
नई दिल्ली/कोलकाता। कोलकाता के आरजी मेडिकल कॉलेज में 9 अगस्त को 31 साल की पोस्ट ग्रेजुएट ट्रेनी डॉक्टर के रेप और मर्डर के विरोध में डॉक्टरों की देशव्यापी हड़ताल जारी है। इस बीच घटना को लेकर 2012 दिल्ली गैंगरेप घटना की पीड़िता निर्भया की मां आशा देवी का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि, जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलेगी, जब तक फास्ट ट्रैक कोर्ट में काम नहीं होगा और जब तक बनाए गए कानूनों पर काम नहीं होगा, तब तक समाज की मानसिकता नहीं बदलेगी और महिलाएं सुरक्षित नहीं होंगी।”
निर्भया की मां ने सरकार से किया सवाल
आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में महिला रेजिडेंट डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या पर निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि, “12-13 साल हो गए इतनी चीजे बदली है, अगर नहीं कुछ बदला है तो महिलाओं के साथ घटनाएं, महिलाओं के साथ रेप बलात्कार। हमें नहीं लगता है महिला सुरक्षा के लिए, महिलाओं के साथ जो घटनाएं हो गई उनके साथ इंसाफ के लिए कुछ बदला है। कानून जरूर बनाए गए, लेकिन उसमें काम नहीं हुआ। उस तारीख का जिक्र करते हुए जिसमें सब को लगा था कि अब भारत में महिलाओं के साथ बलात्कार, छेड़छाड़ जैसे अपराधों पर लगाम लग जाएगी।
मुझे नहीं लगता कि महिलाओं की सुरक्षा और महिलाओं के खिलाफ अपराधों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए कुछ काम किया गया है, कानून जरूर बनाए गए लेकिन उस पर कोई काम नहीं हुआ। निर्भया के दोषियों को 2020 में फांसी दी गई लेकिन उससे पहले और उसके बाद भी इतनी सारी घटनाएं हुईं… किसको न्याय मिला? घटनाएं रोज हो रही हैं… अगर आप दोषियों को सजा नहीं देंगे और उन्हें जेल में नहीं डालेंगे… तो महिलाएं कैसे सुरक्षित रहेंगी? जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलेगी, जब तक फास्ट ट्रैक कोर्ट में काम नहीं होगा और जब तक बनाए गए कानूनों पर काम नहीं होगा, तब तक समाज की मानसिकता नहीं बदलेगी और महिलाएं सुरक्षित नहीं होंगी।”
सीबीआई कर रही मामले की जांच
कोलकाता रेप-मर्डर केस की जांच सीबीआई कर रही है। CBI को अब तक की जांच और डॉक्टर के बैचमेट्स के बयानों से पता चला है कि, अस्पताल से मानव अंगों की तस्करी का रैकेट चलाया जा रहा है। हालांकि, अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है और मामले जांच की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि, मानव अंगों के अवैध कारोबार से पर्दा उठाने की कोशिशें रोकने के लिए ट्रेनी डॉक्टर को रास्ते से हटाया गया।
कोलकाता पुलिस ने गैरकानूनी तौर पर जमा होने वाली भीड़ को रोकने के लिए 18 अगस्त से सात दिनों के लिए आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के आसपास बीएनएसएस (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023) की धारा 163 (जो पहले सीआरपीसी की धारा 144 थी) लागू कर दी है।
IMA की 5 मांगें
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने 17 अगस्त की सुबह 6 बजे से लेकर 18 अगस्त सुबह 6 बजे तक 24 घंटे के लिए देश में डॉक्टरों की हड़ताल का ऐलान किया था।
- डॉक्टरों पर हिंसा रोकने के लिए केंद्रीय कानून बने, जिसमें 2019 के प्रस्तावित हॉस्पिटल प्रोटेक्शन बिल में एपिडेमिक डिजीज एक्ट 1897 में 2023 में किए गए संशोधन शामिल हो।
- अस्पतालों में एयरपोर्ट की तरह सुरक्षा प्रोटोकॉल हो। सुरक्षा सुविधाओं के साथ अस्पतालों को सेफ जोन घोषित किया जाए। CCTV-सिक्योरिटी गार्ड्स के प्रोटोकॉल का पालन हो।
- कोलकाता रेप-मर्डर की पीड़ित 36 घंटे की ड्यूटी पर थीं। आराम के लिए कोई जगह नहीं थी। अस्पतालों में डॉक्टरों के लिए रेस्टिंग एरिया बनाया जाए।
- कोलकाता रेप-मर्डर केस की एक तय समय सीमा में प्रोफेशनल जांच हो। आरोपियों को कड़ी सजा मिले।
- पीड़ित के परिवार को सम्मानजनक मुआवजा मिले।
कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर के साथ क्या हुआ था ?
8-9 अगस्त के दरमियान कोलकाता के आरजी मेडिकल कॉलेज में महिला ट्रेनी डॉक्टर का रेप के बाद मर्डर कर दिया गया था।पीड़िता नाइट शिफ्ट करके एक जूनियर डॉक्टर के साथ खाना खाने के बाद ट्रेनी डॉक्टर सेमिनार हॉल में थोड़ी देर रेस्ट करने गई थी, लेकिन सुबह तक नहीं लौटी। वह मेडिकल कॉलेज में सेकंड ईयर की छात्रा थी। 9 अगस्त सुबह ट्रेनी डॉक्टर का शव सेमिनार हॉल में अर्धनग्न और चोटिल अवस्था में मिला था।
पुलिस ने बताया था कि ट्रेनी डॉक्टर का रेप कर उसकी हत्या की गई है। घटनास्थल पर शव खून से लथपथ पड़ा मिला था। प्राइवेट पार्ट, आंखों और मुंह से खून बह रहा था। उसकी गर्दन की हड्डी भी टूटी हुई पाई गई थी।