Manisha Dhanwani
13 Jan 2026
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के पूर्वी जिले के ओल्ड कोंडली इलाके से इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। एक क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के लिए काम करने वाले 18 वर्षीय डिलीवरी बॉय को स्टोर मालिक ने कथित तौर पर दुकान के अंदर मुर्गा बनाकर बैठाया और उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि, युवक ने दुकान में रखी परफ्यूम की बोतल का इस्तेमाल कर लिया था, जिससे नाराज होकर मालिक ने उसके साथ यह बदसलूकी की।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि, ऋषा कुमार ने स्टोर में रखी परफ्यूम की बोतल उठाकर खुद पर छिड़क ली। यह देख दुकानदार भड़क गया और उसने युवक को डांटना शुरू कर दिया। बहस जल्द ही हिंसक झड़प में बदल गई।
पीड़ित का आरोप है कि दुकानदार ने पहले उसे शोरूम की खाली जगह में मुर्गा बनाकर बैठने को मजबूर किया। इसके बाद सबके सामने उसे एक के बाद एक कई थप्पड़ मारे। मारपीट के बाद युवक किसी तरह वहां से निकलकर पुलिस के पास पहुंचा।
पीड़ित की पहचान ऋषा कुमार के रूप में हुई है, जो ओल्ड कोंडली की हरिजन बस्ती का निवासी है। वह जेप्टो (Zepto) कंपनी के लिए डिलीवरी बॉय के तौर पर काम करता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना 6 जनवरी 2026 की है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना का 43 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। यह वीडियो इंडियन यूथ कांग्रेस और डेली यूथ कांग्रेस के एक्स (X) हैंडल से भी साझा किया गया, जहां इसे बेहद शर्मनाक बताया गया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि, पीड़ित पहले मुर्गा बनकर बैठा है और फिर दुकानदार आकर उसके साथ मारपीट करता है।
डीसीपी अभिषेक धानिया ने बताया कि मामले में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस स्टोर मालिक से पूछताछ कर रही है और दुकान व आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इसके अलावा स्थानीय लोगों और संभावित गवाहों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।
इस घटना ने एक बार फिर गिग वर्कर्स की सुरक्षा, सम्मान और कार्यस्थल पर अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्विक-कॉमर्स और डिलीवरी सेक्टर में काम करने वाले लाखों युवा इस तरह की घटनाओं से असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
गौरतलब है कि, 4 जनवरी 2026 को केंद्र सरकार ने ड्राफ्ट सोशल सिक्योरिटी रूल्स जारी किए थे। सरकार का दावा है कि इन नियमों के लागू होने से गिग वर्कर्स को जीवन बीमा, दुर्घटना बीमा और स्वास्थ्य सुविधाएं जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।
गिग वर्क उस व्यवस्था को कहा जाता है, जिसमें कंपनियां स्थायी कर्मचारियों की बजाय अस्थायी या फ्रीलांस वर्कर्स से अल्पकालिक काम करवाती हैं।
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