PU Special :जबलपुर मप्र का पहला जिला जहां एम्बुलेंस की भी बनेगी कुंडली, प्राइवेट एम्बुलेंस का भी पूरा रिकॉर्ड स्वास्थ्य विभाग के पास होगा
हर्षित चौरसिया,जबलपुर। निजी अस्पतालों की तरह अब जबलपुर जिले में दौड़ रही निजी एम्बुलेंस का भी पूरा रिकॉर्ड स्वास्थ्य विभाग के पास रहेगा। मरीजों और उनके परिजनों से एम्बुलेंस के नाम पर मनमाना किराया वसूलने और जरूरी सुविधाएं नहीं होने की शिकायतों के बाद जबलपुर सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी की पहल के तहत जिले के सभी निजी एम्बुलेंस को स्वास्थ्य विभाग में रजिस्ट्रेशन कराना होगा। संभवत: यह व्यवस्था लागू होने के बाद जबलपुर प्रदेश का पहला जिला होगा, जहां एम्बुलेंस के संचालन से लेकर उसमें उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं और चालक की जानकारी और वह किस निजी अस्पताल से अटैच है तक का रिकॉर्ड स्वास्थ्य विभाग के पास उपलब्ध रहेगा।
ऑक्सीजन से वेंटिलेटर तक की जानकारी होगी दर्ज
रजिस्ट्रेशन के दौरान एम्बुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटिलेटर, फर्स्ट एड बॉक्स और अन्य जीवनरक्षक उपकरणों की उपलब्धता दर्ज की जाएगी। यदि वाहन में प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध है तो उसकी जानकारी भी रिकॉर्ड में शामिल होगी। इसके साथ ही एम्बुलेंस संचालक, चालक का नाम और मोबाइल नंबर भी दर्ज किया जाएगा।
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नई व्यवस्था के अनुसार जरूरत के हिसाब से ही मिलेगी एम्बुलेंस
नई व्यवस्था का एक बड़ा फायदा यह होगा कि मरीज की स्थिति के अनुसार उपयुक्त एम्बुलेंस की पहचान की जा सकेगी। गंभीर मरीज के लिए वेंटिलेटर सपोर्ट वाली एम्बुलेंस की जरूरत होने पर उपलब्ध वाहन की जानकारी मिल सकेगी। वहीं पंजीकृत वाहनों का रिकॉर्ड होने से आपात स्थिति में संचालक और चालक से तत्काल संपर्क किया जा सकेगा।
सीएमएचओ डॉ. कोठारी बोले-यह पहल मरीजों के हित में
इस बारे में सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी ने बताया कि मरीजों के हित में यह पहल की जा रही है। विभाग में निजी एम्बुलेंस की जानकारी के साथ रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इस नई व्यवस्था से निजी एम्बुलेंस संचालकों द्वारा मनमाने किराए पर लगाम कसी जा सकेगी। अभी ये जानकारी विभाग के पास नहीं है कि कितनी निजी एम्बुलेंस संचालित हो रही है और मरीजों से ली जा रही राशि के अनुसार उसमें सुविधाएं हैं या नहीं। इससे कभी किसी भी प्रकार के विवाद में संचालक की पूरी जानकारी विभाग के पास होगी, जिससे उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकेगी।
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