PU Special :MP को निवेश में 48.9 स्कोर, 36 राज्यों में 7वां स्थान; संसाधन मजबूत, बिजनेस क्लाइमेट कमजोर

नीति आयोग के Investment Friendliness Index 2026 में मध्यप्रदेश 48.9 स्कोर के साथ 36 राज्यों-UT में सातवें और बड़े राज्यों में पांचवें स्थान पर रहा। संसाधन और नीति मजबूत, बिजनेस क्लाइमेट में सुधार की जरूरत।
MP को निवेश में 48.9 स्कोर, 36 राज्यों में 7वां स्थान; संसाधन मजबूत, बिजनेस क्लाइमेट कमजोर
निवेश के लिहाज से MP 7वें नंबर पर

पुष्पेन्द्र सिंह, भोपाल। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट यानी GIS-2027 की तैयारियों के बीच मध्यप्रदेश के निवेश माहौल को लेकर नीति आयोग की पहली Investment Friendliness Index 2026 रिपोर्ट एक तस्वीर सामने रखती है। प्रदेश को इस सूचकांक में 48.9 का ओवरऑल स्कोर मिला है। इसके साथ मध्यप्रदेश देश के 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सातवें और 17 बड़े राज्यों में पांचवें स्थान पर रहा है। हालांकि 50 अंक से ऊपर स्कोर करने वाले शीर्ष पांच राज्यों की श्रेणी में पहुंचने के लिए मध्यप्रदेश को अभी 1.1 अंक और चाहिए। रिपोर्ट में प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत प्राकृतिक और मानव संसाधन तथा सरकारी नीति को बताया गया है, जबकि बिजनेस क्लाइमेट को सुधार की प्रमुख जरूरत वाले क्षेत्र के तौर पर चिन्हित किया गया है। नीति आयोग ने यह सूचकांक निवेश आकर्षित करने, उसे आसान बनाने और लंबे समय तक बनाए रखने की राज्यों की क्षमता को समझने के लिए तैयार किया है। इसमें आठ प्रमुख क्षेत्रों और 84 संकेतकों के आधार पर राज्यों का आकलन किया गया है। रिपोर्ट 17 जुलाई 2026 को जारी की गई थी।

निवेश के लिए मध्यप्रदेश की बड़ी ताकत हैं संसाधन और सरकारी नीति

नीति आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक मध्यप्रदेश की निवेश क्षमता का एक बड़ा आधार उसके प्राकृतिक और मानव संसाधन हैं। प्रदेश में कोयला, चूना पत्थर और मैंगनीज जैसे खनिज उपलब्ध हैं, जो सीमेंट, स्टील और ऊर्जा जैसे उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण कच्चा माल उपलब्ध कराते हैं। रिपोर्ट के अनुसार भारत के गैर-धात्विक खनिज उत्पादन में मध्यप्रदेश की हिस्सेदारी 15.6 प्रतिशत है और 2024 में प्रदेश इस मामले में देश में दूसरे स्थान पर रहा। यह स्थिति मध्यप्रदेश को खनिज आधारित उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण राज्य बनाती है। मानव संसाधन के मामले में भी प्रदेश का प्रदर्शन बेहतर बताया गया है। 2023 में मध्यप्रदेश में 12,819 नए तकनीकी कर्मचारी जुड़े, जबकि राज्यों का औसत करीब 4,000 रहा। नीति आयोग ने कौशल विकास और तकनीकी प्रशिक्षण के जरिए औद्योगिक कार्यबल तैयार करने को प्रदेश की महत्वपूर्ण ताकत माना है। राज्य की नीतियों में निरंतरता भी रिपोर्ट में सकारात्मक पहलू के तौर पर सामने आई है। नीति निरंतरता से जुड़े धारणा संकेतक पर मध्यप्रदेश को बड़े राज्यों के औसत से छह अंक अधिक मिले। लंबे समय के निवेश के लिहाज से इसे महत्वपूर्ण माना गया है।

स्टार्टअप दोगुने से ज्यादा लेकिन इनोवेशन इकोसिस्टम में गैप

मध्यप्रदेश में मान्यता प्राप्त स्टार्टअप की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। 2021 में जहां इनकी संख्या 540 थी, वहीं वित्त वर्ष 2023 में यह बढ़कर 1,264 हो गई। यानी करीब दो साल में संख्या दोगुने से ज्यादा हुई। लेकिन नीति आयोग ने नवाचार के क्षेत्र में कुछ कमजोर कड़ियों की ओर भी ध्यान दिलाया है। वित्त वर्ष 2023 में प्रति लाख आबादी इनक्यूबेटर की संख्या बड़े राज्यों के औसत से 53 प्रतिशत कम रही। इसी तरह प्रति उद्यम पेटेंट आवेदन बड़े राज्यों के औसत से करीब 48 प्रतिशत कम रहे। रिपोर्ट के मुताबिक इससे पता चलता है कि प्रदेश का इनोवेशन इकोसिस्टम अभी विकास के चरण में है और इसमें लक्षित स्तर पर सुधार की जरूरत है।

