधिक है, लेकिन 25 हजार से अधिक लोगों की आय 50 लाख रुपए से अधिक है। वहीं इस कैटेगरी में गुजरात में लोगों की संख्या केवल 23 हजार के करीब है।
25 लाख आय वर्ग में भी प्रदेश गुजरात से आगे
इसी तरह 25 लाख की आय वर्ग में भी मध्य प्रदेश गुजरात से कहीं आगे है। हालांकि, अगर कुल आयकर दाता और रिर्टन फाइल करने वालों की बात करें तो गुजरात में यह संख्या 20.16 लाख से अधिक बैठती है। प्रदेश में सबसे ज्यादा आयकरदाता 5 लाख रुपए आय वर्ग के हैं, जिसकी संख्या 5 लाख से अधिक है। वहीं 10 लाख तक आय वाले 60 हजार के करीब हैं। जानकारी के अनुसार प्रदेश में 13 लाख में से, ऐसे 10 फीसदी लोग रिटर्न दाखिल करते हैं, जिनकी सालाना आय 2.5 लाख रुपए तक है। इसमें से बहुत से रिटर्न दाखिलकर्ता युवा और छोटे कारोबारी हैं, जो लोन के लिए रिटर्न दाखिल करते हैं।
गुजरात में 5 से 7 लाख आय वालों की संख्या अधिक
गुजरात में पांच से सात लाख रुपए से अधिक आय वर्ग वाले करदाताओं की संख्या अधिक है। यहां पांच लाख आय वर्ग के लोगों की संख्या 8.84 लाख और सात लाख आय वर्ग के करदाताओं की संख्या 4.58 लाख है।
मध्य प्रदेश वर्ष 2024 आयकरदाता
कुल 1,368,645
2.5 लाख तक 139,252
5 लाख तक 506,302
7.5 लाख तक 385,056
10 लाख तक 125,630
12 लाख तक 59,107
15 लाख तक 60,897
25 लाख तक 67,389
50 लाख से ज्यादा 25,012
गुजरात वर्ष 2024 आयकर दाता
कुल 2,016,373
2.5 लाख तक 339,274
5 लाख तक 884,429
7.5 लाख तक 458,006
10 लाख तक 119,192
12 लाख तक 68,496
15 लाख तक 64,286
25 लाख तक 59,084
50 लाख से ज्यादा 23,606
प्रदेश में 13 लाख लोग फाइल करते हैं आईटीआर
अगर छत्तीसगढ़ को छोड़ दिया जाए तो पड़ोसी राज्यों की तुलना में हमारे प्रदेश में सबसे कम लोग आईटीआर दाखिल करते हैं। छात्तीसगढ़ में 5 लाख, मप्र में 13 लाख, गुजरात में 20 लाख, महाराष्ट्र में 46 लाख, राजस्थान में 22 लाख और उत्तर प्रदेश में 34 लाख आईटीआर फाइल किए जाते हीं।





















