कितनी गैस बची है? सिलेंडर उठाए बिना पता चलेगा, गर्म पानी से ऐसे जानें...रसोई में काम आएगी ये आसान ट्रिक!

घर में खाना बनाते समय अचानक गैस खत्म होना काफी परेशानी वाला काम हो सकता है। खासकर तब, जब दूसरा सिलेंडर मौजूद न हो। ऐसे में पहले से यह जान लेना बेहतर है कि सिलेंडर में कितनी LPG बाकी है। इसके लिए एक आसान तरीका गर्म पानी से जुड़ा है। इस तरीके में सिलेंडर को उठाने या रेगुलेटर हटाने की जरूरत नहीं पड़ती। सिलेंडर की बाहरी सतह पर गर्म पानी डालकर कुछ देर बाद तापमान में बदलाव महसूस किया जाता है। इससे अंदर मौजूद तरल LPG के स्तर का एक अंदाजा लगाया जा सकता है। हालांकि, यह तरीका केवल अनुमान देता है, सटीक मात्रा नहीं बताता।
गर्म पानी से ऐसे पता चलेगा गैस का स्तर
इस आसान तरीके के लिए एक जग या मग में गर्म नल का पानी लें। पानी बहुत ज्यादा गर्म या उबलता हुआ नहीं होना चाहिए। अब इसे सिलेंडर की बाहरी सतह पर ऊपर से नीचे की तरफ धीरे-धीरे डालें। करीब 5 से 10 सेकंड रुकने के बाद हाथ से सिलेंडर की सतह को हल्के से छूकर तापमान का फर्क महसूस करें। जहां तक सिलेंडर ठंडा महसूस हो रहा है, वहां तक अंदर तरल LPG होने का अनुमान लगाया जा सकता है। इसके ऊपर का हिस्सा अपेक्षाकृत गर्म महसूस हो सकता है। दोनों हिस्सों के बीच तापमान में जहां बदलाव नजर आए, वह गैस के स्तर का संकेत दे सकता है।
ये भी पढ़ें: चेहरे का ग्लो कहीं खो गया है? डाइट में शामिल करें ये चीजें, स्किन होगी ग्लोइंग
आखिर ठंडा क्यों लगता है सिलेंडर?
इस तरीके के पीछे LPG का सामान्य व्यवहार काम करता है। घरेलू सिलेंडर में LPG दबाव के कारण मुख्य रूप से तरल रूप में रहती है। चूल्हे में इस्तेमाल होने के दौरान यह तरल धीरे-धीरे गैस में बदलती है। इस प्रक्रिया में गर्मी का असर पड़ता है, जिससे सिलेंडर की जिस दीवार के पास तरल LPG होती है, वहां तापमान में अंतर महसूस हो सकता है। इसी वजह से गर्म पानी डालने के बाद सिलेंडर के कुछ हिस्से ठंडे और कुछ हिस्से गर्म लग सकते हैं। हालांकि मौसम, सिलेंडर का तापमान और इस्तेमाल की स्थिति के कारण यह अंतर हर बार एक जैसा साफ नहीं होगा।
गीले कपड़े से भी लगा सकते हैं अंदाजा
कुछ लोग सिलेंडर पर गीला कपड़ा लगाकर भी गैस का स्तर समझने की कोशिश करते हैं। इसके लिए कपड़े को पानी में भिगोकर सिलेंडर की बाहरी सतह पर कुछ देर रखा जाता है। बाद में जहां नमी ज्यादा देर तक बनी रहे, वहां तापमान में अंतर होने का संकेत मिल सकता है लेकिन इस तरीके को भी केवल अनुमान के तौर पर ही लेना चाहिए। सिलेंडर में बची LPG की सही मात्रा जानने के लिए वजन करना ज्यादा भरोसेमंद तरीका है।
सटीक मात्रा जाननी है तो वजन करें
अगर सिलेंडर में बची गैस का वजन जानना है, तो उसे वजन मशीन पर तौल सकते हैं। सिलेंडर पर खाली वजन यानी टारे वेट लिखा होता है। कुल वजन में से खाली सिलेंडर का वजन घटाने पर बची LPG की मात्रा का पता चलता है।
प्रेशर देखकर क्यों नहीं चलेगा पता?
सिर्फ प्रेशर देखकर यह पता लगाना मुश्किल होता है कि सिलेंडर कितना भरा है। LPG के मामले में जब तक अंदर तरल गैस मौजूद रहती है, दबाव में बहुत बड़ा बदलाव जरूरी नहीं है। इसलिए कम प्रेशर का इंतजार करना गैस खत्म होने का सटीक संकेत नहीं माना जा सकता।
सिलेंडर चेक करते समय सुरक्षा सबसे जरूरी
गैस सिलेंडर की जांच करते समय किसी भी तरह की आग, चिंगारी या तेज गर्मी से दूरी रखें। उबलता पानी इस्तेमाल न करें। रेगुलेटर या वाल्व को खोलकर गैस की मात्रा जांचने की कोशिश बिल्कुल न करें। अगर गैस की गंध आए या सिलेंडर में कोई खराबी दिखाई दे, तो खुद छेड़छाड़ करने के बजाय गैस एजेंसी या विशेषज्ञ की मदद लें।
ये भी पढ़ें: डाबर ने FSSAI पर लगाया भेदभाव का आरोप, ₹150 करोड़ के स्टॉक पर संकट का दावा
गैस खत्म होने से पहले ऐसे रहें तैयार
अगर घर में दूसरा सिलेंडर है, तो पहला पूरी तरह खत्म होने का इंतजार न करें। गैस कम लगने पर समय रहते दूसरा सिलेंडर बुक कर देना बेहतर है। इससे खाना बनाते समय अचानक गैस खत्म होने की परेशानी से बचा जा सकता है।











