Aakash Waghmare
22 Jan 2026
Manisha Dhanwani
22 Jan 2026
Garima Vishwakarma
22 Jan 2026
Hemant Nagle
22 Jan 2026
Naresh Bhagoria
22 Jan 2026
इंदौर - द्वारकापुरी के अहीरखेड़ी इलाके में 35 वर्षीय सुनील सोलंकी ने आग लगाकर जान दे दी। वारदात ने पूरे मोहल्ले को दहला दिया। परिवार का आरोप है कि सुनील एसआईआर और बीएलओ के लगातार फोन से मानसिक दबाव में था। बार-बार 2003 के रिकॉर्ड, दादा-दादी के नाम और पुरानी जानकारी मांगकर उसे डराया-घुमाया जा रहा था। इसी दबाव ने अंततः उसकी जान ले ली। पुलिस मामले को “आत्महत्या” बताकर औपचारिक जांच की बात कह रही है, जबकि स्वजन इसे सीधा-सीधा दबाव के चलते हुई मौत मान रहे हैं।
सुनील सोलंकी, पुत्र मांगीलाल, पेशे से मिस्त्री था और अहीरखेड़ी स्थित दिग्विजय मल्टी में रहता था। रविवार रात वह गंभीर रूप से जल चुका था। भाई दीपक, अरुण और जीजा उसे तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन सोमवार शाम इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। परिजनों का दावा है कि घटना के वक्त वह शराब के नशे में जरूर था, लेकिन मानसिक दबाव की वजह वही लगातार आने वाले ‘सर के फोन’ थे।
मृतक का भाई दीपक बताता है कि सुनील ने मरने से पहले रास्ते में कहा— “सर बार-बार फोन कर रहे थे… दिमाग खराब हो गया… 2003 का रिकॉर्ड, दादा-दादी के नाम पूछ रहे हैं… लगातार परेशान कर रहे हैं।” इसी तनाव में उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया। दीपक ने भी स्वीकार किया कि खुद सुनील ने उसे कॉल कर दादा-दादी का नाम पूछा था, क्योंकि बीएलओ का फोन उस वक्त भी आ रहा था।
पुलिस के एसआई रामसिंह बघेल का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह खुदकुशी है और स्वजन ने अभी विस्तृत बयान नहीं दिए हैं। पुलिस ने पोस्टमार्टम करा लिया है और आगे जांच की बात कह रही है। हालांकि परिवार का दावा है कि सुनील की शराब पीने की आदत इस हादसे का कारण नहीं, बल्कि लगातार फोन की दहशत असली जिम्मेदार है।