🌤️
--Bhopal, India

PlayBreaking News

डाबर ने FSSAI पर लगाया भेदभाव का आरोप, ₹150 करोड़ के स्टॉक पर संकट का दावा

Dabur ने FSSAI पर भेदभाव और अन्य कंपनियों के कारोबारी हितों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की। 100% क्लेम वाले प्रोडक्ट्स पर कार्रवाई के बाद करीब ₹150 करोड़ की इन्वेंट्री प्रभावित होने का दावा किया गया है। हाईकोर्ट ने FSSAI के आदेश पर 24 अगस्त तक रोक लगाई है।
Follow on Google News
डाबर ने FSSAI पर लगाया भेदभाव का आरोप, ₹150 करोड़ के स्टॉक पर संकट का दावा
डाबर ने FSSAI पर लगाया भेदभाव का आरोप

FMCG कंपनी डाबर ने खाद्य नियामक FSSAI के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। कंपनी ने आरोप लगाया है कि FSSAI ने उसके साथ भेदभाव किया और अन्य मैन्युफैक्चरर्स के कारोबारी हितों को फायदा पहुंचाने वाला आदेश जारी किया। विवाद 100% Pure, 100% Natural और 100% Organic जैसे दावों के इस्तेमाल को लेकर है। डाबर का दावा है कि FSSAI के आदेश से उसके करीब ₹150 करोड़ की इन्वेंट्री पर संकट खड़ा हो गया था। कंपनी के मुताबिक उसके 11 प्रमुख प्रोडक्ट्स इस कार्रवाई से प्रभावित हुए हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट से डाबर को राहत

डाबर ने 6 अगस्त को दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर FSSAI के आदेश को चुनौती दी। कंपनी ने इसे बिना पर्याप्त विचार के जारी किया गया और एकतरफा फैसला बताया। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने डाबर को अंतरिम राहत दी और FSSAI के आदेश पर 24 अगस्त तक रोक लगा दी। कोर्ट ने माना कि इस तरह का निर्देश जारी करने से पहले कंपनी को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना चाहिए था। अब मामले की अगली सुनवाई पर यह तय होगा कि FSSAI की कार्रवाई को लेकर आगे क्या दिशा बनती है।

100% क्लेम को लेकर क्या है विवाद?

FSSAI ने प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स के विज्ञापनों और लेबल पर 100% Pure, 100% Natural और 100% Organic जैसे दावों को भ्रामक माना है। फूड रेगुलेटर का कहना है कि इस तरह के दावे Food Safety and Standards (Advertising and Claims) Regulations, 2018 के प्रावधानों का उल्लंघन कर सकते हैं। FSSAI ने ऐसे प्रोडक्ट्स की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने और डाबर से 15 दिनों के भीतर Action Taken Report (ATR) देने को कहा था। रेगुलेटर का तर्क है कि इस तरह के दावे उपभोक्ताओं को किसी प्रोडक्ट के बारे में गलत धारणा दे सकते हैं और दूसरे मैन्युफैक्चरर्स के प्रोडक्ट्स की छवि पर भी असर डाल सकते हैं।

डाबर का आरोप- दूसरे मैन्युफैक्चरर्स को फायदा

डाबर ने अपनी याचिका में FSSAI के आरोपों को खारिज किया है। कंपनी का कहना है कि 100% क्लेम का इस्तेमाल किसी दूसरे मैन्युफैक्चरर के प्रोडक्ट का संदर्भ दिए बिना स्वतंत्र रूप से किया जाता है और यह पूरी इंडस्ट्री में इस्तेमाल होने वाला शब्द है। कंपनी ने आरोप लगाया कि FSSAI का आदेश जनहित में नहीं बल्कि दूसरे मैन्युफैक्चरर्स के कॉमर्शियल हितों को बढ़ावा देने वाला है। डाबर का यह भी कहना है कि उसे कोई कारण बताओ नोटिस नहीं दिया गया और न ही लेबल में सुधार करने का पर्याप्त अवसर दिया गया। कंपनी के अनुसार, सीधे बिक्री पर रोक लगाने का फैसला उचित प्रक्रिया के बिना किया गया।

