Garima Vishwakarma
13 Jan 2026
नई दिल्ली। भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 13 जनवरी 2026 को मानेकशॉ सेंटर में वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में देश की सुरक्षा स्थिति, सीमाओं पर हालात, ऑपरेशन सिंदूर और सेना के आधुनिकीकरण पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि, ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है और किसी भी उकसावे पर भारतीय सेना तुरंत सख्त कार्रवाई करने के लिए तैयार है।
सेना प्रमुख ने कहा कि, भारत की सीमाओं की निगरानी लगातार जारी है और किसी भी गलती का जवाब निर्णायक होगा। उन्होंने साथ ही जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद, पूर्वोत्तर सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और सेना के आधुनिक हथियारों पर भी चर्चा की।
जनरल द्विवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि, केंद्र और LC के पास पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्रों में कुल 8 सक्रिय आतंकी कैंप हैं, जिनमें से 6 LoC के पास और 2 अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित हैं। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने आतंकियों और उनके नेटवर्क को निशाना बनाया है और पाकिस्तान की परमाणु धमकियों की हवा निकाल दी गई है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि, ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है और पाकिस्तान की ओर से किसी भी उकसावे पर भारतीय सेना तुरंत जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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विवरण |
आंकड़े / जानकारी |
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ऑपरेशन की शुरुआत |
22 मिनट में, 7 मई 2025 |
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ऑपरेशन की अवधि |
88 घंटे (7-10 मई) |
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सफलतापूर्वक नष्ट किए गए ठिकाने |
9 में से 7 |
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मार गिराए गए आतंकवादी |
लगभग 100, 65% पाकिस्तान मूल |
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प्रमुख उद्देश्य |
आतंकवादी ढांचे को ध्वस्त करना, पारंपरिक ऑपरेशन्स में क्षमता बढ़ाना |
जनरल द्विवेदी ने बताया कि, ऑपरेशन के तहत आतंकियों को गहराई तक निशाना बनाया गया और यदि पाकिस्तान ने कोई गलती की होती तो जमीनी ऑपरेशन शुरू करने के लिए सेना पूरी तरह तैयार थी।
उत्तरी सीमाएं (चीन): स्थिति धीरे-धीरे सामान्य, उच्च स्तर पर बातचीत जारी, तैनाती मजबूत और संतुलित।
पश्चिमी मोर्चा (पाकिस्तान): ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद स्थिति नियंत्रित, लेकिन संवेदनशील।
सेना प्रमुख ने स्पष्ट किया कि, पाकिस्तान की किसी भी हरकत का जवाब तुरंत और निर्णायक होगा।
पूर्वोत्तर में सुरक्षा की स्थिति धीरे-धीरे सुधर रही है। मणिपुर में सुरक्षा बलों और प्रशासन के समन्वित प्रयासों से हालात स्थिर हुए हैं। वहीं म्यांमार में हाल ही में संपन्न चुनाव के बाद भारत और म्यांमार की सेनाओं के बीच सहयोग और मजबूत हुआ है। पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए असम राइफल्स, भारतीय सेना और गृह मंत्रालय मिलकर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।
जनरल द्विवेदी ने सेना के आधुनिकीकरण पर जोर दिया।
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आधुनिक हथियार और प्रणाली |
विवरण |
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पिनाका रॉकेट सिस्टम |
120 किलोमीटर रेंज का सफल परीक्षण, 150 किलोमीटर रेंज विकसित करने की योजना |
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ब्रह्मोस मिसाइल |
उच्च सटीकता वाली मिसाइलें, स्वदेशी उत्पादन में तेजी |
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प्रलय और लॉयटरिंग म्यूनिशन |
स्वदेशी क्षमता के तहत अगले चरण में शामिल |
उन्होंने कहा कि, 90% से अधिक गोला-बारूद अब स्वदेशी है। सेना 2026 को नेटवर्किंग और डेटा सेंट्रिसिटी वर्ष घोषित कर चुकी है, जिससे रियल-टाइम निर्णय क्षमता और युद्ध क्षमता बढ़ेगी।
CMP (कॉमन मेडिकल पैरामेडिकल) के बाद अब AEC और मेडिकल (नॉन-टेक्निकल) में महिलाओं को सैनिक/अग्निवीर के रूप में भर्ती किया जाएगा। इससे सेना में लिंग समानता और क्षमता विस्तार को बल मिलेगा।
भारतीय सेना ने पड़ोसी देशों और देश के 10 राज्यों में राहत और बचाव अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इन अभियानों के दौरान 30,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया। उदाहरण के तौर पर, पंजाब के पठानकोट में आई बाढ़ के दौरान सेना ने हेलिकॉप्टर का उपयोग कर ढहती इमारत से CRPF के जवानों को सुरक्षित बाहर निकाला।
जम्मू-कश्मीर में सक्रिय स्थानीय आतंकियों की संख्या अब 10 से भी कम रह गई है और नई आतंकवादी भर्तियां लगभग समाप्त हो चुकी हैं। आतंकवाद से पर्यटन की ओर बदलाव स्पष्ट रूप से दिख रहा है। इस बदलाव का उदाहरण श्री अमरनाथ यात्रा है, जो शांतिपूर्ण रूप से संपन्न हुई और इसमें 4 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। विकास कार्य तेजी से जारी हैं और सुरक्षा बलों व सेना के सहयोग से स्थानीय स्थिति में भी सुधार आया है।
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