Aakash Waghmare
13 Jan 2026
स्पोर्ट्स डेस्क। आईपीएल 2026 को लेकर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के घरेलू मैचों को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, RCB अगले सीजन में अपने होम मैच बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में नहीं खेलेगी। दावा किया जा रहा है कि टीम अपने घरेलू मुकाबले नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम और रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम में खेल सकती है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, RCB प्रबंधन ने आईपीएल 2026 के लिए इन दोनों स्टेडियम को होम वेन्यू बनाने की योजना तैयार की है। इस प्लान के तहत टीम नवी मुंबई में 5 और रायपुर में 2 घरेलू मैच खेल सकती है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि RCB ने अब तक कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) से एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में मैचों के आयोजन को लेकर कोई औपचारिक बातचीत नहीं की है। इससे यह संकेत मिल रहे हैं कि फ्रेंचाइजी फिलहाल बेंगलुरु को होम वेन्यू बनाने के मूड में नहीं है।
इस फैसले के पीछे जून में हुई एक दुखद घटना को अहम वजह माना जा रहा है। 4 जून को बेंगलुरु में RCB के आईपीएल खिताब जीतने के जश्न के दौरान मची भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद कर्नाटक सरकार ने चिन्नास्वामी स्टेडियम में बड़े आयोजनों को लेकर सख्त रुख अपना लिया था। हालात ऐसे बने कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को भी विजय हजारे ट्रॉफी और विमेंस वर्ल्ड कप के कुछ मैच बेंगलुरु से बाहर शिफ्ट करने पड़े।
इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए RCB प्रबंधन वैकल्पिक होम वेन्यू की तलाश में जुटा है। अगर यह रिपोर्ट्स सही साबित होती हैं, तो आईपीएल 2026 में पहली बार RCB अपने पारंपरिक घरेलू मैदान के बजाय नवी मुंबई और रायपुर में अपने होम मैच खेलती नजर आएगी।
आईपीएल 2026 को लेकर एक और बड़ा अपडेट सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राजस्थान रॉयल्स भी इस सीजन में अपने घरेलू मैच जयपुर के बजाय पुणे में खेल सकती है। दावा किया जा रहा है कि टीम अपने होम मुकाबले पुणे के महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) स्टेडियम में कराने की तैयारी कर रही है, जबकि परंपरागत रूप से जयपुर उसका घरेलू मैदान रहा है।

रिपोर्ट्स के अनुसार राजस्थान रॉयल्स ने जयपुर स्थित स्टेडियम को लेकर एक प्राइवेट कंपनी से सर्वे कराया था। इस सर्वे में स्टेडियम की स्थिति को नाजुक बताया गया है और रिनोवेशन की जरूरत पर जोर दिया गया है। रिपोर्ट में सुरक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़े जोखिमों की भी आशंका जताई गई है।