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जशपुर में 3.41 करोड़ का गांजा जब्त, शराब की खाली बोतलों की आड़ में चल रही थी तस्करी

6 क्विंटल 32 किलो गांजा जब्त, मिनी ट्रक में 597 पैकेट मिले; दो दिन पहले भी इसी बैरियर से 2.20 करोड़ का गांजा पकड़ा गया था,जशपुर के लावाकेरा चेकिंग बैरियर पर पुलिस ने ओडिशा से उत्तर प्रदेश जा रही गांजे की बड़ी खेप पकड़ी है। मिनी ट्रक में खाली शराब की बोतलों से भरी बोरियों के नीचे 20 बोरियों में 597 पैकेट छिपाए गए थे। तलाशी में कुल 632.380 किलो गांजा बरामद हुआ,जिसकी अनुमानित कीमत 3.16 करोड़ रुपए है
जशपुर में 3.41 करोड़ का गांजा जब्त, शराब की खाली बोतलों की आड़ में चल रही थी तस्करी

प्रेम कुमार, रायपुर: जशपुर में नशे की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने फिर बड़ी कार्रवाई की है। लावाकेरा चेकिंग बैरियर पर मिनी ट्रक से 632 किलो 380 ग्राम गांजा बरामद किया गया है। तस्करों ने गांजे को खाली शराब की बोतलों से भरी बोरियों के नीचे छिपा रखा था। बरामद गांजे समेत जब्ती की कुल कीमत करीब 3.41 करोड़ रुपए बताई गई है। खास बात यह है कि दो दिन पहले भी इसी बैरियर पर 2.20 करोड़ रुपए कीमत का 440 किलो से अधिक गांजा पकड़ा गया था। लगातार दूसरी बड़ी कार्रवाई के बाद जशपुर के सीमावर्ती इलाकों में नशे की तस्करी और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

लावाकेरा बैरियर पर फिर बड़ी कार्रवाई

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह जिले जशपुर में नशे की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। लावाकेरा चेकिंग बैरियर पर एंटी नारकोटिक्स टीम और तपकरा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मिनी ट्रक से 632 किलो 380 ग्राम गांजा बरामद किया गया है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 3 करोड़ 16 लाख 19 हजार रुपए बताई गई है। पुलिस के मुताबिक तस्करों ने जांच टीम को चकमा देने के लिए गांजे को सीधे ट्रक में नहीं रखा था। गांजे के पैकेटों को खाली शराब की बोतलों से भरी बोरियों के नीचे छिपाकर ले जाया जा रहा था।

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597 पैकेट में छिपा था करोड़ों का गांजा

पुलिस ने ओडिशा की ओर से आ रहे मिनी ट्रक क्रमांक UP-47-AT-9839 को संदेह के आधार पर रोका। ट्रक के ऊपर खाली बोतलों से भरी बोरियां रखी थीं। जब पुलिस ने इन बोरियों को हटाकर नीचे रखी बोरियों की जांच की तो उनमें टेप से लिपटे पैकेट मिले। तलाशी के दौरान 20 बोरियों से कुल 597 पैकेट बरामद हुए। पैकेट खोलने पर इनमें गांजा मिला। तौल कराने पर कुल वजन 632.380 किलो निकला।

UP का आरोपी, ओडिशा से लेकर जा रहा था खेप

पुलिस ने मामले में उत्तर प्रदेश के बहराइच निवासी विनोद कुमार गुप्ता (42) को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि गांजे की खेप ओडिशा से लेकर उत्तर प्रदेश जा रहा था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से गांजा, मिनी ट्रक, दो मोबाइल फोन और 3 हजार रुपए नकद जब्त किए हैं।

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कुल जब्ती 3.41 करोड़ रुपए

पुलिस के अनुसार बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 3 करोड़ 16 लाख 19 हजार रुपए है। तस्करी में इस्तेमाल मिनी ट्रक की कीमत करीब 25 लाख रुपए और मोबाइल की कीमत करीब 25 हजार रुपए बताई गई है। नकदी समेत पूरी जब्ती की अनुमानित कीमत करीब 3 करोड़ 41 लाख 47 हजार रुपए है।

