Vijay S. Gaur
13 Jan 2026
पुष्पेन्द्र सिंह, भोपाल। मध्यप्रदेश से राज्यसभा के 11 सांसद हैं, इनमें अकेले मालवा से तीन सदस्य हैं लेकिन विकास निधि खर्च करने में सभी का फोकस मालवा-निमाड़ के इंदौर सहित अन्य विकसित जिलों में ज्यादा है। जबकि बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र से कोई सांसद नहीं होने से यहां की उपेक्षा बनी हुई है। एकमात्र केरल के जॉर्ज कुरियन ने सबसे ज्यादा फोकस बुंदेलखंड के जिलों पर किया है। बालयोगी उमेशनाथ ने 98 प्रतिशत प्रस्ताव उज्जैन जिले के विकास के लिए दिए हैं। कांग्रेस के विवेक तन्खा ने प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में राशि दी है। राज्यसभा सांसदों को भी लोकसभा सांसदों की तरह हर साल पांच करोड़ रुपए विकास निधि के तौर पर मिलती है।
कविता पाटीदार : 197 प्रस्तावों में 114 पूरे। खरगोन, देवास, आगर मालवा, धार, उज्जैन में फोकस किया। इंदौर जिले के विकास में सबसे ज्यादा प्रस्ताव दिए।
सुमेर सिंह सोलंकी : 257 में 42 कार्य पूरे। अपनी राशि का 80 प्रतिशत हिस्सा बड़वानी जिले के विकास में लगा रहे हैं। धार, खंडवा, मंदसौर और खरगोन को भी राशि दी।
सुमित्रा वाल्मिकी : 139 में 8 पूर्ण। भोपाल और जबलपुर में फोकस। धार, आगरा भी शामिल।
दिग्विजय सिंह : 301 प्रस्तावों में 13 पूर्ण। खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर और इंदौर को राशि दी। राजगढ़, गुना, भोपाल में फोकस।
अशोक सिंह : 54 प्रस्तावों में एक भी पूरा नहीं। खरगोन सहित अन्य जिलों को राशि दी।
बालयोगी उमेशनाथ : कुल 55 प्रस्तावों में 40 से ज्यादा उज्जैन जिले के हैं। पूरे एक भी नहीं।
बंशीलाल गुर्जर : 40 प्रस्तावों में 39 मंदसौर जिले के लिए और एक उज्जैन के लिए। एक कार्य पूरा।
माया नारोलिया : 106 में एक कार्य पूर्ण। नर्मदापुरम पर फोकस लेकिन देवास, भोपाल, रायसेन, नरसिंहपुर में भी राशि दी।
एल. मुरगन : 28 प्रस्तावों में उज्जैन, देवास के साथ मुरैना, भोपाल, ग्वालियर, विदिशा, भिंड, डिंडोरी को। एक भी पूरा नहीं।
केरल के जॉर्ज कुरियन ने 41 प्रस्तावों में छतरपुर, पन्ना, सागर और टीकगमढ़ जिले में सबसे ज्यादा राशि दी। धार, श्योपुर, भिंड, नर्मदापुरम के साथ अपने जन्म जिला कोट्टायम को भी विकास प्रस्ताव दिए। सिर्फ एक कार्य पूर्ण। 41 प्रस्तावों में छतरपुर, पन्ना, सागर और टीकगमढ़ जिले सबसे ज्यादा राशि दी। धार, श्योपुर, भिंड, नर्मदापुरम के साथ अपने जन्म जिला कोट्टायम को भी विकास प्रस्ताव दिए। सिर्फ एक कार्य पूर्ण।
मप्र के अधिकांश जिलों को राशि दी है। इनमें बुंदेलखंड के जिले शामिल नहीं है। अब पूरा फोकस इस क्षेत्र में ही होगा। मैं अपनी राशि स्कूलों में किताबें, बार रूम सहित गरीबों के हितों से जुड़े मामलों में खर्च कर रहा हूं। सरकार की काम कराने की गति धीमी है।
विवेक तन्खा, सांसद (कांग्रेस)
बड़वानी सहित आसपास के जिलों में इसलिए अधिक राशि खर्च कर रहा हूं क्योंकि मैं आदिवासी बहुल क्षेत्र से आता हूं। इस क्षेत्र में विकास की बहुत संभावनाएं हैं। सरकार की विभिन्न योजनाओं से अन्य जिलों का विकास हो ही रहा है।
सुमेर सिंह सोलंकी, राज्यसभा सांसद (भाजपा)
मालवा के अलावा अन्य जिलों को भी राशि दी है। एक भी काम पूरे नहीं होना संज्ञान में है। जल्द ही अफसरों के साथ बैठक कार्य को गति देंगे। केंद्र से मिलने वाली राशि कम है। कार्य एजेंसी भी समय पर काम पूरा नहीं कर रही हैं।
अशोक सिंह, राज्यसभा सांसद (कांग्रेस)