PU Special :96 एकड़ का था भोपाल का राताताल पहाड़...36 एकड़ काट डाला; समतलीकरण मंजूरी की आड़ में 'खेल', कार्रवाई के बाद भी पहाड़ खोद रहीं 3 पोकलेन

शाहिद खान,भोपाल। हुजूर तहसील की खजूरी के राताताल पंचायत में मौजूद पहाड़...सामने से देखने पर यह हरा-भरा नजर आता है। लेकिन, जैसे ही पीपुल्स संवाददाता इसके पीछे वाले हिस्से में पहुंचा जो हकीकत सामने आई वह चौंकाने वाली थी। दरअसल गोलखेड़ी के पहाड़ की तरह ही इसे भी काटा जा रहा है और कोपरा ढोया जा रहा है। इसका सबूत पहाड़ के कटे हिस्से, डंपरों के लिए बनाए गए रास्ते और ताजा खुदाई के निशान हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि यहां अनुमति से ज्यादा खुदाई के मामले में करीब तीन बार कार्रवाई की गई। करीब 9 करोड़ की पेनल्टी लगाई गई, लेकिन दिन ढलते ही पोकलेन और जेसीबी उत्खनन करना शुरू कर देती हैं। कोपरा ढोने वाले डंपरों की कतारें बैरसिया रोड पर टोल नाके से ईंटखेड़ी के बीच लगी देखी जा सकती हैं। गूगल अर्थ मैप के अनुसार यह पहाड़ 96 एकड़ का था, जो अब 60 एकड़ का बचा है।
समतलीकरण से शुरुआत
दरअसल राताताल के करीब 15 एकड़ क्षेत्र में समतलीकरण का मामला पूरी कहानी का सबसे अहम हिस्सा है। इस जमीन पर करीब 40 हजार घनमीटर खनन की अनुमति थी। अप्रैल 2025 में 80 हजार घनमीटर खुदाई सामने आई। 2026 में 40 लाख 40 हजार रुपए की पेनल्टी लगाई गई। मामला कलेक्टर कोर्ट भेजा गया। रिपोर्ट में जमीन मालिकों के नाम तो सामने आए, लेकिन खनन करने वालों के नहीं।
पहाड़ तक पहुंचा खनन
राताताल-खजूरी के खसरा नंबर 413 से जुड़ा मामला भी इसी कड़ी का हिस्सा है। पहले जमीन को खेल मैदान के लिए समतल करने की अनुमति की बात सामने आई। इसके बाद भवन के लिए जमीन समतल करने का आधार लिया गया। 15 एकड़ में फैले पहाड़ की कटिंग और रोजाना करीब 100 डंपर कोपरा निकलने का खुलासा हुआ। सवाल उठा कि समतलीकरण और खनन के बीच सीमा कहां खत्म हुई ।
2022 से खसरा नंबर 413 में अलग-अलग समय पर समतलीकरण /अनुमति से जुड़े काम और कोपरा परिवहन का मामला सामने आया।
21 जुलाई 2023: सरकारी तालाब से कोपरा निकालने पर एक पोकलेन और नौ डंपर जब्त। 4.76 करोड़ रुपए की पेनल्टी।
अप्रैल 2025 : 15 एकड़ जमीन पर खेल मैदान और बाद में भवन के लिए समतलीकरण की अनुमति और कोपरा परिवहन के इस्तेमाल को लेकर पहाड़ की कटिंग का मामला सामने आया।
27 जुलाई 2025: तत्कालीन जिला खनिज अधिकारी अशोक नागले के तबादले के बाद राताताल में कार्रवाई तेज हुई। एक महिला खनिज अधिकारी ने रात में मौके पर पहुंचकर 8 डंपर और एक पोकलेन जब्त की थी। 24 हजार घनमीटर मुरम की खुदाई सामने आई। इसके बाद खनिज विभाग ने कथित अवैध खनन और परिवहन के मामले में करीब 3 करोड़ 62 लाख रुपए की पेनल्टी की कार्रवाई की। इस मामले में कुल 24 प्रकरण बनने की बात सामने आई, लेकिन यह तय नहीं हो पाया कि खनन कौन करा रहा है?
