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बालाघाट में बैगा बच्चों की मौत का सच तलाशेगी सात सदस्यीय विशेषज्ञ टीम, सोमवार से शुरू होगी जांच

बालाघाट के बैगा बहुल क्षेत्रों में पिछले तीन महीनों में बच्चों की मौत के मामलों की राज्य स्तरीय विशेषज्ञ टीम जांच करेगी। सात सदस्यीय दल सोमवार को जिले में पहुंचेगा। मलेरिया, खसरा, कुपोषण, निमोनिया समेत अन्य संभावित कारणों की पड़ताल होगी। सरकारी आंकड़े 32 मौतों के हैं, जबकि कांग्रेस ने 44 मौतों का दावा किया है।
बालाघाट में बैगा बच्चों की मौत का सच तलाशेगी सात सदस्यीय विशेषज्ञ टीम, सोमवार से शुरू होगी जांच
प्रतीकात्मक चित्र।

बालाघाट। बैगा बहुल क्षेत्रों में बीते तीन महीनों के दौरान बच्चों की हुई मौतों को लेकर अब राज्य स्तर पर विशेषज्ञों की टीम जांच करेगी। सात सदस्यीय यह दल सोमवार को बालाघाट पहुंचेगा और बच्चों की मौत से जुड़े मामलों की समीक्षा कर वास्तविक कारणों का पता लगाने का प्रयास करेगा। टीम में प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेज और एम्स में सेवाएं दे रहे विशेषज्ञ चिकित्सक शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार विशेषज्ञों की टीम का गठन पहले ही कर दिया गया था, लेकिन सदस्यों की व्यस्तता के कारण उनका दौरा टलता रहा। अब टीम जिले में पहुंचकर उपलब्ध स्वास्थ्य एवं प्रशासनिक रिकार्ड के आधार पर मामलों की जांच करेगी। विभाग ने टीम में शामिल विशेषज्ञों के नाम फिलहाल सार्वजनिक नहीं किए हैं।

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मौत के कारणों की होगी पड़ताल

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शत्रुघ्न दाहिया ने बताया कि जांच में यह स्पष्ट करने का प्रयास किया जाएगा कि बच्चों की मौत किन परिस्थितियों में हुई। मलेरिया, खसरा, कुपोषण, निमोनिया सहित अन्य संभावित बीमारियों और संयुक्त कारणों को भी जांच के दायरे में रखा जाएगा। प्रशासनिक रिकार्ड में दर्ज मौतों के अलावा यदि संबंधित अवधि में अन्य बच्चों की मृत्यु हुई है तो उसकी भी जानकारी जुटाई जाएगी। अब तक प्रशासन ने 32 मृत बच्चों के स्वजन को मुआवजा राशि उपलब्ध कराई है। इसी आधार पर सरकारी आंकड़ा 32 मौतों का है। दूसरी ओर कांग्रेस द्वारा 44 बच्चों की मौत होने का दावा किया जा रहा है। मौतों की संख्या को लेकर सामने आ रहे इस अंतर के बीच राज्य स्तरीय विशेषज्ञ टीम की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति और मौतों के कारणों को लेकर तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

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Sanjay Tiwari
By Sanjay Tiwari

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