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दो दिन पहले भी पकड़ा था 2.20 करोड़ का गांजा

लावाकेरा बैरियर पर यह लगातार दूसरी बड़ी कार्रवाई है। पुलिस ने इससे महज दो दिन पहले करीब 440.63 किलो गांजा बरामद किया था। उस मामले में भी गांजा ओडिशा से उत्तर प्रदेश ले जाया जा रहा था। तस्करों ने ट्रक में ऊपर मिर्च से भरी बोरियां रखी थीं और उनके नीचे गांजे के पैकेट छिपाए थे। उस कार्रवाई में करीब 2 करोड़ 20 लाख 31 हजार 500 रुपए कीमत का गांजा जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।

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मिर्ची के बाद खाली बोतलें, आखिर कौन चला रहा है यह नेटवर्क?

लगातार दो बड़ी कार्रवाइयों ने जशपुर के रास्ते होने वाली नशे की तस्करी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पहले मिर्च की बोरियों की आड़ और अब खाली शराब की बोतलों से भरी बोरियों के नीचे करोड़ों का गांजा मिलने से यह सवाल महत्वपूर्ण हो गया है कि ओडिशा से छत्तीसगढ़ होते हुए उत्तर प्रदेश तक सक्रिय इस सप्लाई चेन में और कौन-कौन लोग शामिल हैं? पुलिस अब सिर्फ वाहन और ड्राइवर तक कार्रवाई सीमित रखने के बजाय गांजे के स्रोत, सप्लायर, रिसीवर और पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की दिशा में जांच कर रही है।

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मुख्यमंत्री के गृह जिले में लगातार बड़ी कार्रवाई, निगरानी पर सवाल

जशपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का गृह जिला है। ऐसे में जिले के सीमावर्ती इलाकों में लगातार सामने आ रही बड़ी नशीली खेपों ने बॉर्डर चेकिंग और निगरानी व्यवस्था को चर्चा में ला दिया है। हालांकि पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है और करोड़ों रुपए की खेप पकड़ी जा रही है, लेकिन लगातार सामने आ रहे मामलों के बीच यह सवाल भी उठना स्वाभाविक है कि इतनी बड़ी मात्रा में गांजा आखिर किन रास्तों से जिले की सीमा तक पहुंच रहा है और तस्कर बार-बार नए तरीकों से पुलिस जांच को चकमा देने की कोशिश कैसे कर रहे हैं? इन सवालों का जवाब अब पुलिस की नेटवर्क जांच से ही सामने आएगा।

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पुलिस प्रशासन का दावा—नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश

एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के मुताबिक सरगुजा रेंज आईजी दीपक कुमार झा के निर्देश पर नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। लावाकेरा चेकिंग बैरियर पर 6 क्विंटल से अधिक गांजा बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गांजा कहां से खरीदा गया, किस नेटवर्क के जरिए भेजा गया और उत्तर प्रदेश में इसकी डिलीवरी किसे होनी थी।

NDPS एक्ट में मामला दर्ज

तपकरा थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 20(बी)(ii)(सी) और NDPS Act के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी से पूछताछ के आधार पर पुलिस तस्करी से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

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अब जांच के केंद्र में तीन बड़े सवाल

1. ओडिशा में गांजा सप्लाई करने वाला कौन है?
2. जशपुर रूट से लगातार खेप क्यों भेजी जा रही है?
3. उत्तर प्रदेश में करोड़ों की खेप किस नेटवर्क तक पहुंचनी थी?

इन सवालों के जवाब सामने आने के बाद ही इस पूरे तस्करी नेटवर्क की वास्तविक तस्वीर साफ हो सकेगी।

PREM

मै प्रेम निर्मलकर मैने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर से की, विगत 18 वर्षों से मुझे पत...Read More

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