प्रयागराज। प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के दौरान उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब सेक्टर-5 स्थित नारायण शुक्ला धाम शिविर में अचानक आग लग गई। आग की लपटें उठते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और कल्पवास कर रहे श्रद्धालु जान बचाने के लिए इधर-उधर दौड़ते नजर आए। आग इतनी तेज थी कि उसकी लपटें कई किलोमीटर दूर से दिखाई दीं। सूचना मिलते ही पुलिस, संतों और प्रशासनिक अमले ने मोर्चा संभाल लिया।
आग लगने की सूचना पर फायर ब्रिगेड की 6 से 7 गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
नारायण शुक्ला धाम शिविर के कई टेंट आग की चपेट में आ गए। बताया जा रहा है कि यहां करीब 15 टेंट लगे थे, जिनमें लगभग 50 कल्पवासी ठहरे हुए थे। समय रहते सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि शिविर के बाहर लगी करीब 20 दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गईं, जिससे व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ है।
माघ मेला 2026 की शुरुआत 3 जनवरी से हुई थी और यह 15 फरवरी तक चलेगा। प्रशासन ने सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात और पार्किंग को लेकर व्यापक इंतजाम किए हैं। कड़ाके की ठंड और कोहरे के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है। संगम स्नान, भजन-कीर्तन और धार्मिक प्रवचनों के बीच माघ मेला आस्था और संस्कृति के जीवंत स्वरूप को साकार कर रहा है। माघ मेला आस्था और संस्कृति का प्रतीक है। यहां कल्पवास करने वाले श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि संगम स्नान से पापों का नाश होता है और मन को शांति मिलती है।