Manisha Dhanwani
27 Jan 2026
नई दिल्ली। यूनेस्को ने दिवाली को अमूर्त विश्व धरोहर (Intangible Cultural Heritage) का दर्जा दे दिया है।
बुधवार को जारी की गई यूनेस्को की इस सूची में दिवाली के साथ ही घाना, जॉर्जिया, कांगो, इथियोपिया और मिस्र समेत कई देशों की सांस्कृतिक परंपराओं और प्रतीकों को भी शामिल किया गया है। इस मान्यता के बाद दिवाली अब वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक विरासत के रूप में दर्ज हो गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिवाली को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल किए जाने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि “दिवाली हमारी सभ्यता की आत्मा है।” भारत की अब कुल 15 सांस्कृतिक परंपराएं इस वैश्विक सूची में दर्ज हो गई हैं। इनमें दुर्गा पूजा, कुंभ मेला, वैदिक मंत्रोच्चार, रामलीला और छाऊ नृत्य जैसी प्रमुख परंपराएँ भी शामिल हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X पर दिवाली को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल किए जाने पर खुशी जताते हुए लिखा...भारत ही नहीं, पूरी दुनिया के लोग इस फैसले से उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि दिवाली का भारत की संस्कृति, प्रकृति और सभ्यता से गहरा जुड़ाव है। यह त्योहार ज्ञान, धर्म और प्रकाश का प्रतीक है।
बता दें यह मान्यता ऐसे समय में मिली है, जब दिल्ली में यूनेस्को की इंटर-गवर्नमेंटल कमेटी फॉर इंटैन्जिबल हेरिटेज की 20वीं बैठक हो रही है। यह सत्र 8 से 13 दिसंबर तक चलेगा। इसी मौके को विशेष बनाते हुए केंद्र सरकार ने 10 दिसंबर को एक विशेष दिवाली समारोह आयोजित करने का फैसला किया है, ताकि भारत की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूती से दुनिया के सामने रखा जा सके।