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नारियल के छिलके फेंकने से पहले जान लें ये ट्रिक, घर पर मुफ्त में बनाएं कोकोपीट

घर में पौधे लगाने का शौक है, तो नारियल के सूखे छिलकों से मुफ्त में कोकोपीट तैयार कर सकते हैं। जानिए इसे बनाने का आसान तरीका, पौधों में इसके फायदे और गमले की मिट्टी में कितनी मात्रा मिलानी चाहिए। कोकोपीट मिट्टी में नमी बनाए रखने और उसे भुरभुरा रखने में मदद करती है।
नारियल के छिलके फेंकने से पहले जान लें ये ट्रिक, घर पर मुफ्त में बनाएं कोकोपीट
घर में पौधे लगाने का शौक है, तो नारियल के सूखे छिलकों से मुफ्त में कोकोपीट तैयार कर सकते हैं।

घर में लगे पौधों की मिट्टी बार-बार सूख जाती है या सख्त हो जाती है? ऐसे में कोकोपीट आपके काम आ सकती है। इसे खरीदने के बजाय आप नारियल के सूखे छिलकों से घर पर ही तैयार कर सकते हैं। इसके लिए न ज्यादा सामान चाहिए और न ही ज्यादा मेहनत। जानिए, कोकोपीट बनाने का आसान तरीका और पौधों में इसका इस्तेमाल कैसे करें।

घर पर ऐसे बनाएं कोकोपीट

गार्डनिंग एक्सपर्ट दीपक ने अपने यूट्यूब चैनल पर घर में कोकोपीट बनाने का तरीका बताया है। इसके लिए आपको नारियल के सूखे छिलके, ग्राइंडर और बारीक छन्नी की जरूरत होगी। सबसे पहले नारियल के सूखे छिलके इकट्ठा कर लें। इन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में काटें। अब हाथों से रगड़कर इनके बारीक रेशे और पाउडर अलग कर सकते हैं। जल्दी तैयार करना चाहते हैं, तो छिलकों के छोटे टुकड़ों को ग्राइंडर में पीस लें। पीसने के बाद बड़े टुकड़ों को अलग कर दें। फिर बचे हुए पाउडर को बारीक छन्नी से छान लें। इस तरह घर पर ही कोकोपीट तैयार हो जाएगी।

क्या कोकोपीट पौधों के लिए खाद है?

गार्डनिंग एक्सपर्ट के मुताबिक, कोकोपीट खाद नहीं है। इससे पौधों को पोषण नहीं मिलता, लेकिन यह मिट्टी को बेहतर बनाने में मदद करती है। इसे गमले की मिट्टी में मिलाकर इस्तेमाल किया जाता है। कोकोपीट मिट्टी में नमी बनाए रखने में मदद करती है, जिससे मिट्टी जल्दी नहीं सूखती। यह मिट्टी को सख्त होने से भी बचाती है और उसे भुरभुरा बनाए रखने में मदद करती है। इससे मिट्टी में हवा आसानी से पहुंचती है, जो पौधों की ग्रोथ के लिए जरूरी है।

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बीज उगाने में भी आती है काम

अगर आप बीज से नया पौधा उगाना चाहते हैं, तो कोकोपीट मददगार हो सकती है। शुरुआत में बीजों को नमी की जरूरत होती है और कोकोपीट नमी बनाए रखने में मदद करती है। इससे बीजों के अंकुरित होने के लिए अनुकूल माहौल बनता है। जब पौधा थोड़ा बड़ा हो जाए, तो उसे ऐसी मिट्टी में लगा सकते हैं जिसमें कंपोस्ट और दूसरे जरूरी पोषक तत्व मौजूद हों।

गमले की मिट्टी में कितनी कोकोपीट मिलाएं?

गार्डनिंग एक्सपर्ट के अनुसार, गमले या ग्रो बैग की मिट्टी तैयार करते समय सामान्य मिट्टी में करीब 30 से 50 प्रतिशत तक कोकोपीट मिलाई जा सकती है। इससे ज्यादा मात्रा में कोकोपीट डालने से मिट्टी में पौधे को जरूरी पोषण पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाएगा। इसलिए कोकोपीट के साथ मिट्टी में कंपोस्ट या वर्मीकंपोस्ट भी मिलाएं, ताकि पौधे को जरूरी पोषक तत्व मिल सकें।

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बेकार छिलकों से तैयार करें काम की चीज

इस तरह नारियल के सूखे छिलकों को फेंकने के बजाय उनसे घर पर कोकोपीट तैयार की जा सकती है। इससे गार्डनिंग का खर्च कम करने में मदद मिलेगी और छिलकों का दोबारा इस्तेमाल भी हो जाएगा।

Dolly Wasvani
By Dolly Wasvani

डोली वासवानी | People’s Institute of Media Studies से BAMC Student। पत्रकारिता की दुनिया में नई शुरु...Read More

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