4,000 उड़ानें रद्द… किराया 40 हजार क्यों?इंडिगो की गड़बड़ी पर दिल्ली HC की फटकार, सरकार और DGCA दोनों पर सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट ने इंडिगो एयरलाइंस संकट पर केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए मुआवजा, जांच और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। कोर्ट ने किराए में वृद्धि, उड़ानों के रद्द होने और DGCA की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए। हजारों यात्रियों को हुई परेशानी और दिल्ली एयरपोर्ट पर यात्रा प्रभावित होने से आर्थिक माहौल पर भी असर पड़ा।
इंडिगो की गड़बड़ी पर दिल्ली HC की फटकार, सरकार और DGCA दोनों पर सवाल
Indigo Delhi High Court
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार (10 दिसंबर) को इंडिगो एयरलाइंस संकट पर केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने पूछा कि सरकार ने स्थिति बिगड़ने से पहले कदम क्यों नहीं उठाए और अन्य एयरलाइंस को 39-40 हजार रुपए तक किराया बढ़ाने की अनुमति कैसे मिल गई। कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा कि आप इतने समय से कर क्या रहे थे?

    हाईकोर्ट के 4 बड़े आदेश

    1. प्रभावित यात्रियों को मुआवजा

    कोर्ट ने कहा कि इंडिगो DGCA के नियमों के अनुसार सभी यात्रियों को मुआवजा दे। यदि नियमों में नुकसान की भरपाई का प्रावधान है, तो वह भी की जाए। मंत्रालय इसकी पूरी निगरानी करेगा।

    2. मुआवजा तुरंत जारी किया जाए

    हाईकोर्ट ने साफ कहा कि मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया तुरंत शुरू होनी चाहिए।

    3. कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई

    कोर्ट ने याद दिलाया कि केंद्र सरकार के पास DGCA के आदेशों की समीक्षा करने का अधिकार है। सेक्शन 19 के तहत लाइसेंस या सर्टिफिकेट को प्रतिबंधित, निलंबित या रद्द किया जा सकता है। नियमों के उल्लंघन पर 2 साल तक की कैद, 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना, या दोनों का प्रावधान है।

    4. यात्रियों को परेशानी न हो, स्थिति सामान्य की जाए

    सरकार को सुनिश्चित करना होगा कि यात्रियों को आगे कोई दिक्कत न हो। कोर्ट ने कहा कि पर्याप्त स्टाफ और पायलटों की भर्ती की जानी चाहिए।

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    कोर्ट ने कारणों पर टिप्पणी करने से इनकार किया

    हाईकोर्ट ने कहा कि चूंकि जांच कमेटी बन चुकी है, इसलिए अभी अदालत इस संकट के कारणों पर कोई टिप्पणी नहीं करेगी। DGCA, केंद्र और कमेटी बिना कोर्ट की बातों से प्रभावित हुए स्वतंत्र रूप से निर्णय लें।

    याचिका में स्वतंत्र जांच की मांग

    मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेदेला की बेंच PIL पर सुनवाई कर रही थी। PIL में इंडिगो संकट की स्वतंत्र न्यायिक जांच, फ्लाइट रद्द होने पर मुआवजा, और एयरपोर्ट पर फंसे यात्रियों को राहत देने की मांग की गई थी।

    सरकार ने बताया कि वे FDTL (फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन) नियम लागू करना चाहती थी, जिसके लिए जुलाई और नवंबर में अंडरटेकिंग दी गई थी। कोर्ट ने DGCA पर कार्रवाई न करने को भी गंभीर माना।

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    अब DGCA भी जांच के दायरे में

    नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि इंडिगो के साथ-साथ DGCA की कार्यप्रणाली की भी जांच होगी। उन्होंने यात्रियों से माफी मांगते हुए कहा कि दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

    उड़ानें रद्द होने से यात्रियों में बढ़ी परेशानी

    1 दिसंबर से अब तक इंडिगो की 4,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। दिल्ली एयरपोर्ट से रोजाना करीब 1.5 लाख यात्री यात्रा करते हैं, लेकिन संकट के चलते यह संख्या कम हो गई है। कारोबारी यात्रियों की कमी से दिल्ली का बिज़नेस माहौल भी प्रभावित हुआ है।

    Shivani Gupta
    By Shivani Gupta

    शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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