Hemant Nagle
3 Feb 2026
Naresh Bhagoria
3 Feb 2026
Naresh Bhagoria
3 Feb 2026
पीपुल्स संवाददाता, भोपाल। एम्स भोपाल अब अत्याधुनिक रोबोटिक तकनीक से लैस होने जा रहा है। यहां जल्द ही दा विंची रोबोटिक आर्म सिस्टम स्थापित किया जाएगा। इसकी लागत 30 करोड़ होगी जिसके जरिए रोबोटिक आर्म से किडनी, पेट, हार्ट सहित अन्य अंगों की जटिल लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की जा सकेगी।
इस प्रणाली के माध्यम से डॉक्टर किसी अन्य शहर के अलावा विदेश में बैठकर भी सर्जरी कर सकेंगे। यह पहल एम्स भोपाल को मध्य भारत का पहला सरकारी अस्पताल बना देगी, जहां द विंची रोबोटिक आर्म सिस्टम की मदद से जटिल ऑपरेशन किए जाएंगे। मंगलवार को एम्स भोपाल में इस रोबोटिक आर्म का प्रदर्शन किया गया।
AIIMS के पीआरओ डॉ. केतन मेहरा ने बताया कि इस प्रणाली में दो कंसोल और एक रोबोटिक सिस्टम होगा, जिसमें चार आर्म शामिल होंगे। इन आर्म का संचालन डॉक्टर कंसोल से करेंगे। इसके साथ ही एक मोबाइल रोबोटिक आर्म भी होगा, जिससे दूरस्थ सर्जरी करना संभव होगा। इस तकनीक की मदद से प्रोस्टेट कैंसर, किडनी कैंसर और पेशाब की थैली के कैंसर जैसे जटिल आॅपरेशनों को अधिक सटीकता और कम समय में किया जा सकेगा। रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी छोटे चीरे से संभव होगी, जिससे मरीज को कम दर्द होगा, खून कम बहेगा और रिकवरी जल्दी होगी।
एम्स के कार्डियक थोरेसिक सर्जन डॉ. विक्रम वट्टी ने बताया कि रोबोटिक आर्म में लगा कैमरा सामान्य आंखों की तुलना में 10 गुना अधिक संवेदनशील है, जिससे डॉक्टर शरीर के बेहद बारीक हिस्सों को स्पष्ट रूप से देख पाएंगे। रोबोटिक आर्म का डेमोंस्ट्रेशन दे रहे इंस्ट्रक्टर ने बताया कि इस आर्म से अमेरिका में बैठे डॉक्टर ने फ्रांस में भर्ती मरीज का ऑपरेशन किया था। यही नहीं भोपाल की एक डॉक्टर ने दिल्ली में बैठकर भोपाल में भर्ती मरीज का ऑपरेशन कर चुकी हैं।