Heart Attack Warning Signs: हार्ट अटैक से पहले शरीर देता है ये 7 संकेत, भूलकर भी न करें नजरअंदाज

हार्ट अटैक एक मेडिकल इमरजेंसी है और इसके लक्षण हर व्यक्ति में एक जैसे नहीं होते। कई बार शुरुआत में लक्षण हल्के हो सकते हैं और कुछ समय बाद कम भी हो सकते हैं। American Heart Association के मुताबिक सीने में असहजता, सांस फूलना, ऊपरी शरीर में परेशानी, मतली और असामान्य थकान जैसे संकेतों को गंभीरता से लेना चाहिए। कई लोग सीने की परेशानी को गैस या अपच समझ लेते हैं। वहीं, असामान्य थकान और सांस फूलने जैसे लक्षणों को रोजमर्रा की कमजोरी मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। यही वजह है कि शरीर में होने वाले असामान्य बदलावों को पहचानना जरूरी है।
1. सीने में दर्द या दबाव
सीने में होने वाली हर तकलीफ को गैस मान लेना सही नहीं है। हार्ट अटैक में सीने के बीचों-बीच दबाव, जकड़न, भारीपन, भराव या दर्द महसूस हो सकता है। यह परेशानी कुछ मिनट तक रह सकती है या कम होकर दोबारा लौट सकती है। जरूरी नहीं कि दर्द हमेशा बहुत तेज हो। अगर सीने में असहजता बार-बार हो रही है या इसके साथ सांस फूलना, पसीना, चक्कर या मतली जैसे लक्षण हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें।
2. बिना वजह बहुत ज्यादा थकान
अगर रोज का सामान्य काम करने में अचानक जरूरत से ज्यादा थकान महसूस होने लगे, तो इस बदलाव पर ध्यान देना चाहिए। American Heart Association असामान्य थकान को भी हार्ट अटैक के संभावित लक्षणों में शामिल करता है। खासकर जब थकान सामान्य से अलग हो और उसका कोई स्पष्ट कारण समझ न आए, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। महिलाओं में असामान्य थकान और कमजोरी जैसे लक्षण कभी-कभी ज्यादा प्रमुख हो सकते हैं।
3. सामान्य काम करते हुए सांस फूलना
जिस काम को आप पहले आसानी से कर लेते थे, उसे करते समय अचानक सांस फूलने लगे तो इसे हल्के में न लें। हार्ट अटैक में सांस लेने में परेशानी सीने की तकलीफ के साथ या उसके बिना भी हो सकती है। अगर थोड़ी मेहनत में ही सांस फूलने लगे या सांस की परेशानी बार-बार होने लगे, तो मेडिकल सलाह लेना जरूरी है।
4. मतली या जी मिचलाना
जी मिचलाना और मतली को अक्सर पेट की समस्या समझा जाता है, लेकिन ये हार्ट अटैक के संभावित संकेतों में भी शामिल हो सकते हैं। American Heart Association हार्ट अटैक के चेतावनी संकेतों में nausea यानी मतली को शामिल करता है। अगर मतली के साथ सीने में दबाव, सांस फूलना, पसीना, चक्कर या ऊपरी शरीर में दर्द जैसे दूसरे लक्षण भी हैं, तो तुरंत मेडिकल मदद लें।
5. अचानक शरीर ठीक न लगना
कभी-कभी व्यक्ति को स्पष्ट दर्द नहीं होता, लेकिन उसे अचानक लगता है कि शरीर सामान्य तरह से काम नहीं कर रहा। असामान्य कमजोरी, बेचैनी, चक्कर या बहुत ज्यादा थकान जैसे लक्षण अलग-अलग लोगों में दिखाई दे सकते हैं। हालांकि, केवल 'ठीक महसूस नहीं होना' हार्ट अटैक की पुष्टि नहीं करता। लेकिन अगर यह एहसास दूसरे चेतावनी संकेतों के साथ हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
6. शरीर के ऊपरी हिस्से में दर्द या असहजता
हार्ट अटैक की परेशानी सिर्फ सीने तक सीमित नहीं होती। दर्द या असहजता एक या दोनों हाथों, कंधे, पीठ, गर्दन, जबड़े या पेट तक महसूस हो सकती है। खासकर अगर ऐसी परेशानी के साथ सीने में दबाव या सांस फूलने की समस्या भी हो, तो तुरंत मेडिकल सहायता लेना जरूरी है।
7. लक्षणों का आना और फिर चले जाना
हार्ट अटैक के लक्षण हमेशा लगातार बने रहें, ऐसा जरूरी नहीं है। American Heart Association के अनुसार सीने की असहजता कुछ मिनट बाद कम हो सकती है और फिर वापस आ सकती है। इसलिए केवल इसलिए राहत महसूस न करें कि लक्षण अपने आप ठीक हो गए। अगर सीने में दबाव, सांस फूलना, असामान्य थकान, मतली या ऊपरी शरीर में परेशानी बार-बार हो रही है, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
महिलाओं में लक्षण अलग तरह से दिख सकते हैं
हार्ट अटैक के लक्षण पुरुषों और महिलाओं में पूरी तरह अलग नहीं होते, लेकिन महिलाओं में कुछ कम पहचाने जाने वाले लक्षण अधिक दिखाई दे सकते हैं। इनमें असामान्य थकान, सांस फूलना, मतली और पीठ, कंधे या जबड़े में परेशानी शामिल हो सकती है। इसी वजह से ऐसे लक्षणों को केवल गैस, अपच या सामान्य कमजोरी मानकर टालना ठीक नहीं है।
कब तुरंत मेडिकल मदद लें?
अगर अचानक सीने में दबाव या दर्द, सांस फूलना, ऊपरी शरीर में दर्द, ठंडा पसीना, मतली, चक्कर या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे मेडिकल इमरजेंसी मानें और तुरंत स्थानीय आपातकालीन चिकित्सा सेवा से संपर्क करें। हार्ट अटैक में समय पर इलाज बेहद महत्वपूर्ण होता है। याद रखें, इन लक्षणों का मतलब हमेशा हार्ट अटैक ही हो, यह जरूरी नहीं है। लेकिन संभावित हार्ट अटैक में देरी करना खतरनाक हो सकता है। सही कारण की पुष्टि मेडिकल जांच के बाद ही हो सकती है।




