बैंकिंग नेटवर्क और बिजनेस क्लाइमेट बड़ी चुनौती

मध्यप्रदेश के लिए बिजनेस क्लाइमेट को नीति आयोग ने सुधार की प्रमुख जरूरत माना है। इसमें वित्तीय पहुंच भी एक महत्वपूर्ण मुद्दे के रूप में सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार 2024 में मध्यप्रदेश में प्रति लाख आबादी पर करीब 11 वाणिज्यिक बैंक शाखाएं थीं जबकि राज्यों का औसत 19 था। नीति आयोग ने इसे वित्तीय समावेशन और कारोबार के लिए कर्ज तक पहुंच से जुड़ी चुनौती माना है। यानी निवेश के लिए जमीन, संसाधन और नीतिगत आधार मौजूद होने के बावजूद छोटे कारोबार, उद्यमियों और नए निवेशकों तक बैंकिंग और क्रेडिट की पहुंच मजबूत करना जरूरी होगा।

सड़क और एयर कनेक्टिविटी को और बेहतर करने की जरूरत

रिपोर्ट में निवेश से जुड़े लोगों की राय भी शामिल की गई है। इसमें मध्यप्रदेश में सड़कों की गुणवत्ता और औद्योगिक क्षेत्रों तक कनेक्टिविटी बेहतर करने की जरूरत बताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार कई क्षेत्रों में सड़कों के रखरखाव और ड्रेनेज प्लानिंग पर ध्यान देने की जरूरत है। कई बार सड़क बनने के बाद प्लंबिंग, बिजली और फाइबर लाइन के लिए दोबारा खुदाई होने से सड़कों की गुणवत्ता प्रभावित होती है। ऐसे कामों में बेहतर समन्वय की जरूरत बताई गई है। इसके साथ ही प्रोजेक्ट वाले क्षेत्रों तक तेज पहुंच के लिए बेहतर एयर कनेक्टिविटी की जरूरत भी सामने आई है। रिपोर्ट में निवेशकों की राय के हवाले से हर 100 से 150 किलोमीटर पर एयरपोर्ट जैसी कनेक्टिविटी को उपयोगी बताया गया है।

पुलिस बल की उपलब्धता भी चिंता का विषय

निवेश के माहौल में कानून-व्यवस्था भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। नीति आयोग की रिपोर्ट में मध्यप्रदेश में पुलिस बल की उपलब्धता को सुधार की जरूरत वाले क्षेत्रों में रखा गया है। रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में करीब 138 पुलिसकर्मी प्रति एक लाख आबादी हैं जबकि राष्ट्रीय औसत 194 बताया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस बल की पर्याप्त उपलब्धता कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद कर सकती है।

ये भी पढ़ें: PU Special : दूसरे राज्यों में रोड शो, निवेशकों को GIS का न्योता, प्रदेश की खूबियां, लैंड बैंक और निवेश की सुविधाएं बताएंगे असफर

आठ क्षेत्रों में मध्यप्रदेश का प्रदर्शन

नीति आयोग ने मध्यप्रदेश के प्रदर्शन को आठ अलग-अलग पिलर में रखा है। रिपोर्ट में प्रदेश की relative performance इस प्रकार है:

इंफ्रास्ट्रक्चर - 42 प्रतिशत
बिजनेस क्लाइमेट - 28 प्रतिशत
रिसोर्सेज - 51 प्रतिशत
सरकारी नीति - 54 प्रतिशत
नियामकीय सुगमता - 66 प्रतिशत
संस्थागत वातावरण - 71 प्रतिशत
वित्तीय स्वास्थ्य - 57 प्रतिशत
पर्यावरणीय लचीलापन - 73 प्रतिशत

इन प्रतिशतों का मतलब प्रदेश का इन क्षेत्रों में दूसरे राज्यों की तुलना में सापेक्ष प्रदर्शन है। इन्हें सीधे 100 में प्राप्त अंक नहीं माना जाना चाहिए।

GIS से पहले निवेश के माहौल का मिला रिपोर्ट कार्ड

मध्यप्रदेश में अगले चरण में जोर निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने पर रहेगा। नीति आयोग का सूचकांक भी यही बताता है कि प्रदेश के पास निवेश के लिए संसाधन, नीतिगत निरंतरता और संस्थागत आधार मौजूद है लेकिन कारोबार के रोजमर्रा के माहौल, वित्तीय पहुंच, सड़क और एयर कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में सुधार की गुंजाइश बनी हुई है। ऐसे में GIS-2027 जैसे बड़े निवेश मंच से पहले यह रिपोर्ट मध्यप्रदेश के लिए एक तरह से निवेश की जमीन का रिपोर्ट कार्ड भी है। एक ओर प्रदेश को 48.9 के स्कोर के साथ सातवां स्थान मिला है, वहीं दूसरी ओर रिपोर्ट ने उन क्षेत्रों को भी स्पष्ट कर दिया है जहां सुधार के जरिए निवेश का माहौल और मजबूत किया जा सकता है।

ये भी पढ़ें: PU Special : मप्र में निवेश का पूरा पैकेज: 43 हजार एकड़ औद्योगिक जमीन, खनिज संपदा से लेकर हाईवे तक मजबूत आधार

औद्योगिक सुविधाओं को मजबूत करने पर सरकार का जोर

औद्योगिक विकास निगम के एमडी चंद्रमौली शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है। औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी और लॉजिस्टिक्स जैसी जरूरी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है, ताकि निवेशकों को परियोजनाएं स्थापित करने में आसानी हो। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप, नवाचार और तकनीकी कौशल को बढ़ावा देने के साथ प्रदेश में नए निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में भी काम जारी है।

Sumit  Shrivastava
By Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

Latest Posts