जुलाई 2026: कार्रवाई जारी रही। जुलाई 2026 में राताताल से लगे रोजीवे के खसरा नंबर 56/1 में 6.620 हेक्टेयर पठार के समतलीकरण के लिए सीमित खनन की अनुमति का मामला सामने आया। शिकायत के बाद जांच हुई तो अनुमति की शर्तों के उल्लंघन और 28 से 30 फीट तक अतिरिक्त खुदाई की बात सामने आई। करीब 40 लाख 40 हजार रुपए की पेनल्टी की कार्रवाई की गई और दो पोकलेन जब्त की गईं।
ग्रामीणों की व्यथा
हम कई बार अधिकारियों को पहाड़ काटे जाने की शिकायत कर चुके हैं। पहले भी यहां मशीनें पकड़ी गईं और लाखों-करोड़ों रुपए का जुर्माना हुआ, लेकिन कुछ समय बाद फिर वही काम शुरू हो जाता है। अभी भी पहाड़ के पीछे की तरफ तीन पोकलेन चलने की जानकारी मिल रही है। हमारी शिकायत है कि अगर खनन पर कार्रवाई हो चुकी है तो फिर मशीनें किसकी अनुमति से चल रही हैं, इसकी जांच होनी चाहिए। सिर्फ जुर्माना लगाने से पहाड़ नहीं बचेंगे।
विजय यादव, ग्रामीण, राताताल
पहाड़ की कटिंग से हरियाली और प्राकृतिक क्षेत्र लगातार खत्म हो रहा है। सामने से पूरा इलाका हरा-भरा दिखाई देता है, लेकिन पीछे की तरफ जाकर देखेंगे तो कटिंग साफ नजर आती है। रात में डंपरों की आवाजाही भी होती है। अगर अनुमति से ज्यादा खुदाई हो रही है तो तत्काल काम बंद कराया जाए।
अनुज सिंह, खजूरी, परिवर्तित नाम
मुनाफे का गणित....करीब 4.23 लाख डंपर कोपरा निकाले जाने का अनुमान
राताताल के पहाड़ की कटिंग कितनी बड़ी है, इसका अंदाजा गूगल अर्थ पर किए गए क्षेत्रफल के आकलन से लगाया जा सकता है। मेजर डिस्टेंस एंड एरिया टूल से पहाड़ का कुल क्षेत्र करीब 96 एकड़ और इसमें कट चुका हिस्सा करीब 36 एकड़ सामने आया। इस 36 एकड़ हिस्से की औसत कटिंग 200 फीट मानें तो यहां से करीब 31.36 करोड़ घनफीट, यानी अनुमानित 88.82 लाख घनमीटर मिट्टी-मुरम/कोपरा निकाला जाना सामने आता है। 21 घनमीटर क्षमता वाले एक डंपर के हिसाब से यह मात्रा करीब 4.23 लाख डंपरों के बराबर बैठती है। यानी 2022 से चल रही पहाड़ की कटिंग को इस अनुमान के साथ देखें तो यह महज कुछ मशीनों और डंपरों से हुई खुदाई का मामला नहीं रह जाता, बल्कि निकाली गई सामग्री की मात्रा लाखों घनमीटर और संभावित परिवहन लाखों डंपरों तक पहुंचती है। हालांकि, यह गणना मौके की सरकारी पैमाइश नहीं है।
जांच कराई जाएगी
रोजीवे गांव में समतलीकरण के नाम पर अवैध खनन का करीब दो महीने पहले मामला जरूर सामने आया था। इसका प्रकरण बनाकर अभी जिला खनिज अधिकारी ने नहीं दिया है। राताताल व गोलखेड़ी में खनन की जांच कराई जाएगी।
महेंद्र सिंह कवचे, एडीएम
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टीम भेज कर जांच कराऊंगा
राताताल और गोलखेड़ी में हो रहे खनन की जानकारी नहीं है। जल्द ही टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। यदि अनुमतियों से अधिक खनन मिलता है तो संबंधितों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अवैध खनन है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
एमएस रावत, जिला खनिज अधिकारी



