ये भी पढ़ें: PU Special : अब AI गुरु-ये है बच्चों का नया ट्यूटर, गणित, निबंध, प्रोजेक्ट और साइंस असाइनमेंट में ले रहे मदद

11 फ्लैगशिप प्रोडक्ट्स प्रभावित

डाबर के मुताबिक FSSAI की कार्रवाई से कंपनी के 11 प्रमुख फ्लैगशिप प्रोडक्ट्स प्रभावित हुए। इनमें Dabur Honey, Dabur Virgin Coconut Oil और Real Activ Coconut Water जैसे प्रोडक्ट शामिल हैं। कंपनी का दावा है कि FSSAI ने कुछ मामलों में लेबल की वास्तविक जांच किए बिना ही प्रोडक्ट्स को कार्रवाई की सूची में शामिल कर दिया। डाबर ने खास तौर पर कहा कि Dabur Homemade Coconut Milk और Dabur Cold Pressed Sesame Oil के लेबल पर कभी 100% क्लेम लिखा ही नहीं गया था, फिर भी इन्हें सूची में शामिल किया गया। कंपनी के अनुसा, इस कार्रवाई से करीब ₹150 करोड़ की इन्वेंट्री के बर्बाद होने का खतरा पैदा हो गया था।

Blinkit ने लिस्टिंग हटाई, Hilton ने भी उठाया कदम

FSSAI के आदेश के सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद डाबर की रिटेल सप्लाई चेन पर भी असर पड़ा। कई रिटेल और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को 100% क्लेम वाले प्रोडक्ट्स की बिक्री रोकने की सलाह दी गई। 4 अगस्त को Blinkit ने Dabur को ईमेल भेजकर प्रभावित प्रोडक्ट्स की लिस्टिंग तुरंत डिसेबल कर दी थी। Blinkit ने यह भी कहा था कि इस विवाद से पैदा होने वाली किसी कानूनी या वित्तीय देनदारी के लिए वह जिम्मेदार नहीं होगा। वहीं, Hilton Hotels ने भी विवाद सुलझने तक प्रभावित प्रोडक्ट्स को अपनी सप्लाई से बाहर करने का प्रस्ताव रखा था।

डाबर पहले ही लेबल बदलने की प्रक्रिया में थी

डाबर ने यह भी स्पष्ट किया कि FSSAI की कार्रवाई से पहले ही कंपनी संबंधित प्रोडक्ट्स के लेबल से 100% क्लेम हटाने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी थी। कंपनी के पिछले सप्ताह जारी बयान के अनुसार, आदेश में शामिल अधिकांश प्रोडक्ट्स के लेबल, विज्ञापन और वेबसाइट पर मौजूद रेफरेंस को नए लेबल और सामग्री से बदला जा चुका है या यह प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

ये भी पढ़ें: NTA Recruitment 2026: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मौका, 21 पदों पर निकली भर्ती, जानें आवेदन का तरीका

FSSAI की कार्रवाई से FMCG सेक्टर में बढ़ी हलचल

FSSAI पिछले कुछ समय से FMCG कंपनियों के भ्रामक विज्ञापन, फूड लेबलिंग, आर्टिफिशियल इंग्रीडिएंट्स और हाइजीन से जुड़े मामलों पर सख्ती कर रहा है। 100% Pure, 100% Natural जैसे मार्केटिंग क्लेम पर कार्रवाई का यह मामला अब दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच चुका है। फिलहाल कोर्ट से डाबर को 24 अगस्त तक अंतरिम राहत मिली है। FSSAI की ओर से डाबर के लगाए गए आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब अगली सुनवाई में इस पूरे विवाद को लेकर कोर्ट का रुख महत्वपूर्ण रहेगा।

Sumit  Shrivastava
By Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

icon

Latest Posts